पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
भारत जहाजों के स्वामित्व, पट्टे पर देने और समुद्री क्षेत्र में वित्तपोषण का वैश्विक केंद्र बनने की ओर अग्रसर: श्री सर्बानंद सोनोवाल
गिफ्ट सिटी भारत की समुद्री वित्त से जुड़ी महत्वाकांक्षाओं के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में उभर रही है
केंद्रीय मंत्री श्री सोनोवाल ने गिफ्ट सिटी स्थित आईएफएससी में इंडिया शिप लीजिंग एंड फाइनेंसिंग समिट को संबोधित किया
प्रविष्टि तिथि:
10 SEP 2026 6:48PM by PIB Delhi
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल आज गांधीनगर के गिफ्ट सिटी क्लब में इंडिया शिप लीजिंग एंड फाइनेंसिंग समिट में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस समिट का आयोजन इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी (आईएफएससीए) ने पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के सहयोग से किया।
इस समिट में नीति-निर्माता, जहाज के मालिक, पट्टेदार, चार्टरर्स, फाइनेंसर और समुद्री क्षेत्र से जुड़े हितधारक एक मंच पर आए। उन्होंने भारत के जहाज के स्वामित्व, पट्टे पर देने और वित्तपोषण इकोसिस्टम बनाने के प्रयासों पर विचार-विमर्श किया और गिफ्ट सिटी को इस महत्वाकांक्षा को साकार करने के लिए प्रमुख मंच बनाया गया है।
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए, श्री सोनोवाल ने भारत की समुद्री विरासत का उल्लेख किया और साथ ही सिंधु घाटी सभ्यता व गुजरात के प्राचीन लोथल बंदरगाह के बारे में भी बात की। सोनोवाल ने कहा, "यह समिट हमारी उस सामूहिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है जिसका उद्देश्य भारत, और विशेष रूप से गिफ्ट सिटी को एक वैश्विक समुद्री केंद्र के रूप में स्थापित करना है। यह केंद्र जहाज पट्टे पर देने, स्वामित्व, वित्तपोषण, बीमा, ब्रोकरिंग और अन्य सहायक सेवाओं को शामिल करते हुए एक व्यापक समुद्री मूल्य श्रृंखला तंत्र का निर्माण करेगा।"
केंद्रीय मंत्री ने भारत के बढ़ते समुद्री बेड़े का उल्लेख किया; अब 38 जहाज पट्टेदार पंजीकृत हैं और कुल मिलाकर 43 जहाजों को पट्टे पर दे रहे हैं, जिससे कुल पट्टे (लीज़िंग) की क्षमता 2.99 मिलियन डीडब्ल्यूटी से अधिक हो गई है और इनमें से 24 जहाजों पर अब भारतीय ध्वज फहराते हैं। उन्होंने बताया कि आईएफएससी में 41 घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बैंकों की स्थापना की गई है और जहाज पट्टे पर देने वाली कंपनियों को लगभग 60.1 मिलियन अमेरिकी डॉलर की फंडिंग दी है। साथ ही, गिफ्ट सिटी में डीजीएमए का पहला क्षेत्रीय कार्यालय खुलने से जहाज के मालिकों व ऑपरेटरों के लिए यह इकोसिस्टम और मज़बूत होगा।
सोनोवाल ने भारत के पोत परिवहन सेक्टर को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद करने वाले अहम सुधारों के बारे में बताया। इनमें चार्टर पर लिए गए विदेशी जहाजों को 'कोस्टल शिपिंग एक्ट, 2025' के तहत लाइसेंसिंग आवश्यकताओं से छूट देना और गिफ्ट आईएफएससी-आधारित शिपिंग कंपनियों को विदेशी ध्वज वाले पोतों के स्वामित्व की अनुमति शामिल है। सोनोवाल ने यह भी कहा, "असल में, यह हमारे जहाजों के बेड़े को गिनने के तरीके में एक बदलाव को दिखाता है- यानी हमारे झंडे वाले जहाजों के बजाय उन जहाजों को गिनना जिनका स्वामित्व और नियंत्रण हमारे पास है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के शानदार नेतृत्व ने गिफ्ट सिटी के विचार को साकार रूप दिया, और अब यह भारत में समुद्री क्षेत्र के विकास के अगले चरण का लॉन्चपैड बनने को तैयार है।"
केंद्रीय मंत्री ने मोदी सरकार की इस क्षेत्र के प्रति वित्तीय प्रतिबद्धताओं को उद्धृत किया, जिसमें 25,000 करोड़ रुपये का समुद्री विकास कोष शामिल है जिससे 2030 तक 1.5 लाख करोड़ रुपये तक के निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, और 2036 तक विस्तारित 24,736 करोड़ रुपये के संशोधित परिव्यय वाली शिपबिल्डिंग फाइनेंशियल असिस्टेंस स्कीम (एसबीएफएएस) 2.0 शामिल है, जिनका उद्देश्य भारतीय शिपयार्ड और पोत स्वामित्व को सुदृढ़ करना है।
केंद्रीय मंत्री ने इस गति का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन को दिया, और मैरीटाइम इंडिया विज़न (एमआईवी) 2030 तथा मैरीटाइम अमृत काल विज़न (एमएकेवी) 2047 को ऐसे रोडमैप के रूप में रेखांकित किया जो भारत के बेड़े के विस्तार, बंदरगाह क्षमता और तटीय पोत परिवहन को बढ़ावा देने तथा भारत को वैश्विक स्तर पर शीर्ष पांच जहाज निर्माण देशों में शामिल करने के लिए हैं। उन्होंने भारत के दुनिया के सबसे बड़े जहाज पुनर्चक्रण देश के रूप में उभरने का भी उल्लेख किया, जहां वैश्विक टन भार में इसकी हिस्सेदारी 2024 के 30.1 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 35.4 प्रतिशत हो गई है।
इस अवसर पर पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के सचिव विजय कुमार; आईएफएससीए के अध्यक्ष के. राजारमन; और गुजरात सरकार के पत्तन और परिवहन विभाग के प्रधान सचिव श्री हरीत शुक्ला भी उपस्थित थे।


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पीके/केसी/एसके/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2308925)
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