सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
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पीएम-अजय, अनुसूचित जाति समुदायों के एकीकृत विकास और आर्थिक सशक्तिकरण को आगे बढ़ाता है; पीएम-अजय के तहत ‘आदर्श ग्राम’ के बारे में विस्तृत विवरण https://pmagy.gov.in/ पर उपलब्ध है


892 गांवों को ‘आदर्श ग्राम’ घोषित किया गया; 2023-24 से 2025-26 के दौरान 1.19 लाख लाभार्थियों को शामिल किया गया

आजीविका, कौशल विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े उपाय समावेशी विकास को मजबूत करते हैं

प्रविष्टि तिथि: 02 SEP 2026 7:00PM by PIB Delhi

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय एकीकृत ग्राम विकास, आजीविका संबंधी अवसरों, कौशल विकास और जरूरी बुनियादी ढांचे के जरिए अनुसूचित जाति समुदायों का सामाजिक-आर्थिक विकास करने के उद्देश्य से ‘प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) को कार्यान्वित कर रहा है।

वित्तीय वर्ष 2018-19 से, आंध्र प्रदेश में पीएम-अजय के ‘आदर्श ग्राम’ घटक के तहत कुल 1,159 गांवों का चयन किया गया है। इनमें से 892 गांवों को राज्य सरकार ने ‘आदर्श ग्राम’ घोषित किया है, जो ग्राम-स्तर पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सामाजिक-आर्थिक नतीजों में उल्लेखनीय प्रगति को दर्शाता है।

तिरुपति में चुने गए गांवों की संख्या सबसे अधिक (221) है। इसके बाद प्रकाशम (111), चित्तूर (101), एलुरु (99) और कृष्णा (88) का स्थान है। कृष्णा में चुने गए सभी 88 गांवों को ‘आदर्श ग्राम’ घोषित किया गया है। श्री सत्य साईं और विजयनगरम में चुने गए सभी गांवों को भी ‘आदर्श ग्राम’ का दर्जा हासिल हुआ है।

यह योजना अनुसूचित जाति बहुल गांवों में सामाजिक-आर्थिक असमानताओं को कम करने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने हेतु एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाती है। इसके मुख्य घटकों में पात्र गांवों को ‘आदर्श ग्राम’ के रूप में विकसित करना, जिला एवं राज्य-स्तरीय सामाजिक-आर्थिक विकास परियोजनाओं के लिए सहायता-अनुदान प्रदान करना और उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रावासों का निर्माण व मरम्मत शामिल है।

एक ‘आदर्श ग्राम’ से यह उम्मीद की जाती है कि वहां जरूरी भौतिक एवं सामाजिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध हो और वह सामाजिक-आर्थिक विकास के निर्धारित पैमानों पर प्रगति दर्शाए। ग्राम स्तर पर हुई प्रगति का आकलन विकास के अहम क्षेत्रों और जरूरी सेवाओं की सुलभता से जुड़े मापने योग्य पैमानों के आधार पर किया जाता है।

वर्तमान में, चुने गए कुल 267 गांव ‘आदर्श ग्राम’ का दर्जा हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इन गांवों में जहां बुनियादी ढांचे की कमियों को पूरा करने का काम चल रहा है, वहीं  सामाजिक-आर्थिक विकास के पैमानों पर 100 में से 70 अंक हासिल करने के प्रयास भी जारी हैं।

पीएम-अजय के सहायता-अनुदान घटक के तहत, वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 के दौरान आंध्र प्रदेश में 1,19,679 लाभार्थियों को लाभ प्रदान किया गया। इस सहायता में बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े कामों के तहत 1,11,697 लाभार्थी, आय सृजन एवं आजीविका से जुड़ी गतिविधियों के तहत 6,132 लाभार्थी और कौशल विकास कार्यक्रमों के तहत 1,850 लाभार्थी शामिल थे।

बुनियादी ढांचे के विकास से सबसे अधिक लोग लाभान्वित हुए। प्रकाशम में 12,571 लाभार्थी थे। इसके बाद एलुरु में 9,747, पलनाडू में 7,099, तिरुपति में 5,897 और काकीनाडा में 5,764 लाभार्थी थे।

आय सृजन वाली गतिविधियों के तहत, प्रकाशम में 389 लाभार्थियों को शामिल किया गया। इसके बाद तिरुपति में 376, एसपीएसआर नेल्लोर में 367, एलुरु में 327 और डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनासीमा में 308 लाभार्थी शामिल थे।

रोजगार की क्षमता बढ़ाने और आजीविका के टिकाऊ अवसरों तक पहुंच आसान बनाने हेतु विभिन्न जिलों में कौशल विकास कार्यक्रम लागू किए गए। एनटीआर और तिरुपति मेंसे प्रत्येक में 160 लाभार्थियों को शामिल किया गया। जबकि पूर्वी गोदावरी, गुंटूर और एसपीएसआर नेल्लोर मेंसे प्रत्येक में 130 लाभार्थियों को शामिल किया गया।

आदर्श ग्राम घटक, जरूरतों पर आधारित ग्राम विकास योजनाओं के जरिए एकीकृत विकास को बढ़ावा देता है। ये योजनाएं बुनियादी ढांचे एवं सेवाओं की आपूर्ति में मौजूद कमियों की पहचान और केन्द्र व राज्य सरकारों की संबंधित योजनाओं के साथ तालमेल बिठाने में मदद करती हैं।

पीएम-अजय के तहत कमी को पूरा करने वाली सहायता का उद्देश्य उन अहम जरूरतों को पूरा करना है जिन्हें मौजूदा कार्यक्रमों द्वारा समग्र रूप से पूरा नहीं किया जा सकता। यह दृष्टिकोण चुने हुए गांवों को बुनियादी सेवाओं को सुदृढ़ करने और मुख्य सामाजिक-आर्थिक पैमानों पर मापने योग्य प्रगति हासिल करने में समर्थ बनाता है।

सहायता-अनुदान वाला घटक आजीविका सृजन, कौशल विकास और बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं में सहायता प्रदान करके ग्राम स्तर पर विकास को बढ़ावा देता है, जिनसे अनुसूचित जाति समुदायों को सीधे लाभ होता है।

आंध्र प्रदेश को वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 के दौरान ‘आदर्श ग्राम’ योजना के तहत कोई अतिरिक्त फंड जारी नहीं किया जा सका, क्योंकि पहले जारी फंड का कुछ हिस्सा खर्च नहीं हुआ था और उपयोग प्रमाण-पत्र लंबित थे। आगे फंड जारी करना इस बात पर निर्भर करेगा कि पहले जारी फंड का कितना उपयोग हुआ है और जरूरी दस्तावेज जमा किए गए हैं या नहीं।

पीएम-अजय के जरिए, सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, आर्थिक अवसरों का विस्तार करने और अनुसूचित जाति समुदायों के समावेशी व टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

पीएम-अजय के तहत ‘आदर्श ग्राम’ घटक के बारे में विस्तृत जानकारी https://pmagy.gov.in/ पर उपलब्ध है।

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पीके/केसी/आर


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