मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह 36.49 करोड़ रुपये की लागत वाली मत्स्यपालन अवसंरचना परियोजनाओं का शुभारंभ किया
मत्स्य पालन मूल्य श्रृंखला को बढ़ावा देने और आजीविका के बेहतर अवसर पैदा करने के लिए मत्स्य पालन अवसंरचना को मजबूत करने पर विशेष जोर
प्रविष्टि तिथि:
31 AUG 2026 6:08PM by PIB Delhi
भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय का मत्स्य पालन विभाग, 1 सितंबर 2026 को पुडुचेरी के कामराजार मणिमंडपम में एक कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इस कार्यक्रम में पीएमएमएसवाई के तहत मत्स्य पालन अवसंरचना परियोजनाओं की शुरुआत की जाएगी और नीली अर्थव्यवस्था के तहत सहकारी-संचालित समुद्री शैवाल की खेती के लिए 'बहु-आयामी क्षमता निर्माण सम्मेलन' आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य मत्स्य पालन अवसंरचना को मजबूत करना, तटीय समुदायों के लिए आजीविका के स्थायी अवसरों को बढ़ावा देना, मूल्य श्रृंखला की दक्षता बढ़ाना और सहकारी-संचालित दृष्टिकोण के माध्यम से विकास में तेजी लाना है।
इस आउटरीच कार्यक्रम में केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह; केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी तथा पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल; पुडुचेरी के उप- राज्यपाल श्री के. कैलाशनाथन, पुडुचेरी के मुख्यमंत्री थिरु एन. रंगासामी, पुडुचेरी विधानसभा के अध्यक्ष थिरु ए. अनबलगन, मत्स्य पालन मंत्री, पुडुचेरी, श्री मल्लाडी कृष्ण राव, कृषि मंत्री, पुडुचेरी, श्री जी. एन. एस. राजशेखरन, गृह मंत्री, पुडुचेरी श्री ए. नमस्सिवयम; मुख्यमंत्री के सलाहकार ए. जॉन कुमारदास; नागरिक आपूर्ति मंत्री, पुडुचेरी, वी. पी. शिवकोलुंधु; सांसद (लोकसभा), पुडुचेरी श्री वी. वैथिलिंगम; सांसद (राज्यसभा), पुडुचेरी श्री एस. सेल्वगनपति; भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग के सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी और पुडुचेरी सरकार के मुख्य सचिव, डॉ. शरत चौहान उपस्थित रहेंगे।
इस कार्यक्रम में मछली पालन करने वाले किसान और मछुआरे, जिनमें महिला किसान और मछुआरे भी शामिल हैं, व्यक्तिगत रूप से भाग लेंगे। साथ ही, भारत सरकार और पुडुचेरी सरकार के मत्स्य पालन विभाग के अधिकारी और मत्स्य पालन मूल्य श्रृंखला से जुड़े हितधारक भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत पुडुचेरी स्थायी और अवसंरचना-आधारित मछली पालन विकास के लिए एक मॉडल के रूप में उभर रहा है। समुद्री संसाधनों की प्रचुरता और मछली पकड़ने वाले जीवंत समुदाय के साथ, इस केंद्र शासित प्रदेश में आधुनिक मछली पालन अवसंरचना में बड़े निवेश हुए हैं। इनमें थेनगैथिट्टू फिशिंग हार्बर का उन्नयन और नल्लावाडु में अत्याधुनिक फिश लैंडिंग सेंटर की स्थापना शामिल है। इन सुविधाओं से मछली के रख-रखाव, नावों को खड़ा करने की जगह, नीलामी और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है, जिससे तटीय क्षेत्र के हजारों मछुआरों और 600 से अधिक मछली पकड़ने वाले परिवार लाभान्वित हुए हैं। पुडुचेरी, कराईकल स्थित उन्नत नवाचार और क्षमता विकास केंद्र (एसीआईसीडी) के माध्यम से सहकारी-आधारित समुद्री शैवाल की खेती में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह केंद्र खासकर महिला मछुआरों के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग करता है और स्थायी आजीविका को बढ़ावा देता है। ये सभी पहल मिलकर मछली पालन मूल्य श्रृंखला को मजबूत कर रही हैं, रोजगार पैदा कर रही हैं, आय बढ़ा रही हैं और केंद्र शासित प्रदेश में एक समृद्ध नीली अर्थव्यवस्था के विजन को आगे बढ़ा रही हैं।
इस गति को और तेज करते हुए, भारत सरकार ने मछली पालन मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने के लिए क्लस्टर दृष्टिकोण अपनाया है। इसके लिए पीएमएमएसवाई के तहत पुडुचेरी के कराईकल को 'फिशिंग हार्बर क्लस्टर' के रूप में अधिसूचित किया गया है और कराईकल में कुल 119.94 करोड़ रुपये की लागत से एक 'स्मार्ट और एकीकृत फिशिंग हार्बर' भी विकसित किया जा रहा है। यह आधुनिक सुविधा नावों को सुरक्षित रूप से खडा करने, स्वच्छ तरीके से मछली का रख-रखाव करने और कुशल विपणन को संभव बनाएगी। साथ ही, यह परिचालन दक्षता में सुधार करेगी, मछली पालन मूल्य श्रृंखला को मजबूत करेगी और तटीय समुदायों के लिए आजीविका के बेहतर अवसर पैदा करेगी।
यह एकीकृत दृष्टिकोण मछली कृषक उत्पादक संगठन (एफएफपीओ) और मछली पालन सहकारी समितियों को उनकी संस्थागत क्षमता को मजबूत करने और आधुनिक अवसंरचना, वित्त, तकनीक, मूल्य संवर्धन और बाजारों तक उनकी पहुंच को बेहतर बनाने के जरिये उनके केंद्रित विकास में सहायता करेगा। मछली पालन मूल्य श्रृंखला में सामूहिक कार्रवाई और अधिक भागीदारी को सक्षम करके, यह पहल पुडुचेरी की मछली पालन की संभावनाओं का स्थायी तरीके से दोहन करने, आय बढ़ाने और तटीय समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा करने में मदद करेगी।
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पीके /केसी / जेके
(रिलीज आईडी: 2305114)
(रिलीज़ आईडी: 2305237)
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