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महेश्वरी समाज की सेवा, त्याग और सामाजिक प्रतिबद्धता की गौरवशाली एवं प्रेरणादायी विरासत रही है : लोक सभा अध्यक्ष


राष्ट्र निर्माण सरकार और समाज, दोनों की साझा जिम्मेदारी है : लोक सभा अध्यक्ष

सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देश के सुदूरतम क्षेत्रों तक पहुँचनी चाहिए : लोक सभा अध्यक्ष

लोक सभा अध्यक्ष ने जयपुर में महेश्वरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर के शिलान्यास समारोह को संबोधित किया

प्रविष्टि तिथि: 22 AUG 2026 4:39PM by PIB Delhi

लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने आज जयपुर के महेश्वरी समाज को महेश्वरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर की स्थापना के माध्यम से मानव सेवा की अपनी यात्रा में एक नए और महत्वपूर्ण अध्याय का शुभारंभ करने के लिए बधाई दी।संस्थान के शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि महेश्वरी समाज की सेवा, त्याग, समर्पण और सामाजिक दायित्व की एक गौरवशाली एवं अत्यंत प्रेरणादायी विरासत रही है। यह ऐसी विरासत है जिसने समाज को आलोकित किया है और पीढ़ियों को प्रेरणा दी है।

शिक्षा के प्रसार में समाज के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख करते हुए श्री बिरला ने कहा कि वर्ष 1926 में, जब भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था और नगरों एवं गांवों दोनों में शिक्षा के अवसर अत्यंत सीमित थे, तब महेश्वरी समाज के दूरदर्शी सदस्यों ने एक प्रबुद्ध, सुसंस्कृत और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए शिक्षा के महत्व को भली-भांति समझ लिया था। सीमित संसाधनों और अनेक कठिन चुनौतियों के बावजूद उन्होंने उल्लेखनीय प्रतिबद्धता के साथ अपने संसाधनों को एकजुट कर विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की।

श्री बिरला ने आगे कहा कि महेश्वरी समाज ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में भी सार्थक योगदान दिया तथा पूज्य भामाशाह से जुड़ी त्याग और राष्ट्रभक्ति की अमर परंपरा को आगे बढ़ाया। अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी समाज जनसेवा के अपने संकल्प पर अडिग रहा। जहाँ शिक्षा की सुविधाओं का अभाव था, वहाँ विद्यालय स्थापित किए गए और जहाँ दूर-दराज से आने वाले यात्रियों के लिए ठहरने की व्यवस्था नहीं थी, वहाँ धर्मशालाओं का निर्माण कर उन्हें आश्रय और सुविधा प्रदान की गई।

लोक सभा अध्यक्ष ने कहा कि महेश्वरी समाज की सेवा-भावना किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रही। विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों से लेकर अस्पतालों, औषधालयों, सामुदायिक केंद्रों, छात्रावासों और छात्रवृत्तियों तक, महेश्वरी समाज ने सदैव समाज के समक्ष विद्यमान आवश्यकताओं और चुनौतियों को पहचानने तथा उनके समाधान के लिए सामूहिकता और संवेदनशीलता के साथ कार्य किया है।

कोविड-19 महामारी से उत्पन्न अभूतपूर्व चुनौती का उल्लेख करते हुए श्री बिरला ने कहा कि भारत ने अपनी सामूहिक सामाजिक चेतना और एक-दूसरे की देखभाल एवं सहायता करने की अपनी प्राचीन परंपरा से अपार शक्ति प्राप्त की। उन्होंने कहा कि सामूहिक उत्तरदायित्व, करुणा औरवसुधैव कुटुम्बकम्’ — अर्थात समस्त विश्व एक परिवार हैका शाश्वत भारतीय आदर्श समाज को अत्यंत कठिन परिस्थितियों का सामना करने और उनसे उबरने की नैतिक शक्ति एवं दृढ़ता प्रदान करता है।

इस बात पर बल देते हुए कि राष्ट्र निर्माण एक सामूहिक प्रयास है, श्री बिरला ने कहा कि एक सशक्त, समृद्ध और संवेदनशील भारत के निर्माण की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं है। नागरिकों, स्वैच्छिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं की भी इस राष्ट्रीय दायित्व में समान रूप से महत्वपूर्ण भूमिका है। समाज और राष्ट्र के प्रति योगदान को सदैव आर्थिक कसौटी पर नहीं आंका जाना चाहिए; परिश्रम, समर्पण, व्यावसायिक दक्षता, ज्ञान और निःस्वार्थ सेवा के माध्यम से भी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

नए चिकित्सा संस्थान के महत्व को रेखांकित करते हुए श्री बिरला ने कहा कि वर्तमान समय में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और स्वास्थ्य सेवाओं का महत्व और अधिक बढ़ गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक, विशेषकर दूरस्थ गांवों और सुदूर बस्तियों में निवास करने वाले लोगों तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि सस्ती, सुलभ और उच्च गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा किसी भी नागरिक की पहुँच से बाहर नहीं होनी चाहिए।

इस परियोजना के पीछे निहित संकल्प की सराहना करते हुए श्री बिरला ने कहा कि महेश्वरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर को एक आदर्श धर्मार्थ अनुसंधान संस्थान के रूप में विकसित होने का प्रयास करना चाहिए, जिसके कार्य और उपलब्धियां पूरे देश के लिए अनुकरणीय उदाहरण बन सकें। उन्होंने कहा कि संस्थान की भूमिका केवल चिकित्सा एवं उपचार तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे उत्कृष्ट चिकित्सा एवं नर्सिंग शिक्षा, उन्नत अनुसंधान, नवाचार तथा समाज की उभरती स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप नए समाधान विकसित करने के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब समाज के समक्ष कोई महान उद्देश्य हो और उसे दृढ़ संकल्प का संबल प्राप्त हो, तो संसाधनों का अभाव कभी बाधा नहीं बनता। श्री बिरला ने कहा कि धन का सर्वोच्च सदुपयोग समाज के कल्याण और उत्थान में निहित है तथा व्यक्ति को सबसे गहरा और चिरस्थायी सम्मान तब प्राप्त होता है, जब उसकी सफलता और संसाधन व्यापक जनहित के लिए समर्पित होते हैं।

श्री बिरला ने महेश्वरी समाज और इस दूरदर्शी पहल से जुड़े सभी लोगों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महेश्वरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर सेवा और करुणा का एक चिरस्थायी प्रतीक बनेगा तथा राजस्थान और देशभर के लोगों को गुणवत्तापूर्ण, सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

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AM


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