इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय
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सरकार ने 'इंडिया-एआई मिशन' और सेमीकंडक्टर पहलों के माध्यम से स्वदेशी एआई अवसंरचना का किया विस्तार


स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल, एआई कंप्यूट क्षमता और 'सेमीकॉन 2.0' से प्रौद्योगिकी आत्मनिर्भरता होगी मजबूत

प्रविष्टि तिथि: 06 AUG 2026 4:05PM by PIB Delhi

भारत की एआई रणनीति प्रौद्योगिकी के उपयोग को सबके लिए सुलभ बनाने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण पर आधारित है। इसका उद्देश्य भारत-केंद्रित चुनौतियों का समाधान करना और सभी भारतीयों के लिए आर्थिक और रोजगार के अवसर पैदा करना है।

सरकार सेमीकंडक्टर विनिर्माण, कंप्यूटिंग अवसंरचना, फाउंडेशनल मॉडल और उन्नत अनुसंधान इकोसिस्टम में सीमित घरेलू क्षमताओं से जुड़े जोखिमों के प्रति सचेत है और उसने एआई मूल्य श्रृंखला  में स्वदेशी प्रौद्योगिकी को विकसित करने के लिए 'इंडिया-एआई' और 'इंडिया सेमीकंडक्टर' मिशनों के तहत एक बहु-आयामी और संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है।

'इंडिया-एआई' मिशन

सरकार ने 7 मार्च 2024 को 'इंडिया-एआई' मिशन को मंज़ूरी दी, जिसके लिए पाँच वर्षों में कुल 10,371.92 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। यह भारत के विकास लक्ष्यों के अनुरूप एक मज़बूत और समावेशी एआई इकोसिस्टम बनाता है।

स्वदेशी मॉडल:

30 जनवरी 2025 को जारी प्रस्तावों के आह्वान के तहत प्राप्त 506 आवेदनों में से, 20 स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल प्रस्तावों की सहायता के लिए पहचान की गई है—जिसमें 12 लार्ज मल्टीमॉडल मॉडल (एलएमएम) और 8 स्मॉल लैंग्वेज मॉडल (एसएलएम) शामिल हैं। इनका बौद्धिक संपदा अधिकार आवेदकों के पास ही रहेगा। पहले से शुरू किए गए प्रमुख आउटपुट इसमें शामिल हैं:

● ‘सर्वम एआई के 30 बिलियन और 105 बिलियन पैरामीटर मॉडल, और इंडस

● ‘जीननि.एआई का स्पीच-टू-स्पीच मॉडल

● ‘भारतजेन के बहुभाषी फाउंडेशन मॉडल (परम2-17बी, पत्रम-7बी और श्रुतम-2)

● ‘अवतार एआई का वीडियो जेनरेशन मॉडल

कंप्यूट:

  • चार राउंड में 15 कंप्यूट सेवा प्रदाताओं को शामिल किया गया है।
  • सब्सिडी वाले कंप्यूट सपोर्ट के लिए  237 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है और 93.18 लाख जीपीयू घंटे मंज़ूर किए गए हैं।
  • एनआईसी डेटा सेंटर, शास्त्री पार्क, दिल्ली में लगभग 1.1 इएफएलओपीएस की हाई-परफॉर्मेंस एआई कंप्यूट सिस्टम के लिए खरीद का आदेश जारी किया गया है।

एप्लिकेशन विकास:

  • 11 राष्ट्रीय स्तर के हैकाथॉन/नवाचार चुनौतियाँ शुरू की गई हैं।
  • 62 एआई प्रोटोटाइप विकसित किए गए हैं और सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों में 20 एआई समाधान तैनात किए गए हैं।

उत्कृष्टता केंद्र :

  • राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थापना के लिए 58 एआई उत्कृष्टता केंद्रों की मंजूरी दी गई है, जिनमें से आज तक 13 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 22 केंद्रों को शुरू किया जा चुका है।

सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई:

  • पूर्वाग्रह उन्मूलन, मशीन अनलर्निंग, गोपनीयता-संरक्षित एआई, एल्गोरिदम ऑडिटिंग और व्याख्यात्मकता का समाधान करने वाली 13 परियोजनाओं का चयन किया गया है।

इंटरडिसिप्लिनरी साइबर-फिजिकल सिस्टम्स पर राष्ट्रीय मिशन:

केंद्रीय मंत्रिमंडल से स्वीकृत 3,660 करोड़ रुपये के परिव्यय  के साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग 'इंटरडिसिप्लिनरी साइबर-फिजिकल सिस्टम्स पर राष्ट्रीय मिशन' (एनएम-आईसीपीएस) को लागू कर रहा है। इस मिशन के तहत:

  • देश भर के शैक्षणिक संस्थानों में 25 प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र (टीआईएच) स्थापित किए गए हैं, जिनमें से प्रत्येक एआई और मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, आईओटी और इंटरनेट ऑफ एवरीथिंग (आइओइ), साइबर सुरक्षा, खनन, क्वांटम प्रौद्योगिकियों तथा फिनटेक सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखता है।
  • ये टीआईएच साइबर-फिजिकल सिस्टम्स में प्रोटोटाइप और उत्पादों के निर्माण की दिशा में प्रौद्योगिकी विकास और प्रयोगात्मक अनुसंधान का कार्य करते हैं।
  • फैलोशिप-समर्थित यूजी/पीजी, पीएचडी और पोस्ट-डॉक्टोरल कार्यक्रमों, संकाय विकास कार्यक्रमों और अल्पकालिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के माध्यम से मानव संसाधन और कौशल विकास का कार्य किया जाता है।
  • सरकारी संगठनों और उद्योग को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के साथ-साथ फंडिंग, इनक्यूबेशन और मेंटरिंग के माध्यम से नवाचार, उद्यमिता और डीप-टेक स्टार्टअप्स को सहायता प्रदान की जाती है।

घरेलू सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती

आत्मनिर्भर भारत और भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का एक वैश्विक केंद्र बनाने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, सरकार ने सेमीकंडक्टर सहित संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के विकास के लिए संरचित और लक्षित नीतिगत पहलों को अपनाया है।

सेमीकंडक्टर उद्योग एक बुनियादी उद्योग है। अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्र जैसे औद्योगिक, उपभोक्ता, रक्षा, दूरसंचार और ऑटोमोटिव आदि सेमीकंडक्टर पर निर्भर हैं। यह क्षेत्र तकनीकी नवाचार, आर्थिक विकास और रणनीतिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देकर परिवर्तनकारी लाभ प्रदान करता है।

पूरी अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सेमीकंडक्टर के रणनीतिक महत्व को समझते हुए, सरकार ने जनवरी 2022 में सेमीकंडक्टर फैब, डिस्प्ले फैब, सेमीकंडक्टर पैकेजिंग स्थापित करने और भारतीय डिज़ाइन वाली चिप्स को बढ़ावा देने के लिए 'सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम' शुरू किया। अब तक, इस कार्यक्रम के तहत कुल 1.64 लाख करोड़ रुपये के निवेश वाले 12 मैन्युफैक्चरिंग परियोजनाओं  को मंज़ूरी दी गई है, जिनमें से 3 परियोजनाओं  में व्यवसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है।

इस कार्यकम की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 15 जुलाई 2026 को 1,27,500 करोड़ रुपये के बजट के साथ 'सेमीकॉन 2.0' को मंज़ूरी दी। 'सेमीकॉन 2.0' का मकसद भारतीय डिज़ाइन वाली चिप्स के डिज़ाइन और विकास में तेज़ी लाना, सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन यूनिट्स (फैब्स) और एडवांस्ड पैकेजिंग का विस्तार करना और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के लिए ज़रूरी सामग्री, गैस और उपकरण समेत व्यापक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विकास में सहयोग करना है।

अंतर्राष्ट्रीय सहयोग:

भारत अमेरिका और अन्य भागीदार देशों के साथ मिलकर वैश्विक सिलिकॉन आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित करने और एक मजबूत प्रौद्योगिकी तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए 'इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026' में 'पैक्स सिलिका' गठबंधन में शामिल हुआ।

ये प्रयास एक आत्मनिर्भर, समावेशी और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी एआई इकोसिस्टम के निर्माण के प्रति सरकार के केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।

एआई अवसंरचना और आत्मनिर्भरता पर भारत की स्थिति का आकलन

नवंबर 2025 में प्रकाशित 'स्टैनफोर्ड ग्लोबल एआई वाइब्रेंसी रिपोर्ट' के अनुसार, भारत एआई प्रतिस्पर्धात्मकता और इकोसिस्टम जीवंतता में वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर है तथा 'गिटहब' एआई परियोजनाओं में दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता है, जो देश के विकास करने वाले जीवंत समुदाय को दर्शाता है।

भारत का कंप्यूट इकोसिस्टम वर्तमान में सूचीबद्ध  कंप्यूट सेवा प्रदाता के माध्यम से प्राप्त वैश्विक जीपीयू पर निर्भर है, जो एआई हार्डवेयर के लिए प्रचलित अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं के अनुरूप है। समय के साथ इस निर्भरता को कम करने के लिए उठाए गए कदमों में एनआईसी डेटा सेंटर, शास्त्री पार्क, दिल्ली में स्थापित की जा रही 'हाई-परफॉर्मेंस एआई कंप्यूट सिस्टम' परियोजना शामिल है।

यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने 05.08.2026 को लोकसभा में दी गई।

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पीके/केसी/एसके/डीए


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