पंचायती राज मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

पंचायत विकास सूचकांक

प्रविष्टि तिथि: 04 AUG 2026 4:18PM by PIB Delhi

मंत्रालय ने सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण के विषयों पर ग्राम पंचायतों/ग्राम पंचायतों के समकक्ष के क्रमिक प्रदर्शन सुधार को मापने के लिए एक समग्र मूल्यांकन ढांचे के रूप में पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (पीएआई) विकसित किया है, जिसे पहले पंचायत डेव्लपमेंट इंडेक्स (पीडीआई) के रूप में जाना जाता था। पीएआई स्कोरकार्ड और डैशबोर्ड के माध्यम से विषय-वार और समग्र स्कोर प्रदान करता है, जिससे पंचायत स्तर पर निष्पादन में कमियों, सापेक्ष मज़बूती और उन क्षेत्रों की पहचान की जा सकती है जिन पर विशेष ध्यान देने की ज़रूरत है। वित्त वर्ष 2023-24 के लिए पीएआई 2.0 के कार्य में 33 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के कुल 2.59 लाख ग्राम पंचायतों/जीपी के समकक्ष को ऑनबोर्ड किया गया है। 2.0 में समग्र पीएआई ग्रेड के आधार पर जीपी की राज्य/संघ राज्य क्षेत्र वार संख्या अनुलग्नक-I में दी गई है। सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण के किसी भी विषय, जिसमें विषय 3: बाल-अनुकूल गांव और विषय 4: जल-पर्याप्त पंचायत शामिल है, के तहत "फ्रंटरनर" पंचायतों के लिए वर्ष 2026-27 बजट में विशेष प्रोत्साहन निधि नहीं बनाई गई है।

मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2022-23 से सभी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और अन्य हितधारकों के नेतृत्व कौशल को बढ़ाने और पंचायत शासन में सुधार के लिए क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण (सीबी एंड टी) के प्रमुख उद्देश्य के साथ संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) की केंद्र प्रायोजित योजना को लागू किया है। आरजीएसए की योजना के तहत, मंत्रालय विभिन्न श्रेणियों में पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और अन्य हितधारकों के सीबी एंड टी के लिए सहायता प्रदान करता है, अर्थात बुनियादी अभिमुखीकरण और रिफ्रेशर प्रशिक्षण, विषयगत प्रशिक्षण, विशेष प्रशिक्षण, पंचायत विकास योजना प्रशिक्षण आदि। योजना के तहत वित्त वर्ष 2022-23 से वित्त वर्ष वर्ष 2026-27 तक (10 जुलाई 2026 की स्थिति के अनुसार) सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण (एलएसडीजी) के विषयों पर पंचायती राज संस्थाओं के कुल 36,81,750 निर्वाचित प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों को प्रशिक्षित किया गया था। वित्त वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक विषयगत प्रशिक्षण का राज्य/संघ राज्य क्षेत्र वार विवरण अनुलग्नक-II में दिया गया है।

पंचायती राज मंत्रालय सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण (एलएसडीजी) के नौ विषयों के अनुरूप, विषय-आधारित योजना बनाने के तरीके से ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (जीपीडीपी) को तैयार करने में मदद करता है। ग्राम पंचायतों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी जीपीडीपी तैयार करने से पहले विकास के मुख्य क्षेत्रों की पहचान करें और उन्हें प्राथमिकता दें; इन क्षेत्रों को "संकल्प" कहा जाता है।

जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों से संबंधित क्षेत्र जैसे ड्रिप सिंचाई और छिड़काव (स्प्रिंकलर) प्रणाली के माध्यम से कुशल जल प्रबंधन, वाटरशेड विकास, कृषि वानिकी और अन्य टिकाऊ कृषि पद्धतियों को विषय 4: जल पर्याप्त पंचायत और विषय 5: स्वच्छ और हरित पंचायत के तहत एकीकृत किया गया है।

वित्त वर्ष 2026-27 (29.07.2026 की स्थिति के अनुसार) के लिए, कुल 1,56,019 ग्राम पंचायतों ने जीपीडीपी तैयार करने का संकल्प लिया है। इनमें से 31,789 ग्राम पंचायतों ने 'विषय 4: जल-पर्याप्त पंचायत' और 32,806 ग्राम पंचायतों ने 'विषय 5: स्वच्छ और हरित पंचायत' को मुख्य रूप से ध्यान दिये जाने वाले क्षेत्रों के रूप में चुना है। मंत्रालय द्वारा पीएआई के तहत संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के साथ ऐसा कोई सहयोग स्थापित नहीं किया गया है।

 

सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) सतत और समावेशी विकास के लिए एक वैश्विक रूप से स्वीकृत रूपरेखा प्रदान करते हैं। पंचायती राज मंत्रालय ने सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण (एलएसडीजी) के नौ विषयों का एक फ्रेमवर्क विकसित करके पंचायतों के लिए सतत विकास लक्ष्यों का स्थानीयकरण किया है, जिससे वैश्विक विकास एजेंडा जमीनी स्तर पर अधिक प्रासंगिक और क्रियान्वयन योग्य बन गया है। इन नौ एलएसडीजी विषयों, जिन्हें पीएआई फ्रेमवर्क से सहायता प्राप्त होती है, के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों का स्थानीयकरण प्रभावी ग्रामीण शासन, बेहतर सेवा प्रदायगी और परिणाम-उन्मुख पंचायत विकास को सुगम बनाता है।

अनुलग्नक-I

पीएआई 2.0 के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 में समग्र स्कोर के आधार पर राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार जीपी की संख्या

क्र. स.

राज्य/संघ राज्य क्षेत्र

कुल

+

बी

सी

डी

1

अंडमान और निकोबार

70

0

0

21

49

0

2

आंध्र प्रदेश

13,310

0

591

10,178

2,468

73

3

अरुणाचल प्रदेश

2,108

0

0

72

1,718

318

4

असम

2,192

0

25

1,209

884

74

5

बिहार

8,053

0

2

771

6,862

418

6

छत्तीसगढ़

11,643

0

30

3,936

5,941

1,736

7

गोवा

188

0

0

80

107

1

8

गुजरात

14,534

0

75

11,963

2,471

25

9

हरियाणा

6,225

0

7

3,342

2,779

97

10

हिमाचल प्रदेश

3,615

0

1

1,706

1,828

80

11

जम्मू और कश्मीर

4,291

0

1

1,459

2,792

39

12

झारखंड

4,345

0

6

1,993

2,311

35

13

कर्नाटक

5,946

0

36

3,707

2,172

31

14

केरल

941

0

95

840

6

0

15

लद्दाख

193

0

0

62

129

2

16

लक्षद्वीप

10

0

0

5

5

0

17

मध्य प्रदेश

23,011

0

33

11,154

11,514

310

18

महाराष्ट्र

27,894

0

315

10,049

16,909

621

19

मणिपुर

3,041

0

0

57

1,231

1,753

20

मेघालय

3,069

0

0

18

2,292

759

21

मिज़ोरम

840

0

34

549

253

4

22

नागालैंड

1,277

0

0

33

1,040

204

23

ओडिशा

6,794

0

555

4,566

1,627

46

24

पुदुच्चेरी

108

0

0

77

31

0

25

पंजाब

13,233

0

1

3,275

9,464

493

26

राजस्थान

11,037

0

8

5,437

5,389

203

27

सिक्किम

199

0

1

163

35

0

28

तमिलनाडु

12,482

0

197

10,520

1,746

19

29

तेलंगाना

12,556

0

624

10,056

1,853

23

30

दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव

42

0

1

29

12

0

31

त्रिपुरा

1,176

0

943

233

0

0

32

उत्तराखंड

7,766

0

3

2,359

5,203

201

33

उत्तर प्रदेश

57,678

0

51

18,905

32,598

6,124

कुल

259,867

0

3,635

118,824

123,719

13,689

 

अनुलग्नक-II

विषयगत प्रशिक्षण में प्रशिक्षित कुल प्रतिभागी 2022-23 से 2026-27 तक (10.07.2026 की स्थिति के अनुसार)

क्र. स.

राज्य/संघ राज्य क्षेत्र

2022-23

2023-24

2024-25

2025-26

2026-27 (10.07.2026 की स्थिति के अनुसार )

1

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

536

1,396

2,305

2,457

-

2

आंध्र प्रदेश

406,617

158

96,589

307,591

5,254

3

अरुणाचल प्रदेश

-

1,363

798

568

-

4

असम

25,255

1,369

20,491

20,758

-

5

बिहार

14,073

43,192

98,709

59,553

-

6

छत्तीसगढ़

2,809

10,597

4,382

327

-

7

गोवा

-

434

30

286

-

8

गुजरात

-

32

40,020

266

-

9

हरियाणा

-

151

-

-

-

10

हिमाचल प्रदेश

-

123

3,023

332

-

11

जम्मू और कश्मीर

189,327

171,419

-

20,413

-

12

झारखंड

27

323

113

-

-

13

कर्नाटक

30

150,462

56,226

50,829

10

14

केरल

98,592

83,307

54,129

4,923

-

15

लद्दाख

-

-

-

4,368

-

16

मध्य प्रदेश

30,355

10,813

25,214

17,450

313

17

महाराष्ट्र

270,470

130,851

7,385

34,992

173

18

मणिपुर

-

341

42

-

-

19

मेघालय

4,083

67,600

59,569

61,360

-

20

मिज़ोरम

1,260

846

4,424

150

-

21

नागालैंड

-

-

91

224

-

22

ओडिशा

64

72,932

103,882

130,745

71

23

पुदुच्चेरी

-

-

-

-

-

24

पंजाब

24,143

10,213

2,567

21,540

-

25

राजस्थान

1,108

4,211

7,870

9,524

-

26

सिक्किम

8,999

4,565

2,890

4,039

-

27

तमिलनाडु

8,568

38,765

31,220

1,195

-

28

तेलंगाना

762

608

64

57

-

29

दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव

457

250

335

800

-

30

त्रिपुरा

100

51,643

27,937

24,400

-

31

उत्तर प्रदेश

2,367

762

5,767

11,383

-

32

उत्तराखंड

72,937

21,764

141

159

-

33

पश्चिम बंगाल

27,410

25,391

101,088

28,585

-

34

केंद्र

2,516

137

471

-

-

 

कुल

1192865

906018

757772

819274

5821

यह जानकारी केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह ने 04 अगस्त 2026 को लोकसभा में एक लिखित जवाब में दी।

***

AA


(रिलीज़ आईडी: 2294292) आगंतुक पटल : 145
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Tamil