विधि एवं न्याय मंत्रालय
न्याय तक समग्र पहुंच के लिए अभिनव समाधान डिजाइनिंग (दिशा) 2.0 योजना का उद्देश्य कानूनी सेवाओं के लिए जनहितैषी समाधान प्लेटफार्मों के विकास और पहुंच को बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना है
दिशा 2.0 में टेली-लॉ: अनसुलझे लोगों तक पहुंचना (सभी को मुकदमे से पहले नि:शुल्क सलाह); न्याय बंधु (निःशुल्क कानूनी सेवाएं) कार्यक्रम; कानूनी साक्षरता और कानूनी जागरूकता कार्यक्रम और विधि (सामंजस्यपूर्ण कानूनी पहलों के एकीकृत वितरण के लिए विजन)-संजीवनी जैसे चार घटक शामिल
प्रविष्टि तिथि:
31 JUL 2026 1:29PM by PIB Delhi
न्याय तक समग्र पहुंच के लिए अभिनव समाधान डिजाइनिंग (दिशा) 2.0 योजना एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है जिसे वर्ष 2026-31 की अवधि के लिए पूरे भारत में, जिसमें गुजरात के सभी जिले शामिल हैं, लागू किया जाएगा। दिशा 2.0 का उद्देश्य कानूनी सेवाओं के लिए जनहितैषी समाधान प्लेटफार्मों के विकास और पहुंच को बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना है। इसमें चार घटक जैसे टेली-लॉ: वंचितों तक पहुंचना (सभी को मुकदमे से पहले नि:शुल्क सलाह); न्याय बंधु (निःशुल्क कानूनी सेवाएं) कार्यक्रम; कानूनी साक्षरता और कानूनी जागरूकता कार्यक्रम और विधि (समन्वित कानूनी पहलों के सामंजस्यपूर्ण वितरण के लिए विजन)-संजीवनी शामिल हैं।
योजना की प्रगति की निगरानी विधि- संजीवनी नामक एक केंद्रीकृत एकीकृत डैशबोर्ड के माध्यम से की जाएगी, इसके अलावा नियमित समीक्षा बैठकें, क्षेत्रीय दौरे और क्षेत्रीय कार्यशालाओं के माध्यम से प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया प्राप्त की जाएगी और एक समर्पित कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (पीएमयू) के माध्यम से भी निगरानी की जाएगी।
विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और संसदीय कार्य राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
********
पीके/केसी/एसएस/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2292399)
आगंतुक पटल : 40
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें:
English