आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय
राष्ट्रीय स्मार्ट सार्वजनिक परिवहन मिशन
प्रविष्टि तिथि:
30 JUL 2026 6:39PM by PIB Delhi
'शहरी नियोजन' राज्य का विषय है। इसलिए सार्वजनिक परिवहन परियोजनाओं, भीड़भाड़ कम करने के उपायों, डिजिटल प्रौद्योगिकियों के माध्यम से शहरी आवागमन में सुधार तथा शहरी अवसंरचना के विकास सहित विभिन्न शहरों के लिए प्रस्तावों की योजना बनाने, उन्हें आरंभ करने तथा विकसित करने की जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकारों की है।
केंद्र सरकार ने सार्वजनिक परिवहन परियोजनाओं, जिनमें मेट्रो परियोजनाएं भी शामिल हैं, की व्यवस्थित योजना एवं क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय शहरी परिवहन नीति, 2006 तथा मेट्रो नीति, 2017 जैसी विभिन्न नीतिगत दिशानिर्देश जारी किए हैं, जो भारत के सभी क्षेत्रों पर लागू हैं।
वर्तमान में एकीकृत सार्वजनिक परिवहन, डिजिटल टिकटिंग, गैर-मोटर चालित परिवहन तथा अंतिम छोर तक संपर्क (लास्ट-माइल कनेक्टिविटी) के लिए कोई राष्ट्रीय स्मार्ट सार्वजनिक परिवहन योजना नहीं है।
हालांकि, केंद्र सरकार संबंधित राज्य सरकारों द्वारा प्रस्ताव प्राप्त होने पर विभिन्न केंद्रीय योजनाओं (जैसे पीएम ई-बस सेवा, पीएम ई-ड्राइव आदि) के अंतर्गत ई-बसों की तैनाती तथा मेट्रो परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता पर विचार करती है। उपर्युक्त पहलों के अंतर्गत डिजिटल टिकटिंग, एकीकृत सार्वजनिक परिवहन आदि को प्राथमिकता दी जाती है।
राष्ट्रीय कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) "एक राष्ट्र, एक कार्ड" की परिकल्पना पर आधारित एक परस्पर संचालित (इंटरऑपरेबल) कार्ड है, जो विभिन्न मेट्रो/रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) तथा बस संचालकों के बीच निर्बाध रूप से कार्य करता है। मंत्रालय ने भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) द्वारा विकसित क्यूएसपार्क (qSPARC- क्विक स्पेसिफिकेशन फॉर पेमेंट एप्लीकेशन ऑफ रुपे चिप) पर आधारित राष्ट्रीय कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) पारिस्थितिकी तंत्र के कार्यान्वयन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह 13 मेट्रो परियोजनाओं तथा 11 बस परिवहन निगमों में क्रियाशील है। इन डिजिटल प्रौद्योगिकियों के माध्यम से टिकटिंग को सरल बनाकर यह निजी वाहनों से सार्वजनिक परिवहन की ओर लोगों को प्रेरित करता है, जिससे यातायात की भीड़ कम होती है।
इसके अतिरिक्त, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा जारी पीएम ई-बस सेवा दिशानिर्देशों में बस परिचालन के लिए एनसीएमसी आधारित स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली (ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम- एएफसीएस) के कार्यान्वयन का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की "मेट्रो तथा गैर-मेट्रो परियोजनाओं के लिए शहरी परिवहन में परिवहन नियोजन एवं क्षमता निर्माण" उप-योजना के अंतर्गत एकीकृत गतिशीलता योजना (इंटीग्रेटेड मोबिलिटी प्लान), विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर), बहु-माध्यमीय एकीकरण योजनाएं आदि के निर्माण को केंद्रीय वित्तीय सहायता के लिए पात्र घटकों में शामिल किया गया है। शहरों, शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) आदि के लिए संबंधित राज्य सरकारों द्वारा प्रस्ताव प्राप्त होने पर उनकी व्यवहार्यता के आधार पर केंद्रीय वित्तीय सहायता पर विचार किया जाता है।
यह जानकारी आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/एके
(रिलीज़ आईडी: 2291996)
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