सहकारिता मंत्रालय
सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना
प्रविष्टि तिथि:
28 JUL 2026 5:14PM by PIB Delhi
सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत, गोदामों के निर्माण के लिए देश भर में 1,015 पैक्स चिह्नित किए गए हैं तथा 313 पैक्स में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जिससे कुल 1.80 लाख मीट्रिक टन की क्षमता सृजित हुई है। निर्मित गोदामों का राज्य-वार ब्योरा संलग्नक -I पर संलग्न है।
बिहार राज्य द्वारा कुल 36 पैक्स चिह्नित किए गए है। इनमें से, राज्य के पश्चिम चंपारण जिले के 4 पैक्स सहित कुल 27 पैक्स ने कृषि विपणन अवसंरचना (एएमआई) योजना के अंतर्गत सहायता के लिए आवेदन किया है। पश्चिम चंपारण जिले के 4 पैक्स में निर्माण शुरू कर दिया गया है।
इस योजना में भारत सरकार की विभिन्न मौजूदा योजनाओं, जैसे कृषि अवसंरचना निधि (एआईएफ), कृषि विपणन अवसंरचना योजना (एमआई), कृषि यांत्रिकीकरण पर उप-मिशन (एसएमएएम), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) आदि के अभिसरण के माध्यम से पैक्स /अन्य सहकारी समितियों के स्तर पर गोदाम, कस्टम हायरिंग सेंटर, प्रसंस्करण इकाइयां, उचित दर की दुकानों आदि सहित विभिन्न कृषि अवसंरचनाओं का सृजन शामिल है। दिशानिर्देशों में किए गए संशोधनों का विवरण संलग्नक -II पर संलग्न है।
इस योजना को भारतीय खाद्य निगम की भंडारण आवश्यकता के साथ एकीकृत किया गया है। भारतीय खाद्य निगम द्वारा 18 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के 216 संभावित स्थानों पर लगभग 26.03 एलएमटी की भंडारण आवश्यकता की मैपिंग की गई है। भारतीय खाद्य निगम ने 2500 मीट्रिक टन और उससे अधिक (पूर्वोत्तर और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 1671 मीट्रिक टन और उससे अधिक) के गोदामों को 9 वर्ष का एकसमान किराया आश्वासन प्रदान किया है।
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संलग्नक -I
योजना के अंतर्गत निर्मित गोदामों का राज्य-वार ब्योरा
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क्रम सं.
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राज्य
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निर्मित गोदामों की संख्या
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राजस्थान
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121
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आंध्र प्रदेश
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117
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गुजरात
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44
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-
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महाराष्ट्र
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19
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-
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तमिलनाडु
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5
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-
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तेलंगाना
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1
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-
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उत्तर प्रदेश
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1
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-
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असम
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1
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-
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मध्य प्रदेश
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1
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-
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त्रिपुरा
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1
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-
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उत्तराखंड
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1
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-
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कर्नाटक
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1
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कुल
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313
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संलग्नक -II
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क्रम सं.
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योजना का नाम
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योजना में किए गए संशोधन
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कृषि अवसंरचना निधि (एआईएफ)
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ऋण गारंटी को 2+5 वर्षों से बढ़ाकर 2+8 वर्ष कर दिया गया है।
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कृषि विपणन अवसंरचना योजना (एएमआई)
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- योजना की वित्तीय व्यवहार्यता को बढ़ाने के लिए, मार्जिन मनी की आवश्यकता को 20% से घटाकर 10% कर दिया गया है।
- निर्माण लागत को मैदानी क्षेत्रों के लिए ₹3000–3500/मीट्रिक टन से संशोधित करके ₹7000/मीट्रिक टन तथा पूर्वोत्तर राज्यों के लिए ₹4000/मीट्रिक टन से बढ़ाकर ₹8000/मीट्रिक टन कर दिया गया है।
- सब्सिडी को 25% से बढ़ाकर 33.33% (मैदानी क्षेत्रों के लिए ₹875/मीट्रिक टन से बढ़ाकर ₹2333/मीट्रिक टन और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए ₹1333.33/मीट्रिक टन से बढ़ाकर ₹2666/मीट्रिक टन) कर दिया गया है।
- पैक्स (PACS) के लिए, सहायक अवसंरचनाओं जैसे कि आंतरिक सड़कों, तौल-पुलों, चाहरदीवारी आदि के लिए कुल स्वीकार्य सब्सिडी का एक-तिहाई अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।
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यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तरमें दी।
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AK/AP
(रिलीज़ आईडी: 2290533)
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