पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय
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केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने एमडीओएनईआर की प्रमुख यूएसपी पहल पर संसदीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता की


आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी पूर्वोत्तर के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाने पर दिया गया जोर

प्रविष्टि तिथि: 27 JUL 2026 9:01PM by PIB Delhi

केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने एमडीओएनईआर की प्रमुख यूएसपी पहल पर संसदीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता की
आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी पूर्वोत्तर के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाने पर दिया गया जोर

पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास और संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया की अध्यक्षता में आज हुई पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (एमडीओएनईआर) की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक में मंत्रालय की प्रमुख 'यूनिक सेलिंग प्रपोजिशन' (यूएसपी) पहल की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में डीओएनईआर राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार, सभी 'अष्टलक्ष्मी' राज्यों के सांसद और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (एमडीओएनईआर) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।


 इस बैठक में सांसदों के साथ सार्थक बातचीत हुई, जिसमें उन्होंने राज्य-विशेष से जुड़ी अहम जानकारी, लागू करने के अनुभव और परियोजना को और बेहतर ढंग से चलाने के लिए सुझाव साझा किए। चर्चा का मुख्य जोर बाजार तक पहुंच बढ़ाने, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग, लॉजिस्टिक्स, निर्यात को बढ़ावा देने और संस्थागत सहयोग पर था। साथ ही केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
 
यूएसपी पहल राज्य-संचालित बनी रहेगी
श्री सिंधिया ने इस बात पर जोर दिया कि यूएसपी पहल मूल रूप से राज्य-संचालित है, जिसमें हर राज्य सरकार अपनी तुलनात्मक खूबियों और स्थानीय आकांक्षाओं के आधार पर अपने प्रमुख उत्पाद की पहचान करती है। उन्होंने कहा कि एमडीओएनईआर की भूमिका तालमेल बिठाने, केंद्रीय मंत्रालयों और राज्य सरकारों के साथ समन्वय करने और सभी हितधारकों को एक साथ लाकर काम को तेजी से आगे बढ़ाने की है।
 
'होल-ऑफ-गवर्नमेंट' (पूरे सरकारी तंत्र के एक साथ काम करने) के नजरिए से तालमेल को बढ़ाना
मंत्रालय के 'होल-ऑफ-गवर्नमेंट' नजरिए पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि एमडीओएनईआर केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों, काम करने वाली एजेंसियों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), उद्योग भागीदार, वित्तीय संस्थानों और निजी क्षेत्र को एक साथ लाकर एक संयोजक (एग्रीगेटर) के तौर पर काम कर रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रमुख परियोजनाओं को योजनाओं और संसाधनों के तालमेल के ज़रिए लागू किया जा रहा है ताकि मिलकर काम करके ज्यादा से ज्यादा नतीजे हासिल किए जा सकें।
 वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी मूल्य श्रृंखलाएं बनाना
केंद्रीय मंत्री ने फिर से कहा कि हर प्रमुख पहल को एक ऐसे पूरे बाजार संबद्ध विकास मॉडल के आधार पर तैयार किया गया है, जिसमें उत्पादन बढ़ाने, गुणवत्ता सुधारने, प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मूल्य संवर्धन और पक्के बाजार जुड़ाव पर बराबर जोर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मकसद सिर्फ उत्पादन बढ़ाना नहीं है, बल्कि ऐसी मूल्य श्रृंखला बनाना है जो वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी हों और किसानों, उद्यमियों और स्थानीय समुदायों के लिए टिकाऊ आजीविका पैदा कर सकें।


 


 
पूर्वोत्तर में आठ प्रमुख मिशन
अभी जो मुख्य पहलें लागू की जा रही हैं, उनमें अरुणाचल प्रदेश में कीवी मिशन, असम में मूगा सिल्क मिशन, मेघालय में लाकाडोंग हल्दी मिशन, मिजोरम में अदरक मिशन, नागालैंड में कॉफी मिशन, सिक्किम में जैविक खेती मिशन और त्रिपुरा में क्वीन अनानास मिशन शामिल हैं।
 
पहले चरण में हर राज्य के लिए एक प्रमुख उत्पाद
केंद्रीय मंत्री ने समिति को बताया कि मंत्रालय की तत्काल रणनीति यह है कि बाद के चरणों में अन्य क्षेत्रों में विस्तार करने से पहले हर राज्य में एक प्रमुख उत्पाद को सफलतापूर्वक स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच उत्पादों का दोहराव (ओवरलैप) तब स्वीकार्य है जब किसी राज्य के पास कोई खास प्रतिस्पर्धी लाभ या बाजार पहचान हो। सिक्किम का उल्लेख करते हुए, श्री सिंधिया ने भारत के एकमात्र 100 प्रतिशत जैविक राज्य के रूप में इसकी अनूठी स्थिति पर प्रकाश डाला, जिससे इसे वैश्विक बाजारों में महत्वपूर्ण लाभ मिलता है।
 
ब्रांडिंग, लॉजिस्टिक्स और निर्यात के लिए तैयारी पर ध्यान दें
समिति ने ब्रांडिंग, लॉजिस्टिक्स और निर्यात के लिए तैयारी को मजबूत करने के उपायों पर भी चर्चा की। सदस्यों ने एयरपोर्ट, संसद के आउटलेट और खास मार्केटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए पूर्वोत्तर के उत्पादों को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। मंत्री ने इस क्षेत्र के बेहतरीन उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों और बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ने के साथ-साथ वैल्यू चेन और प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की चल रही कोशिशों पर जोर दिया।


 
 


सांसदों ने प्रमुख योजनाओं को असरदार ढंग से लागू करने के लिए सुझाव दिए
संसद सदस्यों ने कई अच्छे सुझाव दिए और योजनाओं को लागू करने के अहम पहलुओं पर चर्चा की। इनमें अतिरिक्त तकनीकी कर्मचारियों की जरूरत, तेज़ी से मंजूरी मिलना, मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल, सर्टिफिकेशन और निर्यात के लिए ज्यादा मदद और किसानों व उत्पादक समूहों के बीच ज्यादा जागरूकता और क्षमता निर्माण जैसे मुद्दे शामिल थे।
सदस्यों से मिले कीमती सुझावों की तारीफ करते हुए, श्री सिंधिया ने उनसे कहा कि वे केंद्र और राज्यों के बीच मददगार की भूमिका निभाते रहें ताकि प्रमुख योजनाओं को समय पर और असरदार ढंग से लागू किया जा सके।
 इस बैठक में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित पूर्वोतर के विजन के अनुरूप, हर अष्टलक्ष्मी राज्य की खास खूबियों को विश्व-स्तर पर प्रतिस्पर्धी आर्थिक अवसरों में बदलने के लिए मंत्रालय की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया गया। यह काम गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, वैल्यू संवर्धन, मजबूत लॉजिस्टिक्स, मजबूत बाजार जुड़ाव और मिलकर काम करने वाले गवर्नेंस के जरिए किया जाएगा।

 


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पीके/केसी/एमपी


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