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मध्य प्रदेश में 56 विशेष पॉक्सो अदालतों सहित 67 फास्ट-ट्रैक विशेष अदालतें काम कर रही हैं

प्रविष्टि तिथि: 25 JUL 2026 8:57PM by PIB Delhi

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स (एफटीएससी) की केंद्र प्रायोजित योजना के तहत 67 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (एफटीएससी) काम कर रहे हैं। इनमें 56 विशेष पॉक्सो कोर्ट शामिल हैं। इनमें से एक विशेष पॉक्सो अदालत सहित दो एफटीएससी रतलाम जिले में कार्यरत हैं, जबकि एक एफटीएससी यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत यौन उत्पीड़न और अपराधों से संबंधित मामलों के त्वरित निपटान के लिए झाबुआ जिले में कार्यरत है। अलीराजपुर जिले में कोई एफटीएससी काम नहीं कर रहा है।

पिछले दो वर्षों के दौरान रतलाम और झाबुआ जिलों में विशेष पॉक्सो अदालतों सहित एफटीएससी के समक्ष दायर, निपटाए गए और लंबित मामलों की संख्या इस प्रकार है:

जिला

वर्ष

दर्ज किए गए मामले

निपटाए गए मामले

लंबित मामले*

रतलाम

2024

472

260

691

2025

343

338

696

झाबुआ

2024

266

135

418

2025

231

154

495

* संबंधित वर्षों में 31 दिसंबर तक लंबित

स्पेशल कोर्ट समेत जिला और अधीनस्थ अदालतों की स्थापना संबंधित राज्य सरकारों के प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र में आती है, जिसके लिए संबंधित हाई कोर्ट से सलाह ली जाती है। इसके अनुसार, राज्य सरकार संबंधित हाई कोर्ट के साथ सलाह-मशविरा करके और योग्य मामलों की लंबित संख्या तथा संसाधनों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त एफटीएससी स्थापित करने पर विचार करती है। फिलहाल उक्त संसदीय क्षेत्र में अतिरिक्त एफटीएससी स्थापित करने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है।

केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/आरकेजे


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