सहकारिता मंत्रालय
राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में ‘भारत टैक्सी’ सेवा का शुभारंभ किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को साकार करते हुए, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में ‘भारत टैक्सी’ सहकारिता के मॉडल को परिवहन क्षेत्र में एक नई क्रांति के साथ जोड़ रही है
सहकारिता आम आदमी को आत्मनिर्भर बनाती है और उसके परिश्रम को सम्मान दिलाती है - श्री मुरलीधर मोहोल
भारत टैक्सी के साथ लगभग 8 लाख पंजीकृत सारथी और 41 लाख ग्राहक जुड़े; सारथियों के खातों में अब तक लगभग 77 करोड़ रुपये सीधे जमा - श्री मुरलीधर मोहोल
अनाज भंडारण, ई-पैक्स और राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं से जुड़ाव में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में - श्री मुरलीधर मोहोल
‘भारत टैक्सी’ रोजगार के साथ सारथियों को स्वामित्व, सम्मान और संस्था के लाभ में भागीदारी भी प्रदान करेगी - श्री भजनलाल शर्मा
भारत टैक्सी राजस्थान के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने और राज्य के पर्यटन एवं मोबिलिटी क्षेत्र को नई गति देने वाली पहल है - श्री भजनलाल शर्मा
राजस्थान पुलिस, सरस, जयपुर नगर निगम और जयपुर मेट्रो के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ
प्रविष्टि तिथि:
25 JUL 2026 9:42PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता, तकनीक और समावेशी विकास के माध्यम से देश के मोबिलिटी क्षेत्र में परिवर्तन लाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल की गई। राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर स्थित हरिश्चन्द्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान में ‘भारत टैक्सी’ सेवा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री श्री मुरलीधर मोहोल, राजस्थान के सहकारिता राज्य मंत्री श्री गौतम कुमार दक, जयपुर सांसद श्रीमती मंजू शर्मा, राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी, राजस्थान के सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. समित शर्मा, राजस्थान सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, सहकारी क्षेत्र के प्रतिनिधि और भारत टैक्सी से जुड़े सारथी उपस्थित थे।
इस अवसर पर केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री श्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि भारत टैक्सी सहकारिता मंत्रालय की उन नई पहलों में से एक है, जिन्होंने पिछले पांच वर्षों में सहकारिता के स्वरूप और उसकी पहुंच को व्यापक बनाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सहकारिता अब केवल ऋण एवं साख समितियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कृषि, डेयरी, मत्स्य, बीमा, निर्यात, भंडारण, डिजिटल सेवाओं और अब परिवहन जैसे क्षेत्रों तक विस्तारित हुई है। आज देश में लगभग 8.60 लाख सहकारी समितियां 30 विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं और उनसे 32 करोड़ से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं।
श्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि राजस्थान का सहकारिता आंदोलन में ऐतिहासिक और विशिष्ट योगदान रहा है। वर्ष 1904 में देश की शुरुआती सहकारी समितियों में से एक डीग, भरतपुर में स्थापित हुई थी और वर्ष 1953 में जयपुर में राजस्थान राज्य सहकारी बैंक की स्थापना ने राज्य के सहकारी क्षेत्र को मजबूत आधार प्रदान किया। आज राजस्थान में लगभग 42,000 सहकारी समितियां कार्यरत हैं, जिनके लगभग 1 करोड़ 35 लाख सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान की ग्रामीण संस्कृति में सहयोग, सामूहिकता, जल-संचय और प्रकृति संरक्षण की परंपरा सदियों से विद्यमान रही है और सहकारिता इसी भावना का आधुनिक आर्थिक रूप है।
केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 में स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के बाद सहकारी क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए 152 से अधिक पहल शुरू की गई हैं। पैक्स के कंप्यूटरीकरण के अंतर्गत लगभग 80,000 पैक्स को स्वीकृति दी गई है और करीब 63,000 पैक्स डिजिटल प्रणाली पर कार्यरत हैं। आदर्श उपविधियों के माध्यम से पैक्स को 25 से अधिक प्रकार की आर्थिक एवं व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने में सक्षम बनाया गया है। किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, जैविक उत्पादों के लिए बाजार और कृषि उत्पादों के निर्यात के अवसर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड, नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड और नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड की स्थापना की गई है।
श्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि भारत टैक्सी इस व्यापक सहकारी परिवर्तन को शहरों के टैक्सी चालकों तक पहुंचाती है। अन्य निजी एग्रीगेटर मॉडल में चालक केवल सेवा प्रदाता होता है, जबकि भारत टैक्सी में ‘सारथी ही मालिक’ है। सारथी सहकारी संस्था का सदस्य और शेयरधारक होता है, उसे संचालक मंडल में प्रतिनिधित्व तथा संस्था के लाभ में हिस्सेदारी का अधिकार मिलता है और प्रत्येक यात्रा की राशि सीधे उसके खाते में जाती है। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी के साथ लगभग 8 लाख पंजीकृत सारथी और करीब 41 लाख पंजीकृत ग्राहक जुड़ चुके हैं। प्रतिदिन लगभग 11,000 यात्राएं पूरी की जा रही हैं और सारथियों के खातों में अब तक लगभग 77 करोड़ रुपये जमा किए जा चुके हैं।
केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री ने कहा कि दिल्ली और गुजरात के बाद महाराष्ट्र तथा अब राजस्थान में भारत टैक्सी की शुरुआत सहकारिता आधारित मोबिलिटी मॉडल के राष्ट्रीय विस्तार का महत्वपूर्ण चरण है। आने वाले समय में इस सेवा को देश के लगभग 500 शहरों तक पहुंचाने की योजना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राजस्थान इस परिवर्तन का अग्रणी भागीदार बनेगा और सुरक्षित, विश्वसनीय तथा सारथी-केंद्रित परिवहन व्यवस्था का नया उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
श्री मुरलीधर मोहोल ने राजस्थान की सहकारिता उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के क्रियान्वयन में अग्रणी है। वर्ष 2024-25 और 2025-26 में स्वीकृत 200-200 गोदामों का निर्माण पूरा किया गया है। करीब 5,650 पैक्स को ई-पैक्स में परिवर्तित किया गया है और इन पैक्स के माध्यम से 10 करोड़ से अधिक ऑनलाइन लेनदेन हुए हैं, जो देश के कुल लेनदेन का लगभग एक-तिहाई है। राज्य की करीब 4,900 पैक्स तीन या उससे अधिक व्यवसायों से जुड़ी हैं और लगभग 6,750 पैक्स भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड की सदस्य बन चुकी हैं। उन्होंने जयपुर में सहकार भवन की स्थापना और बीबीएसएसएल की टिश्यू कल्चर प्रयोगशाला के लिए 50 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के निर्णय की भी सराहना की।
इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारत टैक्सी राज्य में ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प को आगे बढ़ाने वाली एक परिवर्तनकारी पहल है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से रोजगार और स्थानीय आर्थिक अवसर सृजित कर युवाओं को अपने गांव, शहर और परिवार के निकट सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराई जा सकती है। राज्य सरकार ने सहकारी संस्थाओं की सदस्यता को व्यापक बनाने पर विशेष बल दिया है और पिछले एक वर्ष में 10 लाख नए सदस्यों को सहकारिता से जोड़ा गया है।
श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारत टैक्सी में सारथी केवल चालक नहीं, बल्कि संस्था का सह-स्वामी है। सदस्यता और शेयरधारिता से उसे अपने काम के प्रति स्वामित्व का भाव, आत्मविश्वास और सम्मान मिलता है। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति को अपने काम में हिस्सेदारी मिलती है तो उसकी कार्यक्षमता, मेहनत और आगे बढ़ने की प्रेरणा कई गुना बढ़ जाती है। छोटा उद्यम या स्व-रोजगार किसी युवा के लिए बड़ी आर्थिक प्रगति की पहली सीढ़ी बन सकता है। राजस्थान मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी का मॉडल आम नागरिक को केवल रोजगार नहीं देता, बल्कि स्वामित्व और सम्मान भी प्रदान करता है। इसमें होने वाली कमाई का बड़ा हिस्सा सारथियों के पास रहेगा और संस्था की प्रगति में उनकी सीधी हिस्सेदारी होगी। उन्होंने कहा कि इस पहल के साथ 5 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर भी दिया गया है, जिससे सारथियों की मेहनत का सम्मान, उनके अधिकारों की सुरक्षा और भविष्य की संरक्षा सुनिश्चित होगी। भारत टैक्सी केवल एक डिजिटल प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि टैक्सी चालकों के स्वाभिमान और आर्थिक सशक्तीकरण का प्रतीक है।
श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान में कृषि, डेयरी, खनिज, हस्तशिल्प और पर्यटन सहित अनेक क्षेत्रों में सहकारिता के माध्यम से स्थानीय रोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं। कृषि और दुग्ध उत्पादन से जुड़े उत्पादों की प्रोसेसिंग यूनिट गांवों और स्थानीय क्षेत्रों में स्थापित होने से युवाओं को वहीं रोजगार मिलेगा और पलायन कम होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर सहकारी संस्थाओं के विस्तार, दुग्ध संग्रहण एवं प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने और स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन की दिशा में काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की पर्यटन क्षमता भारत टैक्सी के लिए विशेष अवसर प्रदान करती है। जयपुर मेट्रो के विस्तार, राज्य के ऐतिहासिक किलों, महलों, झीलों, वन्यजीव अभयारण्यों, धार्मिक स्थलों और मरुस्थलीय पर्यटन केंद्रों तक यात्रियों को सुरक्षित और विश्वसनीय अंतिम-मील कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में भारत टैक्सी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी के माध्यम से राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलेगी और सारथियों के लिए आय के नए अवसर सृजित होंगे।
श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जयपुर में भारत टैक्सी से अब तक 30,000 से अधिक सारथी और लगभग 7 लाख ग्राहक जुड़ चुके हैं तथा प्रतिदिन हजारों यात्राएं पूरी की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े सहकारिता आधारित डिजिटल मॉडल में जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाते हैं। पूरे राजस्थान को भारत टैक्सी नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य राज्य की मोबिलिटी व्यवस्था को नई दिशा देगा और नागरिकों को सुरक्षित, विश्वसनीय तथा पारदर्शी परिवहन सेवा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने सारथियों से सेवा की विश्वसनीयता, यात्रियों के प्रति अच्छा व्यवहार और सुरक्षा के उच्च मानकों को बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी केवल भारत का ही नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे सफल सहकारिता-आधारित मोबिलिटी प्लेटफॉर्म बनने की क्षमता रखती है, क्योंकि इसमें सारथी स्वयं मालिक हैं और उनकी मेहनत का प्रतिफल किसी बिचौलिये के बजाय सीधे उन्हें मिलता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राजस्थान इस परिवर्तन का अग्रणी भागीदार बनेगा और देश के सामने सहकारिता आधारित आधुनिक परिवहन का नया उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
कार्यक्रम के दौरान सर्वश्रेष्ठ सारथियों को शेयर प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इसके साथ-साथ 'भारत टैक्सी' के विस्तार और विभिन्न सार्वजनिक सेवाओं से इसके समन्वय के लिए राजस्थान पुलिस, सरस, जयपुर नगर निगम और जयपुर मेट्रो के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने 60 कैब, 20 बाइक और 20 ऑटो वाले भारत टैक्सी के काफिले को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। राजस्थान सरकार, सहकारी संस्थाओं, स्थानीय निकायों और सार्वजनिक सेवा संगठनों के सहयोग से इस सेवा का चरणबद्ध विस्तार राज्य के विभिन्न शहरों और पर्यटन केंद्रों तक किया जाएगा।
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AK
(रिलीज़ आईडी: 2289492)
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