स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय
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टीकाकरण कार्यक्रम और वैश्विक महामारी की तैयारियों पर अपडेट


पिछले 4 वर्षों में 93 प्रतिशत से अधिक राष्ट्रीय टीकाकरण कवरेज बरकरार रखा गया है

28 फरवरी, 2026 को सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 14 वर्ष की आयु की लगभग 1.2 करोड़ पात्र लाभार्थी लड़कियों के लिए राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू किया गया

आईसीएमआर ने रोगजनकों के प्रयोगशाला-आधारित निदान के लिए 160 से अधिक वायरस अनुसंधान और निदान प्रयोगशालाओं का एक नेटवर्क स्थापित किया है

आयुष्मान आरोग्य मंदिर में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल टीम के लिए एकीकृत प्रशिक्षण मॉड्यूल अप्रैल 2026 में शुरू किया गया

प्रविष्टि तिथि: 21 JUL 2026 1:56PM by PIB Delhi

सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) के अंतर्गत हुई प्रगति और वर्तमान में नए टीके शुरू करने की पहलों से संबंधित विवरण नीचे दिए गए हैं:

  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के लक्ष्यों के अनुसार, पिछले चार वर्षों से राष्ट्रीय पूर्ण टीकाकरण कवरेज 90 प्रतिशत से अधिक बनाए रखा गया है, जिसका विवरण इस प्रकार है:

राष्ट्रीय पूर्ण टीकाकरण कवरेज (एफआईसी)

2022-23

2023-24

2024-25

2025-26

94.7 प्रतिशत

93.7 प्रतिशत

98.3 प्रतिशत

97.9 प्रतिशत

  • देशव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान 28 फरवरी, 2026 को सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 14 वर्ष की आयु की लगभग 1.2 करोड़ पात्र लाभार्थी लड़कियों के लिए शुरू किया गया था। एचपीवी का टीका आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), उप-जिला अस्पतालों (एसडीएच)/जिला अस्पतालों (डीएच) और सरकारी मेडिकल कॉलेजों (जीएमसी) सहित नामित सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क दिया जाता है। रेडियो जिंगल्स, पोस्टर, बैनर, भ्रम दूर करने वाली डिजिटल कंटेंट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे सूचना संचार माध्यमों (आईईसी) के माध्यम से जागरूकता को बढ़ावा दिया जाता है जिससे विशेष रूप से ग्रामीण, आदिवासी और शहरी झुग्गी क्षेत्रों में लड़कियों के बीच टीकाकरण की उच्च दर सुनिश्चित की जा सके।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने देश में भविष्य में आने वाली महामारियों/सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातस्थितियों से निपटने की तैयारी के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को निम्नलिखित सहायता प्रदान की है:-

  • प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) को प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने; उभरती और पुन: उभरती बीमारियों के लिए रोग निगरानी, ​​निदान और अनुसंधान की क्षमता बढ़ाने और सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातस्थितियों का प्रभावी ढंग से जवाब देने में सक्षम एक लचीली स्वास्थ्य प्रणाली विकसित करने के लिए शुरू किया गया था।
  • रोग निगरानी गतिविधियों को संचालित करने के लिए एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) को मजबूत किया गया। आईडीएसपी प्रशिक्षित बहु-विषयक त्वरित प्रतिक्रिया टीमों (आरआरटी) के माध्यम से प्रतिक्रिया की एक विकेन्द्रीकृत प्रणाली की अनुमति देता है।
  • भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने रोगजनकों के प्रयोगशाला-आधारित निदान के लिए 160 से अधिक वायरस अनुसंधान और निदान प्रयोगशालाओं (वीआरडीएल) का एक नेटवर्क स्थापित किया है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने अप्रैल 2026 में आयुष्मान आरोग्य मंदिर में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल टीम के लिए एकीकृत प्रशिक्षण मॉड्यूल का शुभारंभ किया। यह एकीकृत प्रशिक्षण चिकित्सा अधिकारियों (एमओ), स्टाफ नर्सों (एसएन), सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ), सहायक नर्स मिडवाइफ (एएनएम) और आशा कार्यकर्ताओं (और आशा प्रशिक्षकों) के लिए एक एकल, संरचित और योग्यता-आधारित ढांचा है।

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में चिकित्सा ऑक्सीजन अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए: -

  • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन टैंक की आपूर्ति की गई।
  • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में प्रेशर स्विंग एडसॉर्प्शन (पीएसए) प्लांट और मेडिकल गैस पाइपलाइन सिस्टम स्थापित किए गए।

एकीकृत स्वास्थ्य सूचना प्लेटफॉर्म (आएचआईपी), एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी), स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस), आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एएएम) पोर्टल और राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग कार्यक्रम (एनपी-एनसीडी) पोर्टल वर्तमान में कार्यरत हैं। ये पोर्टल वास्तविक समय में डेटा संग्रह, डेटा विश्लेषण, डेटा विज़ुअलाइज़ेशन और महामारी संबंधी जानकारी के प्रचार-प्रसार को सक्षम बनाते हैं, जिससे प्रकोपों ​​का शीघ्र पता लगाने में सहायता मिलती है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज राज्यसभा में लिखित जवाब में यह बात कही।

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पीके/केसी/एचएन/एसके


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