उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बेंगलुरु के जक्कुर में 'व्हाइट रैबिट टेक्नोलॉजी' आधारित नेटवर्क प्रदर्शन का उद्घाटन किया


एक राष्ट्र, एक समय: भारतीय मानक समय की संप्रभुता स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

विदेशी समय स्रोतों पर निर्भरता से मुक्ति; बैंकिंग, रक्षा और डिजिटल बुनियादी ढांचे के लिए सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी

प्रविष्टि तिथि: 16 JUL 2026 7:56PM by PIB Delhi

केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री, श्री प्रल्हाद जोशी ने आज बेंगलुरु के जक्कुर स्थित क्षेत्रीय संदर्भ मानक प्रयोगशाला (आरआरएसएल) में 'व्हाइट रैबिट टेक्नोलॉजी' पर आधारित 'भारतीय मानक समय (आईएसटी) - वितरण प्रदर्शन नेटवर्क' का उद्घाटन किया।

 

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/1U30Y.jpeg

 

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 'एक राष्ट्र, एक समय' की महत्वाकांक्षी परिकल्पना के तहत लागू की गई यह पहल पूरे देश में एक समान, अत्यधिक सटीक और सुरक्षित समय मानक स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।

उन्होंने कहा कि यह नई प्रणाली जीपीएस जैसे विदेशी समय स्रोतों पर भारत की निर्भरता समाप्त कर देश की डिजिटल अवसंरचना की संप्रभुता को मजबूत करेगी। बाहरी समय स्रोतों पर निर्भरता कम होने से बैंकिंग, रक्षा, शेयर बाजार, डिजिटल बैंकिंग भुगतान, दूरसंचार नेटवर्क और राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को साइबर हमलों और डेटा से छेड़छाड़ जैसे खतरों से बेहतर सुरक्षा मिलेगी। यह उच्च-सटीकता वाली समय तालमेल तकनीक इन क्षेत्रों की स्थिरता बनाए रखने में क्रांतिकारी साबित होगी।

 

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/2Q53S.jpeg

 

इस परियोजना की नोडल एजेंसी उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय का विधिक माप विज्ञान प्रभाग है। इसे राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (एनपीएल), भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) जैसे प्रमुख तकनीकी संस्थानों के सहयोग से साकार किया गया है।

श्री जोशी ने कहा कि समन्वित सार्वभौमिक समय (यूटीसी) के वैश्विक मानकों के अनुरूप कार्य करने वाली यह स्वदेशी प्रणाली भारत की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करेगी और साथ ही अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों का भी पालन सुनिश्चित करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एक समान समय प्रोटोकॉल भविष्य में भारत के प्रौद्योगिकी-आधारित डिजिटल सुशासन तथा सार्वजनिक सेवाओं में पारदर्शिता की मजबूत आधारशिला सिद्ध होंगे।

इस कार्यक्रम में उपभोक्ता मामलों के विभाग की सचिव श्रीमती निधि खरे, अतिरिक्त सचिव श्री अनुपम मिश्रा, विधिक मापविज्ञान के निदेशक श्री आशुतोष अग्रवाल और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

***

पीके/केसी/केजे


(रिलीज़ आईडी: 2285640) आगंतुक पटल : 43
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Tamil