आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय
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गति, सुगमता, नेकनीयत, कर्तव्यनिष्ठा, प्रौद्योगिकी को अपनाना, लोकहित, पारदर्शिता- संकल्प


'संकल्प' केंद्रीय लोक निर्माण विभाग को भविष्य के लिए तैयार संगठन बनाने की दिशा में मार्गदर्शन करेगा: केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल

केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) का 172वां वार्षिक दिवस विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित

प्रविष्टि तिथि: 12 JUL 2026 8:11PM by PIB Delhi

भारत सरकार के प्रमुख इंजीनियरिंग संगठन, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने 12 जुलाई 2026 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में अपना 172वां वार्षिक दिवस मनाया, जो राष्ट्र के प्रति समर्पित सेवा के 172 से अधिक वर्षों का प्रतीक है।

आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के माननीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के सचिव श्री श्रीनिवास कटिकिथला की गरिमामय उपस्थिति में मुख्य अतिथि के रूप में इस अवसर की शोभा बढ़ाई। सीपीडब्लूडी के महानिदेशक श्री सतिंदर पाल सिंह; सीपीडब्लू के महानिदेशक (प्रशिक्षण) श्री मोहम्मद कमाल अहमद; और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के संयुक्त सचिव (वर्क्स एवं सेंट्रल विस्टा) श्री प्रदीप कुमार झा भी मंच पर उपस्थित थे। वरिष्ठ अधिकारी, सेवानिवृत्त अधिकारी, कर्मचारी और विशिष्ट अतिथि इस समारोह में शामिल हुए।

उद्घाटन सत्र के दौरान, माननीय मंत्री ने विभाग के कई महत्वपूर्ण प्रकाशनों और डिजिटल पहल का विमोचन किया, जिनमें तकनीकी प्रकाशन, निर्माण भारती (सीपीडब्ल्यूडी का वार्षिक इन- हाउस  प्रकाशन) और नव विकसित ई-निर्मित  ईआरपी मॉड्यूल शामिल हैं, जो डिजिटल परिवर्तन, पारदर्शिता और कुशल परियोजना प्रबंधन के प्रति सीपीडब्ल्यूडी की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

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इस अवसर पर माननीय मंत्री ने "इंडियाज अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन:रिफलेक्शंस फ्रॉम पॉलिसी एंड प्रेक्टिश" नामक पुस्तक और आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की "इंडियाज अर्बन मुमेंटम: टूवर्ड्स मेकिंग अवर सिटीज लाइवेबल" नामक कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया, जिसमें भारत की उल्लेखनीय शहरी विकास यात्रा और सतत एवं समावेशी शहरी विकास की दिशा में मंत्रालय की पहल पर प्रकाश डाला गया है।

माननीय मंत्री महोदय ने उत्कृष्ट प्रदर्शन, समर्पण और लोक सेवा में उत्कृष्टता के लिए महानिदेशक पदक, प्रशंसा पत्र और योग्यता प्रमाण पत्र उत्कृष्ट अधिकारियों, कर्मचारियों और परियोजना टीमों को प्रदान किए। विभाग की सर्वश्रेष्ठ पूर्ण परियोजनाओं के लिए भी पुरस्कार दिए गए।

समारोह के अंतर्गत, प्रमुख शैक्षणिक और व्यावसायिक संस्थानों के सहयोग से आयोजित क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, जो निरंतर सीखने और व्यावसायिक उत्कृष्टता के प्रति सीपीडब्ल्यूडी की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हैं। समारोह के दौरान सीपीडब्ल्यूडी की प्रमुख उपलब्धियों, प्रतिष्ठित अवसंरचना परियोजनाओं, आधुनिक निर्माण प्रौद्योगिकियों को अपनाने, e-NIRMIT ईआरपी मॉड्यूल के कार्यान्वयन और पुरस्कार विजेता परियोजनाओं को प्रदर्शित करने वाली एक वृत्तचित्र फिल्म का प्रदर्शन किया गया।

वार्षिक दिवस समारोह के उपलक्ष्य में, 11 जुलाई 2026 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली के हॉल नंबर 6 में एक तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया। आईआईटी हैदराबाद के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर के.वी.एल. सुब्रमण्यम ने निर्माण क्षेत्र में उभरती प्रौद्योगिकियों, नवाचार और स्थिरता पर मुख्य भाषण दिया। 11 जुलाई 2026 को विज्ञान भवन में ही सीपीडब्लूडी के महानिदेशक की अध्यक्षता में वरिष्ठ अधिकारियों का एक सम्मेलन भी आयोजित किया गया, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों ने चल रहे सुधारों, परियोजना कार्यान्वयन, क्षमता निर्माण, आधुनिक प्रौद्योगिकियों को अपनाने और विभाग के भविष्य के रोडमैप पर विचार-विमर्श किया।

अपने संबोधन में, आवासन और शहरी कार्य मंत्री माननीय श्री मनोहर लाल ने पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ निर्माण पद्धतियों को अपनाने, आधुनिक और उभरती प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने, क्षमता निर्माण को मजबूत करने और सार्वजनिक अवसंरचना विकास में डिजिटल परिवर्तन को गति देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में सीपीडब्ल्यूडी के योगदान की सराहना की और पारदर्शिता, दक्षता और समय पर परियोजना निष्पादन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने एक कुशल और पारदर्शी ऑनलाइन हस्तांतरण एवं पोस्टिंग प्रणाली, निरंतर संस्थागत सुधारों और अवसंरचना क्षेत्र में भविष्य की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए विभाग को तैयार करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। आवासन और शहरी कार्य मंत्री ने सीपीडब्ल्यूडी के 172 वें वार्षिक दिवस पर उसे गति , पहुंच , नवीनता , कर्तव्यनिष्ठा और प्रौद्योगिकी को अपनाने के संकल्प के लिए प्रेरित किया, जो कि विकसित भारत में उसका योगदान है।

अपने संबोधन में, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्री श्रीनिवास कटिकिथला ने राष्ट्र की सेवा के 172 वर्ष पूरे होने पर सीपीडब्ल्यूडी परिवार को बधाई दी। उन्होंने देशभर में गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक अवसंरचना के निर्माण में विभाग के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की और इस बात पर जोर दिया कि सीपीडब्ल्यूडी एक आधुनिक, प्रौद्योगिकी-आधारित संगठन के रूप में विकसित हो चुका है जो जटिल और प्रतिष्ठित परियोजनाओं को क्रियान्वित करने में सक्षम है।

सचिव ने सार्वजनिक अवसंरचना विकास में व्यापक राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि सरकार के प्रमुख तकनीकी संगठन के रूप में सीपीडब्ल्यूडी की भूमिका को और मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण क्षेत्र में उत्कृष्टता, नवाचार, ज्ञान साझाकरण, क्षमता निर्माण और मानकीकरण को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय मंच के रूप में कार्य करने हेतु राष्ट्रीय लोक निर्माण परिषद की स्थापना के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की संस्थागत व्यवस्था केंद्र और राज्य सरकार की एजेंसियों, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग और पेशेवर निकायों के बीच सहयोग को सुगम बनाएगी, जिससे देशभर में सार्वजनिक अवसंरचना विकास की गुणवत्ता, स्थिरता और दक्षता में वृद्धि होगी।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सार्वजनिक निर्माण ईकोसिस्टम के लिए ज्ञान और क्षमता निर्माण संस्था के रूप में अपनी भूमिका का विस्तार करते हुए, सीपीडब्ल्यूडी को सर्वोत्तम इंजीनियरिंग प्रथाओं, डिजिटल प्रौद्योगिकियों, टिकाऊ निर्माण विधियों और कुशल परियोजना प्रबंधन प्रणालियों को अपनाने में अग्रणी भूमिका निभाते रहना चाहिए।

इससे पहले, सीपीडब्ल्यूडी के महानिदेशक श्री सतिंदर पाल सिंह ने मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया और पिछले वर्ष के दौरान विभाग की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने नवाचार, व्यावसायिकता और परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले सार्वजनिक अवसंरचना के निर्माण के प्रति सीपीडब्ल्यूडी की प्रतिबद्धता को दोहराया।

महानिदेशक ने इस बात पर जोर दिया कि क्षमता निर्माण और कौशल विकास विभाग की प्रमुख प्राथमिकताएं बनी हुई हैं। उन्होंने राष्ट्रीय सीपीडब्ल्यूडी अकादमी के माध्यम से शुरू की गई विभिन्न प्रशिक्षण पहल और प्रमुख संस्थानों के साथ सहयोग का उल्लेख किया, जिनका उद्देश्य इंजीनियरों और अन्य पेशेवरों की तकनीकी और प्रबंधकीय दक्षताओं को निरंतर बढ़ाना है। उन्होंने परियोजना निष्पादन में उत्पादकता, गुणवत्ता, स्थिरता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बिल्डिंग इंफॉर्मेशन मॉडलिंग (बीआईएम), डिजिटल परियोजना प्रबंधन उपकरण, उन्नत निर्माण सामग्री, स्वचालन और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों सहित आधुनिक निर्माण प्रौद्योगिकियों को अपनाने के महत्व पर भी बल दिया। उन्होंने राष्ट्र की सेवा में तकनीकी उन्नति और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता में अग्रणी बने रहने के सीपीडब्ल्यूडी के संकल्प को दोहराया।

इन समारोहों ने राष्ट्र के लिए विश्व स्तरीय सार्वजनिक अवसंरचना के निर्माण में इंजीनियरिंग उत्कृष्टता, नवाचार, स्थिरता और क्षमता निर्माण के प्रति सीपीडब्ल्यूडी की अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

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पीके/केसी/जेएस


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