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सीएक्यूएम ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में शहरी सड़कों के 17 हिस्सों का निरीक्षण किया


आयोग ने सड़कों और आसपास के रास्तों के उचित पक्कीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया, और साथ ही पुनर्विकास कार्यों को समय पर पूरा करने पर भी बल दिया

प्रविष्टि तिथि: 11 JUL 2026 7:34PM by PIB Delhi

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में आयोग के मानक ढांचे के अनुसार शहरी सड़कों के पुनर्विकास का आकलन करने के लिए 10.07.2026 को नोएडा और ग्रेटर नोएडा में एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इसमें लगभग 46.87 किलोमीटर में फैले 17 सड़क खंडों का निरीक्षण किया गया। इनमें से 9 में पूर्ण पक्कीकरण पाया गया जबकि 8 सड़क खंडों में अभी भी पूर्ण पक्कीकरण नहीं हुआ था। जिससे पता चलता है कि पुनर्विकास कार्यों को समय पर पूरा करने की आवश्यकता  है।

आयोग ने ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (जीएनआईडीए) और नोएडा प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सड़क खंडों का निरीक्षण करने के लिए चार फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए। निरीक्षण में जीएनआईडीए के अंतर्गत आने वाले 11 और नोएडा प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले 6 सड़क खंड शामिल थे। इनमें 10-15 मीटर और 15 मीटर से अधिक चौड़ाई वाले राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) श्रेणी की सड़कें शामिल थीं।

निरीक्षण के दौरान ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (जीएनआईडीए) के अंतर्गत आने वाले 5 और नोएडा प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले 4 सड़क खंडों पर पूर्ण पक्की सड़क पाई गई जो आयोग द्वारा निर्धारित मानक ढांचे के अनुपालन को दर्शाती है। हालांकि ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण  (जीएनआईडीए) के अंतर्गत आने वाले 6 और नोएडा प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले 2 सड़क खंडों पर पूर्ण पक्की सड़क नहीं पाई गई।

इस निरीक्षण में यह भी पता चला कि 8 सड़क खंडों पर पक्के फुटपाथ या तो बने ही नहीं थे या बिल्कुल नहीं थे  इनमें से 6 जीएनआईडीए के अंतर्गत और 2 नोएडा प्राधिकरण के अंतर्गत आते हैं। इसके अलावा 5 सड़क खंडों पर पक्के केंद्रीय किनारे नहीं बने थे। जिनमें से 3  जीएनआईडीए के अंतर्गत और 2 नोएडा प्राधिकरण के अंतर्गत आते हैं।

आयोग ने पाया कि शहरी सड़कों के पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है लेकिन मानक ढांचे के पूर्ण अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए शेष कमियों पर समय रहते ध्यान देने की आवश्यकता है। आयोग ने कहा कि सड़क की धूल के उड़ने को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए जो शहरी क्षेत्रों में वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों में से एक है, संपूर्ण सड़क निर्माण, पक्के फुटपाथों का निर्माण और केंद्रीय किनारों का विकास आवश्यक है।

आयोग ने दोहराया कि सड़कों और आस-पास के रास्तों का उचित निर्माण वाहनों की आवाजाही से उत्पन्न धूल के पुनः उड़ने को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और मशीनीकृत सड़क सफाई तथा अन्य धूल नियंत्रण उपायों की प्रभावशीलता को बढ़ाता है। संबंधित अधिकारियों को शेष पुनर्विकास कार्यों में तेजी लाने और नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

आयोग ने इस बात पर भी जोर दिया कि दिल्ली-एनसीआर में सभी सड़क स्वामित्व एजेंसियों द्वारा मानक ढाँचे का कार्यान्वयन सड़क धूल की समस्या के दीर्घकालिक निवारण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। विभिन्न वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों के जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन की निगरानी करने और जहां भी आवश्यक हो, समय पर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली-एनसीआर में निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे।

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पीके/केसी/एनकेएस


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