सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय
केंद्रीय एमएसएमई मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने पुडुचेरी में मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की और बैंकों से एमएसएमई के लिए संस्थागत ऋण तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने का आग्रह किया
केंद्रीय मंत्री ने एमएसएमई तकनीक केंद्र और एमएसएमई टेस्टिंग स्टेशन का भी दौरा किया
प्रविष्टि तिथि:
09 JUL 2026 7:40PM by PIB Delhi
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने 8-9 जुलाई 2026 को पुडुचेरी का दौरा किया। इस दौरे का मकसद एमएसएमई मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा करना और संबंधित लोगों को निर्देश देना था कि वे एमएसएमई को तकनीक, क्रेडिट और फाइनेंस, कौशल विकास, बाज़ार तक पहुंच और गुणवत्ता समर्थन संबंधित ढ़ांचा उपलब्ध कराने में मदद करें।
अपनी यात्रा के दौरान, उन्होंने एक विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में मंत्रालय के अधिकारी, पुडुचेरी सरकार, विकास एवं सुविधा कार्यालय, खादी और ग्रामोद्योग आयोग, कॉयर बोर्ड, नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन (एनएसआईसी), सिडबी के अधिकारियों, राज्य स्तर की बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) के सदस्यों, एमएसएमई संघो और अन्य संबंधित लोगों ने हिस्सा लिया।

इस समीक्षा में पुडुचेरी सरकार के उद्योग निदेशालय और एमएसएमई मंत्रालय, दोनों ने केंद्र शासित प्रदेश में एमएसएमई व्यवस्था और प्रमुख योजनाओं के तहत हुई प्रगति पर प्रस्तुतिकरण दिया। इन योजनाओं में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी), पीएम विश्वकर्मा, सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई), एमएसएमई कॉम्पिटिटिव (एलईएएन), एमएसएमई सस्टेनेबल (ज़ेडईडी), एमएसएमई परफॉर्मेंस को बढ़ाना और तेज़ करना (आरएएमपी), खरीद और विपणन सहायता (पीएमएस), बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) योजना और चैंपियंस शामिल हैं। चर्चा का मुख्य फोकस इन योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इनके ज़्यादा इस्तेमाल पर था।
केंद्री मंत्री ने बैंकों से एमएसएमई के लिए संस्थागत क्रेडिट तक पहुँच आसान बनाने का आग्रह किया और सभी संबंधित पक्षों से इस क्षेत्र के विकास के लिए सरकारी पहलों को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा।

8 जुलाई 2026 को उन्होंने एमएसएमई तकनीक केंद्र, पुडुचेरी का दौरा किया और केंद्र की प्रशिक्षण और उत्पादन सुविधाओं का जायजा लिया। केंद्रीय मंत्री ने तकनीक आधारित कौशल विकास कार्यक्रम में शामिल प्रशिक्षुओं से बातचीत की और अत्याधुनिक मशीनों से बने उत्पादों का निरीक्षण किया। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि युवाओं को आधुनिक तकनीक आधारित कौशल से लैस करना और उन्हें आत्मनिर्भर व रोज़गार के लिए तैयार बनाना मंत्रालय की मुख्य प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई तकनीक केंद्र कुशल कार्यबल तैयार करने, विनिर्माण व्यवस्था को मज़बूत करने और आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित भारत के विज़न को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।


केंद्रीय मंत्री ने 9 जुलाई 2026 को एमएसएमई टेस्टिंग स्टेशन का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने एमएसएमई के लिए उपलब्ध परीक्षण सुविधाओं, क्वालिटी एश्योरेंस सिस्टम और तकनीकी मदद से संबंधित सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने गुणवत्ता का प्रमाणन, तकनीकी मदद और क्षमता निर्माण में स्टेशन के योगदान की सराहना की और केंद्र शासित प्रदेश में एमएसएमई द्वारा इसकी सुविधाओं के बेहतर इस्तेमाल और जागरूकता बढ़ाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

केंद्रीय मंत्री ने इस दौरे ने वित्तीय सुविधाओं तक बेहतर पहुँच, अत्याधुनिक तकनीक, कौशल विकास, गुणवत्ता संबंधी ढ़ांचे और बेहतर संस्थागत मदद के ज़रिए पुडुचेरी में एमएसएमई व्यवस्था को मज़बूत करने के मंत्रालय के संकल्प को फिर से दोहराया।
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पीके/केसी/एनएस/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2283060)
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