सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
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शिक्षा, आजीविका और स्वास्थ्य देखभाल संबंधी पहलों पर ध्यान केंद्रित करते हुए ‘सीड’ (एसईईडी) घटकों के तहत 1.10 लाख से अधिक लाभार्थियों को शामिल किया गया; वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कार्यान्वयन के लिए 53.06 करोड़ रुपये जारी किए गए

प्रविष्टि तिथि: 07 JUL 2026 5:36PM by PIB Delhi

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय गैर-अधिसूचित, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों के विकास एवं कल्याण बोर्ड के सहयोग से गैर-अधिसूचित, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण की योजना (एईईडी) का क्रियान्वयन कर रहा है। इस योजना का उद्देश्य गैर-अधिसूचित घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू (डीएनटी, एनटी एवं एसएनटी) समुदायों के बीच शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, उद्यमिता तथा आजीविका सृजन को बढ़ावा देना है।

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान इस योजना के विभिन्न घटकों के अंतर्गत 1.10 लाख से अधिक लाभार्थियों को शिक्षा, आजीविका और स्वास्थ्य सेवा संबंधी पहलों का लाभ प्रदान किया गया। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 53.06 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी की गई। इस येाजना का प्रभाव देश के विभिन्न भागों से सामने आ रही अनेक प्रेरणादायक सफलता की कहानियों में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव श्री सुधांश पंत ने कहा कि यह योजना देश भर में शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने, उद्यमिता को प्रोत्साहित करने तथा स्थायी आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने में सार्थक योगदान दे रही है। उन्होंने कहा कि योजना के विभिन्न घटकों के माध्यम से एसईईडी लाभार्थियों को अपने सपनों को साकार करने तथा भारत की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी का अवसर प्रदान कर रही है।

उन्होंने कहा कि उद्यमों के विस्तार, परिवारों की आय में वृद्धि, शैक्षिक उपलब्धियों को प्रोत्साहन तथ पेशेवर करियर के निर्माण में सहायता प्रदान करके सीड (एसईईडी) योजना देश में समावेशी विकास और सामाजिक-आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

श्री पंत ने आगे कहा कि शिक्षा, उद्यमिता और आजीविका सहायता के माध्यम से सीड (एसईईडी) व्यक्तियों और परिवारों को नई उपलब्धियां हासिल करने तथा भारत के विकास में योगदान देने के लिए सशक्त बना रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में लाभार्थियों की निरंतर सफलता इस योजना को आकांक्षा, उद्यमशीलता और उपलब्धि का सशक्त प्रतीक बनाती है।

गौरतलब है कि देश के विभिन्न भागों से सामने आ रही सफलता की कहानियां गैर-अधिसूचित, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों के बीच शिक्षा, उद्यमिता, स्वास्थ्य देखभाल और आजीविका सृजन को बढ़ावा देने के लिए सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

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