संस्‍कृति मंत्रालय
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संस्कृति मंत्रालय कल कोलकाता में भारत केसरी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 वीं जयंती पर आयोजित करेगा एक विशेष स्मरणीय कार्यक्रम


केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में होंगे शामिल

प्रविष्टि तिथि: 05 JUL 2026 7:01PM by PIB Delhi

संस्कृति मंत्रालय, पश्चिम बंगाल सरकार के सहयोग से, कल (6 जुलाई 2026) कोलकाता के मिलन मेला प्रांगण में एक विशेष स्मारक कार्यक्रम आयोजित करेगा। यह कार्यक्रम 'भारत केसरी' डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के दो वर्षीय आधिकारिक उत्सव के अंग  के रूप में आयोजित किया जा रहा है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी, पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव श्री मनोज अग्रवाल, संस्कृति मंत्रालय के सचिव श्री विवेक अग्रवाल और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहेंगे।

संस्कृति मंत्रालय ने साल 2025 में 'भारत केसरी' डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर दो साल के राष्ट्रव्यापी उत्सव की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य इस दूरदर्शी राजनेता, शिक्षाविद्, सांसद और राष्ट्रवादी नेता की स्थायी विरासत को सम्मान देना है, जिनके योगदान ने भारत के राजनीतिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और औद्योगिक परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से आकार दिया।

दिन के कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि श्री अमित शाह और अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भवानीपुर, कोलकाता में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के निवास स्थान पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ होगी। इसके बाद, मुख्य अतिथि इको पार्क का दौरा करेंगे, जहाँ वे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रस्तावित 125 फीट ऊंची प्रतिमा का भूमि पूजन और शिलान्यास करेंगे। यह राष्ट्र के प्रति उनके स्थायी योगदान को सम्मान देने की एक ऐतिहासिक पहल है।

मिलन मेला प्रांगण में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और विरासत को समर्पित एक विशेष प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया जाएगा। दुर्लभ तस्वीरों, अभिलेखीय दस्तावेजों और व्यापक मल्टीमीडिया डिस्प्ले के माध्यम से, यह प्रदर्शनी उनकी व्यक्तिगत यात्रा, वैचारिक दृष्टिकोण, शैक्षिक सुधारों और भारत के लोकतांत्रिक संस्थानों व औद्योगिक विकास को मजबूत करने में उनकी अनूठी भूमिका को दर्शाएगी।

मिलन मेला प्रांगण में आयोजित स्मारक कार्यक्रम में सामूहिक वंदे मातरम गान होगा, जिसके बाद सीसीआरटी  द्वारा "सुर, संस्कृति एवं राष्ट्र" शीर्षक से एक भव्य संगीतमय श्रद्धांजलि प्रस्तुत की जाएगी। इस प्रस्तुति में भारतीय शास्त्रीय, लोक और पारंपरिक संगीत की विभिन्न धाराओं का प्रतिनिधित्व करने वाले 57 कुशल कलाकार शामिल होंगे, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और एकता की भावना को प्रदर्शित करेंगे। एक संगीतमय कथा के रूप में परिकल्पित यह कार्यक्रम, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, राष्ट्रीय एकीकरण, शिक्षा और सभ्यतागत मूल्यों के प्रति डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के स्थायी आदर्शों का उत्सव मनाता है। इस संगीत समूह का निर्देशन पद्मश्री तरुण भट्टाचार्य द्वारा किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और योगदान को दर्शाने वाली एक शॉर्ट फिल्म भी दिखाई जाएगी। इसके साथ ही, कार्यक्रम में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रस्तावित 125 फीट ऊंची प्रतिमा के शिलान्यास को प्रदर्शित करने वाला एक विशेष वीडियो भी जारी किया जाएगा।

यह दो साल का राष्ट्रव्यापी उत्सव देश के सबसे प्रमुख राष्ट्र निर्माताओं में से एक की स्थायी विरासत को संरक्षित करने और बढ़ावा देने के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो वर्तमान और भावी पीढ़ियों को उनके राष्ट्रवाद, जनसेवा और भारत की एकता व प्रगति के प्रति अटूट समर्पण के आदर्शों से प्रेरित करेगा।

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पीके/केसी/एसके/डीए


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