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CCRAS की पांचवीं कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित; तीन प्रमुख अनुसंधान पहल का शुभारंभ
"CCRAS साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद अनुसंधान का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा है": वैद्य राजेश कोटेचा
प्रविष्टि तिथि:
03 JUL 2026 8:34PM by PIB Delhi
आयुष मंत्रालय के अधीन सर्वोच्च अनुसंधान निकाय, केंद्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद (CCRAS) ने आज आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा की अध्यक्षता में अपनी पांचवीं कार्यकारी समिति (EC) की बैठक आयोजित की। इस बैठक ने अनुसंधान, शिक्षा, वैज्ञानिक लेखन और डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तीन प्रमुख पहल की शुरुआत से देश के साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद अनुसंधान तंत्र को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया।
कार्यकारी समिति को संबोधित करते हुए, आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद अनुसंधान, शिक्षा और जन स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में CCRAS के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने राष्ट्रीय अनुसंधान प्रणाली को मजबूत करने में परिषद के निरंतर प्रयासों की प्रशंसा की और संगठन को नवाचार और उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर प्रयास जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
सचिव ने CCRAS को कई उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए बधाई दी, जिनमें इसके संस्थानों में 21 NABH और NABL मान्यताएं प्राप्त करना, आयुष दीक्षा मंच की स्थापना, सफल अंतरराष्ट्रीय सहयोगी अनुसंधान पहल और किशोरियों में एनीमिया पर बड़े पैमाने पर अध्ययन शामिल हैं।
नवगठित कार्यकारी समिति के अध्यक्ष और सदस्यों का स्वागत करते हुए, CCRAS के महानिदेशक और कार्यकारी समिति के सदस्य सचिव, प्रोफेसर (वैद्य) रबीनारायण आचार्य ने बैठक का एजेंडा प्रस्तुत किया और परिषद की प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर बोलते हुए प्रोफेसर आचार्य ने कहा, " CCRAS वैश्विक स्तर पर सम्मानित, साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद अनुसंधान ईकोसिस्टम के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। वैज्ञानिक अनुसंधान, संस्थागत उत्कृष्टता, डिजिटल परिवर्तन, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और क्षमता निर्माण में परिषद की उपलब्धियां नवाचार, गुणवत्ता और वैज्ञानिक सत्यापन के माध्यम से आयुर्वेद को आगे बढ़ाने के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।"
तीन महत्वपूर्ण पहल का शुभारंभ
कार्यकारी समिति ने आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान, वैज्ञानिक संचार और डिजिटल प्रशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से तीन प्रमुख पहल के शुभारंभ किया।
आयुर्वेद प्रबोधिनी ग्रंथमाला के अंतर्गत अनुसंधान पद्धति पाठ्यपुस्तक
बैठक के दौरान आयुर्वेद प्रबोधिनी ग्रंथमाला श्रृंखला के अंतर्गत विकसित अनुसंधान पद्धति पर एक पाठ्यपुस्तक का अनावरण किया गया। 50 शोध वैज्ञानिकों और संकाय सदस्यों द्वारा लिखित यह पाठ्यपुस्तक राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयोग (NCISM) द्वारा स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट आयुष शिक्षा के लिए निर्धारित परिणाम-आधारित गतिशील पाठ्यक्रम के अनुरूप तैयार की गई है। उम्मीद है कि यह प्रकाशन एमडी, एमएस और पीएच.डी छात्रों के बीच अनुसंधान पद्धति, वैज्ञानिक सोच और साक्ष्य-आधारित अनुसंधान क्षमताओं को मजबूत करेगा।
CCRAS प्रयत्न 2026-27 के लिए रुचि की अभिव्यक्ति का शुभारंभ
परिषद ने आयुर्वेद में स्नातकोत्तर और पीएच.डी छात्रों के बीच वैज्ञानिक लेखन को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रमुख पहल, CCRAS प्रयत्न 2026-27 के लिए रुचि की अभिव्यक्ति (EoI) भी शुरू की। इस अवसर पर, CCRAS प्रयत्न का आधिकारिक पोस्टर भी जारी किया गया।
इस पहल का उद्देश्य संरचित, संस्था-आधारित कार्यशालाओं के माध्यम से वैज्ञानिक लेखन और प्रकाशन कौशल को बढ़ाना है, जिससे एक मजबूत अनुसंधान संस्कृति को बढ़ावा मिले और युवा आयुर्वेद शोधकर्ताओं को आवश्यक वैज्ञानिक संचार कौशल से लैस किया जा सके।
CCRAS डिजिटल ईकोसिस्टम डैशबोर्ड
कार्यकारी समिति ने CCRAS डिजिटल ईकोसिस्टम डैशबोर्ड का भी शुभारंभ किया, जो परिषद के वेब-आधारित और डिजिटल संसाधनों को प्रदर्शित करने वाला एक एकीकृत मंच है। इस डैशबोर्ड को सुलभता, पारदर्शिता और जनसंपर्क को बेहतर बनाने के साथ-साथ अनुसंधान परिणामों और संस्थागत संसाधनों के प्रसार को सुगम बनाने के लिए विकसित किया गया है। यह डैशबोर्ड dashboard.ccras.org.in पर उपलब्ध है।
इस बैठक में आयुष मंत्रालय के एएस एंड एफए श्री हुवेयदा अब्बास; आयुष मंत्रालय के वरिष्ठ सांख्यिकी सलाहकार श्री सत्यजीत पॉल; आयुष मंत्रालय के सलाहकार (आयुर्वेद) डॉ. ए. रघु; NCISM के पूर्व अध्यक्ष वैद्य जयंत देवपुजारी; राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रो. (डॉ.) संजीव शर्मा; CCRAS के उप महानिदेशक डॉ. एन. श्रीकांत; उप निदेशक (प्रशासन) श्री दीपक कोचर और कार्यकारी समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
इस बैठक में उच्च स्तरीय, साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद अनुसंधान को आगे बढ़ाने और समाज के लाभ के लिए वैज्ञानिक उत्कृष्टता, शैक्षणिक क्षमता निर्माण और डिजिटल नवाचार को एकीकृत करने वाले एक ईकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए CCRAS की प्रतिबद्धता दोहराई गई।



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पीके/केसी/जेएस
(रिलीज़ आईडी: 2280975)
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