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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आज नई दिल्ली में ‘सीमाओं को जोड़ना, विश्वास का निर्माण’ विषय के साथ एक व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किया

इस अभियान का उद्देश्य हितधारकों को नए आयकर अधिनियम, 2025; आयकर नियम, 2026 और नए फॉर्मों के प्रावधानों के बारे में जागरूक करना था, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय कराधान, हस्तांतरण मूल्य निर्धारण और अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौतों पर विशेष जोर दिया गया

प्रविष्टि तिथि: 28 APR 2026 10:49PM by PIB Delhi

उत्तर क्षेत्र के मुख्य आयकर आयुक्त (अंतर्राष्ट्रीय कर) ने आज नई दिल्ली में ‘सीमाओं को जोड़ना, विश्वास का निर्माण’ शीर्षक से एक व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किया। इस जनसंपर्क कार्यक्रम का उद्देश्य हितधारकों के बीच नए आयकर अधिनियम, 2025; आयकर नियम, 2026 तथा नए फॉर्मों के प्रावधानों के बारे में जागरूकता बढ़ाना था, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय कराधान, हस्तांतरण मूल्य निर्धारण और अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौतों पर विशेष जोर दिया गया। .

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अपने मुख्य भाषण में, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के सदस्य (विधान) श्री प्रसेनजीत सिंह ने कानूनों और नियमों को सरल बनाने तथा विश्वास-आधारित शासन को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने आयकर अधिनियम के कई प्रावधानों के अपराध से मुक्ति, करदाताओं को समय पर सेवाएं सुनिश्चित करने के उपायों तथा स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए आंकड़ा-आधारित ‘नज’ (NUDGE) अभियानों पर भी चर्चा की।

कार्यक्रम के दौरान, श्री प्रसेंजीत सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय कर के प्रमुख पहलुओं जैसे सेफ हार्बर, एपीए, विदेशी कर क्रेडिट और टीआरसी पर नौ पुस्तिकाओं का भी विमोचन किया, जिसका उद्देश्य करदाताओं को प्रभावी मार्गदर्शन प्रदान करना है। विभाग के एआई-संचालित चैटबॉट ‘कर साथी’  के बारे में भी बताया।

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यह जनसंपर्क कार्यक्रम विभाग की प्रमुख हितधारक सहभागिता श्रृंखला, 'प्रारंभ'का हिस्सा है। इसमें उद्योग जगत, बहुराष्ट्रीय कंपनियों (एमएनसी), आईसीएआई, कर विशेषज्ञों और विभाग के अधिकारियों सहित लगभग 150 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

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इससे पहले अपने उद्घाटन संबोधन में, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (अंतर्राष्ट्रीय कराधान) सुश्री मोनिका भाटिया ने वैश्वीकरण की अर्थव्यवस्था में कर-निश्चितता, एकरूपता और विश्वसनीयता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय कर विभाग द्वारा विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों के सहयोग से आयोजित किए जाने वाले आगामी वैश्विक जनसंपर्क कार्यक्रमों की भी घोषणा की।

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विभिन्न संगठनों, आईसीएआई, उद्योग जगत और कर परामर्श फर्मों से आए प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और विभाग के इस जनसंपर्क कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने अनेक प्रश्न पूछे, जिनका उत्तर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के कर नीति प्रभाग और विदेशी कर प्रभाग के संयुक्त सचिव और निदेशक उत्तर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिया गया। प्रतिभागियों ने दिए गए उत्तरों के लिए आभार व्यक्त किया।

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पीके/केसी/पीकेपी


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