नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
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नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने एक दिवसीय प्रदर्शनी में भारत के बढ़ते हाइड्रोजन स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रदर्शित किया


18 नवोन्मेषी स्टार्टअप्स ने विविध हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकियों और समाधानों का प्रदर्शन किया

विविध स्टार्टअप भागीदारी ने हाइड्रोजन मूल्य श्रृंखला में नवाचारों को प्रदर्शित किया

प्रविष्टि तिथि: 15 APR 2026 5:51PM by PIB Delhi

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने एक दिवसीय हाइड्रोजन स्टार्टअप प्रदर्शनी का आयोजन किया। प्रदर्शनी का उद्देश्य देश में जीवंत हाइड्रोजन स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना था।

प्रदर्शनी में ग्रीन हाइड्रोजन मूल्य श्रृंखला के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत 18 होनहार स्टार्टअप एक साथ आए, जिनमें इलेक्ट्रोलाइज़र प्रौद्योगिकी, ईंधन सेल अनुप्रयोग, बायोमास से हाइड्रोजन उत्पादन और हाइड्रोजन प्रणालियों के लिए डिजिटल समाधान शामिल हैं। प्रतिभागी स्टार्टअप्स ने अपनी प्रौद्योगिकियों और उत्पादों का प्रदर्शन किया और सरकार, उद्योग तथा  अनुसंधान समुदाय के प्रमुख हितधारकों के साथ संवाद किया।

यह उल्लेखनीय है कि उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के अनुसार, सितंबर 2025 तक हाइड्रोजन क्षेत्र में 249 स्टार्टअप थे।

प्रतिभागी कंपनियों में पांच इलेक्ट्रोलाइज़र स्टार्टअप (इलेक्ट्रोलाइज़र और संबंधित स्टैक घटक), दो हाइड्रोजन उत्पादन स्टार्टअप, एक ईंधन सेल स्टार्टअप, एक हाइड्रोजन अनुप्रयोग स्टार्टअप, एक सुरक्षा स्टार्टअप (एमईएमएस -आधारित सेंसर), दो ड्रोन स्टार्टअप, तीन हाइड्रोजन कुकिंग स्टार्टअप, एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता या मशीन लर्निंग स्टार्टअप और दो जैव-हाइड्रोजन स्टार्टअप शामिल थे।

इस अवसर पर भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय सूद ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और स्टार्टअप संस्थापकों से बातचीत की। अन्य गणमान्य व्यक्तियों में एमएनआरई के सचिव श्री संतोष सारंगी, पीएसए कार्यालय में वैज्ञानिक सचिव डॉ. परमिंदर मैनी और एनजीएचएम के निदेशक श्री अभय baaकरे शामिल थे।

पिछले वर्ष, एमएनआरई ने हाइड्रोजन उत्पादन और अनुप्रयोगों के नए और नवीन उपयोगों के लिए योजना शुरू की थी, जिसके तहत योजना के भाग ब में स्टार्टअप फंडिंग (पायलट परियोजनाओं) के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जिसमें प्रति स्टार्टअप अधिकतम 5 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया था।

योजना शुरू होने के बाद, एनआईएसई ने सितंबर 2025 में प्रस्तावों के लिए आमंत्रण (सीएफपी) जारी किया था। कुल 111 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 58 को इस वर्ष की शुरुआत में परियोजना मूल्यांकन समिति के समक्ष प्रस्तुति के लिए चुना गया था। प्रस्तुतियों के परिणाम आने वाले हफ्तों में घोषित किए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि एमएनआरई ने पिछले सितंबर में नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर केंद्र में अनुसंधान एवं विकास सम्मेलन के हिस्से के रूप में इसी तरह की एक स्टार्टअप प्रदर्शनी का आयोजन किया था, जिसमें 25 से अधिक स्टार्टअप ने भाग लिया था। दूसरा आयोजन पहले आयोजन की सफलता का परिणाम है।

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पीके/केसी/जेएस


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