नीति आयोग
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नीति आयोग ने जम्मू-कश्मीर में बागवानी विकास के लिए कार्यशाला का आयोजन किया और वांछित परिणाम (रोडमैप) पर रिपोर्ट जारी की

प्रविष्टि तिथि: 08 APR 2026 10:10PM by PIB Delhi

नीति आयोग ने आज नई दिल्ली में एक कार्यशाला का आयोजन किया। इस दौरान  'केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में बागवानी विकास के लिए रोडमैप' शीर्षक से रिपोर्ट जारी की।

नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री सुमन बेरी, नीति आयोग के सदस्य (कृषि) प्रोफेसर रमेश चंद, नीति आयोग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री निधि छिब्बर और नीति आयोग की कार्यक्रम निदेशक डॉ. नीलम पटेल की उपस्थिति में यह रिपोर्ट जारी की गई।

हाइब्रिड मोड में आयोजित कार्यशाला में जम्मू और कश्मीर में बागवानी क्षेत्र में बदलाव पर विचार-विमर्श करने के लिए प्रमुख भागीदार एक साथ एक मंच पर आए। इस दौरान उत्पादन प्रणाली, बुनियादी ढांचा, स्थिरता, मूल्यवर्धन और बाजार प्रतिस्पर्धा को लेकर चर्चा की गई।

इस कार्यक्रम में दो तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। पहले सत्र में जम्मू और कश्मीर में बागवानी के संरचनात्मक बदलाव पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें उत्पादन प्रणाली, बुनियादी ढांचा, स्थिरता और नियामक सुधार शामिल थे। दूसरे सत्र में विविधीकरण, मूल्यवर्धन और निर्यात प्रतिस्पर्धा पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसमें एफपीओ, सहकारी समितियों, एसएचजी, प्रगतिशील किसानों और बागवानी स्टार्टअप के प्रतिनिधियों ने भागीदारी की।

कश्मीर के बागवानी निदेशक श्री विकास आनंद, जम्मू के बागवानी निदेशक श्री गुल सैयद, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के बागवानी आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के उप महानिदेशक (बागवानी विज्ञान) डॉ. संजय कुमार सिंह ने इन सत्रों को संबोधत किया। इसके बाद नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

इस कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एसकेयूएएसटी), जम्मू और कश्मीर सरकार के कृषि उत्पादन विभाग, जम्मू और कश्मीर के बागवानी विभाग, आईसीएआर-केंद्रीय शीतोष्ण बागवानी संस्थान (सीआईटीएच), किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), सहकारी समितियां, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) और निजी क्षेत्र एवं बागवानी स्टार्टअप के प्रतिनिधियों सहित प्रमुख संस्थानों और संगठनों ने भाग लिया।

यह रिपोर्ट केंद्र शासित प्रदेश में बागवानी क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए मूल्य-शृंखला आधारित और प्रौद्योगिकी-संचालित दृष्टिकोण के माध्यम से एक व्यापक और दूरदर्शी रोडमैप प्रस्तुत करती है। इसका उद्देश्य उत्पादकता में सुधार करना, फसल कटाई के बाद की प्रक्रियाओं और कोल्ड-चेन अवसंरचना को मजबूत करना, मूल्यवर्धन को बढ़ावा देना और बाजार संबंधों को बेहतर बनाना है।

इस रोडमैप का एक प्रमुख पहलू प्रस्तावित मिशन ढांचा, ऑपरेशन गोल्डन ग्रीन्स है। इसका उद्देश्य फलों, सूखे मेवों, सब्जियों, फूलों की खेती और कम उपयोग वाली फसलों सहित विभिन्न क्षेत्रों में बागवानी के एकीकृत विकास को चरणबद्ध और समन्वित दृष्टिकोण के माध्यम से बढ़ावा देना है।

यह रोडमैप जम्मू और कश्मीर में एक प्रतिस्पर्धी, अनुकूल और समावेशी बागवानी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की व्यापक दृष्टि के अनुरूप अल्पकालिक, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक दृष्टिकोण की रूपरेखा प्रस्तुत करता है।

यह पहल सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने और केंद्र शासित प्रदेश को उसकी प्राकृतिक शक्तियों का लाभ उठाने में सहायता करने की नीति आयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो, रोजगार का सृजन हो और भारत के विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण में योगदान दिया जा सके।

पूरी रिपोर्ट यहां देखें :  : https://niti.gov.in/sites/default/files/2026-04/Roadmap-for-Horticulture-Development-in-the-UT-of-Jammu-and-Kashmir.pdf

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पीके/केसी/आरकेजे

 


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