वित्त मंत्रालय
सरकार प्रमुख योजनाओं के माध्यम से वित्तीय समावेशन पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर रही है
बीमा, पेंशन और ऋण योजनाएं वित्तीय समावेशन को मजबूत करती हैं तथा देश भर में लाभार्थियों के लिए वित्तीय सुरक्षा बढ़ाती हैं
पीएमजेडीवाई के तहत 25 फरवरी 2026 तक 57.78 करोड़ जन-धन खाते खोले गए जिनमें 2.94 लाख करोड़ रुपये जमा हैं; खातों का 56% महिलाओं के पास
प्रविष्टि तिथि:
16 MAR 2026 4:30PM by PIB Delhi
समाज के विभिन्न वर्गों के उत्थान के उद्देश्य से बैंकिंग, ऋण और बीमा तक पहुंच प्रदान करने के लिए, सरकार ने अगस्त, 2014 में राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन मिशन (एनएमएफआई) नामक प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) की शुरुआत की, ताकि हर बैंक रहित परिवार को बैंकिंग सेवाएं प्रदान की जा सकें। इसका आधार सिद्धांत है - बैंक रहितों को बैंकिंग, असुरक्षितों को सुरक्षा और वित्त रहितों को वित्त। हालांकि, वर्तमान में वित्त मंत्रालय द्वारा सीधे कोई गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम लागू नहीं किया जा रहा है। एनएमएफआई के तहत विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभार्थियों का कवरेज निम्नानुसार है:
- पीएमजेडीवाई के तहत 25.02.2026 तक कुल 57.78 करोड़ जन-धन खाते 2,94,702 करोड़ रुपये की जमा राशि के साथ खोले गए हैं। इनमें से 32.21 करोड़ (55.8%) जन-धन खाते महिलाओं के हैं और लगभग 45.17 करोड़ (78.2%) पीएमजेडीवाई खाते ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं;
- प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) के तहत किसी भी कारण से मृत्यु पर 2 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर प्रदान करने के लिए 26.88 करोड़ संचयी नामांकन (25.02.2026 तक) किए गए हैं;
- प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) के तहत मृत्यु या पूर्ण स्थायी अक्षमता पर 2 लाख रुपये तथा स्थायी आंशिक अक्षमता पर 1 लाख रुपये का एक वर्षीय दुर्घटना कवर प्रदान करने के लिए 57.11 करोड़ संचयी नामांकन (25.02.2026 तक) किए गए हैं;
- अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के तहत पात्र ग्राहकों को मासिक पेंशन प्रदान करने के लिए 8.84 करोड़ संचयी नामांकन (25.02.2026 तक) किए गए हैं;
- प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के तहत विनिर्माण, व्यापार, सेवा क्षेत्रों में आय सृजन गतिविधियों के लिए सूक्ष्म/लघु व्यवसाय इकाइयों को 20 लाख रुपये तक बिना गिरवी के संस्थागत वित्त प्रदान करने के लिए 57.26 करोड़ ऋण 39.48 लाख करोड़ रुपये की राशि के स्वीकृत किए गए हैं (27.02.2026 तक), जिसमें कृषि से संबद्ध गतिविधियां शामिल हैं;
- स्टैंड-अप इंडिया योजना (एसयूपीआई) के तहत अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति एवं महिला उद्यमियों को विनिर्माण, व्यापार, सेवा एवं कृषि से संबद्ध गतिविधियों में ग्रीनफील्ड परियोजनाएं स्थापित करने के लिए 2.75 लाख संचयी ऋण 62,790 करोड़ रुपये की राशि के स्वीकृत किए गए हैं (31.03.2025 तक)।
जनधन आधार मोबाइल (जेएएम) पाइपलाइन नामक एक मजबूत वित्तीय समावेशन मंच तैयार किया गया है, जिसमें जन-धन खाते को मोबाइल नंबर और आधार से जोड़ा जाता है, जिसका विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों द्वारा प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) आदि कल्याणकारी लाभों की डिलीवरी के लिए व्यापक रूप से उपयोग किया जा रहा है।
यह जानकारी आज लोकसभा में वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारामन द्वारा दी गई।
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पीके/केसी/एमएम
(रिलीज़ आईडी: 2240758)
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