रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय : उर्वरक विभाग
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सचिव (उर्वरक) श्री रजत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में उर्वरक विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री के "सेवा संकल्प" को दोहराया

प्रविष्टि तिथि: 02 MAR 2026 6:29PM by PIB Delhi

लोक सेवा और राष्ट्र निर्माण की भावना को महत्वपूर्ण रूप से सुदृढ़ करते हुए, उर्वरक विभाग (डीओएफ) के अधिकारियों और कर्मचारियों ने आज कर्तव्य भवन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा परिकल्पित "सेवा संकल्प" को दोहराने के लिए बैठक की।

 

उर्वरक सचिव श्री रजत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रधानमंत्री के इस दृष्टिकोण से अवगत कराया गया कि कार्यस्थल को कर्तव्य, सेवा और समर्पण के संगम के माध्यम से तीर्थयात्रा की पवित्रता का प्रतीक होना चाहिए।

 

 

विचार-विमर्श के दौरान, अपर सचिव श्रीमती अपर्णा एस. शर्मा ने महिलाओं की गरिमा सुनिश्चित करने की दिशा में "घरेलू शौचालय" पहल को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया, जबकि संयुक्त सचिव डॉ. कृष्णकांत पाठक ने जन धन-आधार-मोबाइल (जेएएम ट्रिनिटी ) योजना को लाभार्थियों तक सीधे सब्सिडी के पारदर्शी अंतरण को सुनिश्चित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बतायासत्र में अधिकारियों और कर्मचारियों ने डिजिटल इंडिया, आयुष्मान भारत, अवसंरचना विकास और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के विस्तार के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर अपने विचार साझा किए।

 

यह आयोजन 24 फरवरी, 2026 को नए प्रधानमंत्री कार्यालय, "सेवा तीर्थ" में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की ऐतिहासिक पहली बैठक के बाद हो रहा है, जहां यह संकल्प लिया गया था कि प्रत्येक कार्यकारी निर्णय 1.4 अरब नागरिकों के कल्याण और राष्ट्र निर्माण के व्यापक लक्ष्य के लिए समर्पित होगा।

 

संकल्प को सामूहिक रूप से दोहराने के बाद, श्री रजत कुमार मिश्रा ने सरकार की परिवर्तनकारी उपलब्धियों पर एक ज्ञानवर्धक चर्चा का नेतृत्व किया। सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि 2014 में "वीवीआईपी संस्कृति" का उन्मूलन एक ऐतिहासिक पहल थी, जिसने शासन में विनम्रता और समानता को संस्थागत रूप दिया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों पर रखे गए अपार विश्वास के कारण जिम्मेदारी की भावना का बढ़ना आवश्यक है।

अपने संबोधन के समापन में, सचिव ने सभी कर्मचारियों से कर्तव्य भवन के आधुनिक कार्य वातावरण को पूर्ण समर्पण के साथ अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने विभाग से व्यक्तिगत योगदान को स्पष्ट रूप से परिभाषित करने और राष्ट्र को उच्च गुणवत्ता वाली सेवा प्रदान करने के लिए "सेवा संकल्प" को अपने दैनिक आधिकारिक आचरण में एकीकृत करने का आह्वान किया और उपस्थित सभी लोगों को याद दिलाया कि अपने कर्तव्य को समझना ही सर्वोच्च बुद्धिमत्ता है।

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पीके/केसी/एसकेएस/एम


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