संचार मंत्रालय
दूरसंचार अभियांत्रिकी केन्द्र ने दूरसंचार प्रौद्योगिकी एवं मानकीकरण गतिविधियों में संयुक्त अध्ययन और तकनीकी सहयोग के लिए आईआईटी खड़गपुर के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में 6जी, एआई-सक्षम दूरसंचार प्रणाली, रेडियो, एंटीना और एमआईएमओ प्रौद्योगिकी, तथा उपग्रह और गैर-स्थलीय नेटवर्क (एनटीएन) शामिल हैं
यह सहयोग दूरसंचार क्षेत्र में स्वदेशी अनुसंधान, डिजाइन और विनिर्माण को मजबूत करके आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को आगे बढ़ाएगा
प्रविष्टि तिथि:
25 FEB 2026 5:05PM by PIB Delhi
दूरसंचार विभाग (डीओटी) की तकनीकी शाखा, दूरसंचार अभियांत्रिकी केंद्र (टीईसी) ने उन्नत दूरसंचार प्रौद्योगिकियों और वैश्विक मानकीकरण गतिविधियों में संयुक्त अध्ययन, अनुसंधान और तकनीकी सहयोग करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस साझेदारी का उद्देश्य 6जी, ऑप्टिकल संचार, एनटीएन जैसी भविष्य की नेटवर्क प्रौद्योगिकियों में भारत-विशिष्ट मानक विकसित करना है, साथ ही पैसिव ऑप्टिकल नेटवर्क प्रौद्योगिकी, उन्नत एंटीना सिस्टम, 5जी और भविष्य के वायरलेस नेटवर्क के लिए एमआईएमओ प्रौद्योगिकी, ईएमएफ निगरानी समाधान जैसी दूरसंचार प्रौद्योगिकियों में सहयोग करना है। इस साझेदारी का उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ का मानकीकरण क्षेत्र और अन्य वैश्विक मंचों में भारत की भागीदारी को बढ़ाना है।


टीईसी के डीडीजी (एफए) श्री कमल कुमार अग्रवाल डीओटी और, एसोसिएट डीन (आर एंड डी) प्रोफेसर देबदीप मुखोपाध्याय द्वारा निदेशक प्रोफेसर सुमन चक्रवर्ती, प्रोफेसर गौतम दास, डॉ. देबरावती सेन (आईआईटी खड़गपुर से) और श्री सौविक कुमार दास, डीडीजी (आरटीईसी) की उपस्थिति में आईआईटी खड़गपुर में समझौता ज्ञापन पर 23.02.2026 को हस्ताक्षर किए गए।
यह साझेदारी टीईसी को अगली पीढ़ी की दूरसंचार और मानकीकरण गतिविधियों पर आईआईटी खड़गपुर के साथ मिलकर काम करने के लिए एक औपचारिक ढांचा प्रदान करती है।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र:
- 6जी: 6जी आर्किटेक्चर और सक्षम तकनीकों की खोज, साथ ही आईटीयू जैसे वैश्विक मंचों में अनुसंधान, पूर्व-मानकीकरण और मानकीकरण गतिविधियों में योगदान।
- एआई-सक्षम दूरसंचार प्रणाली: सार्वजनिक सुरक्षा और नियामक अनुपालन को बढ़ाने के लिए एआई और सेफ्टी लैब फ्रेमवर्क के माध्यम से स्मार्ट आईओटी सेंसर विकास सहित ईएमएफ निगरानी समाधानों का संयुक्त अनुसंधान एवं विकास और मानकीकरण।
- रेडियो, एंटीना और एमआईएमओ प्रौद्योगिकियां: उन्नत एंटीना प्रणालियों, विशाल एमआईएमओ और संबंधित रेडियो एक्सेस प्रौद्योगिकियों में सहयोगात्मक अनुसंधान।
- उपग्रह एवं गैर-स्थलीय नेटवर्क (एनटीएन): उपग्रह संचार प्रणालियों, एनटीएन, एचएपीएस और उपग्रह-स्थलीय एकीकरण में संयुक्त अध्ययन, जिसमें आपदा-प्रतिरोधी और आपातकालीन कनेक्टिविटी समाधान शामिल हैं।
इस साझेदारी का उद्देश्य स्वदेशी अनुसंधान एवं विकास को गति देना और आईटीयू जैसे वैश्विक मानकीकरण निकायों में भारत के योगदान को मजबूत करके वैश्विक मानकीकरण प्रक्रियाओं में भारत के प्रभाव को बढ़ाना है।
यह सहयोग दूरसंचार क्षेत्र में स्वदेशी अनुसंधान, डिजाइन और विनिर्माण को मजबूत करके आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को आगे बढ़ाएगा - भारत-विशिष्ट मानकों, परीक्षण ढांचों और स्वदेशी समाधानों को विकसित करेगा जो राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देंगे, महत्वपूर्ण संचार बुनियादी ढांचे को सुरक्षित करेंगे और आयात पर निर्भरता को कम करेंगे।
टीईसी के बारे में
दूरसंचार अभियांत्रिकी केंद्र (टीईसी) सरकार के दूरसंचार विभाग (डीओटी) की तकनीकी शाखा है। टीईसी भारत में दूरसंचार उपकरणों और नेटवर्कों के लिए तकनीकी मानक, विनिर्देश और अनुरूपता मूल्यांकन आवश्यकताओं को तैयार करता है, जिससे अंतरसंचालनीयता, गुणवत्ता और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के साथ संरेखण सुनिश्चित होता है। टीईसी आईटीयू-टी, आईटीयू-आर जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों में भारत का प्रतिनिधित्व करता है और वैश्विक मानकीकरण गतिविधियों के लिए राष्ट्रीय कार्य समूहों का समन्वय करता है।
आईआईटी खड़गपुर के बारे में
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर राष्ट्रीय महत्व का एक प्रमुख संस्थान है, जिसमें उन्नत दूरसंचार, 5जी/6जी प्रौद्योगिकियों, ऑप्टिकल संचार, दूरसंचार में एआई अनुप्रयोग और उभरते आईसीटी क्षेत्रों में मजबूत शैक्षणिक और अनुसंधान क्षमताएं हैं।
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पीके/केसी/जेके/वाईबी
(रिलीज़ आईडी: 2232772)
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