औषधि विभाग
भारत के फार्मास्युटिकल क्षेत्र को मजबूत करने के लिए एनआईपीईआर-बोहरिंगर के बीच शिक्षा और अनुसंधान के लिए समझौता ज्ञापन और अमृत्व के दूसरे बैच का अनावरण किया गया।
सीएसआर समर्थित कार्यक्रम के तहत पांच नवप्रवर्तकों को अनुदान सहायता प्रदान की गई
प्रविष्टि तिथि:
21 FEB 2026 3:58PM by PIB Delhi

भारत में फार्मास्युटिकल शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए, रायबरेली स्थित राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (एनआईपीईआर) और बोहरिंगर इंगेलहाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता ज्ञापन नई दिल्ली में रसायन और उर्वरक मंत्रालय के फार्मास्युटिकल विभाग के सचिव श्री मनोज जोशी की उपस्थिति में किया गया।
इस अवसर पर भारत की नवाचार प्रणाली को मजबूत करने और अनुसंधान परिणामों को व्यवहार्य औषधीय उत्पादों और उद्यमशीलता उपक्रमों में रूपांतरित करने में सक्षम बनाने के लिए, अमृत्व (औषधीय अनुसंधान, नवाचार, अनुवादात्मक शोध और मूल्य त्वरण के लिए गठबंधन) के दूसरे बैच का भी शुभारंभ किया गया। अमृत्व का कार्यान्वयन स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (एसआईआईसी), आईआईटी कानपुर द्वारा एनआईपीईआर के सहयोग से किया जा रहा है। यह पहल बोह्रिंगर इंगेलहाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत समर्थित है।
श्री मनोज जोशी ने अपने संबोधन में अनुसंधान से लेकर बाजार तक की प्रक्रिया को मजबूत करने में शिक्षा जगत और उद्योग के बीच सहयोगात्मक साझेदारी की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि घरेलू नवाचार क्षमताओं को बढ़ावा देने, उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और किफायती स्वास्थ्य समाधानों तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ऐसी पहल अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
इस कार्यक्रम के दौरान औषधि विभाग के वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार श्री अवधेश कुमार चौधरी, औषधि विभाग की निदेशक सुश्री अनुग्रह पी और आईआईटी कानपुर के एसआईआईसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आशुतोष अग्निहोत्री उपस्थित थे।
दूसरे समूह के अंतर्गत पांच नवप्रवर्तकों को उनके शोध के व्यावसायीकरण को सुगम बनाने के उद्देश्य से अनुदान सहायता हेतु चयनित किया गया है। संकाय सदस्यों द्वारा संचालित तीन परियोजनाओं को आठ लाख रुपये प्रत्येक की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है जबकि शोधार्थियों द्वारा संचालित दो परियोजनाओं को छह लाख रुपये प्रत्येक की सहायता दी गई है।
बोहरिंगर इंगेलहाइम इंडिया और एनआईपीईआर रायबरेली के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन में नवीन औषधि वितरण प्रणाली उत्कृष्टता केंद्र (सीओई-एनडीडीएस) भी शामिल है। यह फार्मास्युटिकल प्रौद्योगिकियों, नवीन औषधि वितरण प्रणालियों, अकादमिक आदान-प्रदान और क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों जैसे क्षेत्रों में अकादमिक और अनुसंधान सहयोग को मजबूत करने के लिए एक ढांचा स्थापित करता है।
इस सहयोग के तहत बोह्रिंगर इंगेलहाइम शोधकर्ताओं और संस्थानों को अपने opnMe® ओपन साइंस प्लेटफॉर्म तक पहुंच प्रदान करेगा जिससे वैज्ञानिक आदान-प्रदान संभव होगा और स्वास्थ्य सेवा में नवाचार को गति मिलेगी।
औषध विभाग, लक्षित नीतिगत समाधान, अवसंरचना विकास, उद्योग-अकादमिक साझेदारी को मजबूत करने और इनक्यूबेशन-आधारित व्यावसायीकरण प्रयासों के माध्यम से देश के औषध क्षेत्र को मात्रा-आधारित क्षेत्र से मूल्य-आधारित क्षेत्र में परिवर्तित करने में मदद कर रहा है जो विकसित भारत 2047 की व्यापक दृष्टि के अनुरूप हैं।
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पीके/केसी/जेके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2231262)
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