जल शक्ति मंत्रालय
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जल शक्ति मंत्रालय ने नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष ‘संवाद समारोह’ में देशभर के ‘वॉश वॉरियर्स’ को सम्मानित किया 


गणतंत्र दिवस के बाद आयोजित संवाद में जल और स्वच्छता के क्षेत्र में जमीनी स्तर के नेतृत्व और समुदाय-नेतृत्वित वाले प्रयासों पर जोर दिया गया 

प्रविष्टि तिथि: 27 JAN 2026 8:55PM by PIB Delhi

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जल शक्ति मंत्रालय ने आज नई दिल्ली स्थित पीएसओआई में ‘वॉश वॉरियर्स’ के लिए संवाद समारोह और सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में उन व्यक्तियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने जमीनी स्तर पर जल संरक्षण और स्वच्छता के क्षेत्र में अपने नेतृत्व का परिचय दिया है। इन वॉश वॉरियर्स ने स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर समावेशी और समान समाधान अपनाते हुए जल एवं स्वच्छता से जुड़ी चुनौतियों का समाधान कर रहे हैं। उनके प्रयास जन भागीदारी और सामुदायिक स्वामित्व की उस भावना को दर्शाते हैं, जो जल शक्ति मंत्रालय की प्रमुख पहलों का आधार है। 

इस राष्ट्रीय सम्मान के तहत, जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा नामित 58 वॉश वॉरियर्स ने आज कार्यक्रम में भाग लिया और 26 जनवरी 2026 को कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में विशेष अतिथि के रूप में भी शामिल हुए। 

चयनित वॉश वॉरियर्स स्वच्छ सुजल गांव के थे, जिनमें ग्रामीण परिवार, गरीब और वंचित हाशिए पर रहने वाले समुदाय, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति बहुल गांव तथा विशेष रूप से संवेदनशील जनजातीय समूह शामिल थे। स्वच्छ सुजल गांव वह गांव होता है जो जल जीवन मिशन के तहत ‘हर घर जल’ प्रमाणित हो और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ओडीएफ प्लस मॉडल के रूप में सत्यापित हो। इन प्रतिनिधियों ने पूरे ग्रामीण भारत में पेयजल, स्वच्छता और स्वच्छता आदतों(हाइजीन) में समुदाय के नेतृत्व में हुई प्रगति को दिखाया।

संवाद समारोह के दौरान वॉश वॉरियर्स ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल के साथ-साथ माननीय राज्य मंत्रियों, श्री वी. सोमन्ना और श्री राज भूषण चौधरी के साथ बातचीत की। इस अवसर पर मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे, जिनमें जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग के सचिव श्री वी. एल. कंठा राव तथा राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक श्री राजीव कुमार मित्तल सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।

कई वॉश वॉरियर्स ने फील्ड से अपने अनुभव साझा किए। छत्तीसगढ़ के बिजरकछार गांव से श्री मोतीलाल ने जल जीवन मिशन से पहले की कठिनाइयों के बारे में बताया, जब पीने के पानी की उपलब्धता सीमित थी। उन्होंने कहा कि हर घर में स्वच्छ नल जल उपलब्ध होने से समय की बचत हुई है,स्वास्थ्य में सुधार हुआ है और विशेषकर महिलाओं के जीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने समुदाय में जल संरक्षण और सुरक्षित जल उपयोग के प्रति जागरूकता फैलाने के अपने प्रयासों के बारे में भी विस्तार से अनुभव साझा किए। 

छत्तीसगढ़ के वॉश वॉरियर 

उन्होंने समुदाय में जल संरक्षण और सुरक्षित जल के बारे में जागरूकता फैलाने में अपने प्रयासों पर भी प्रकाश के बारे में भीबतलाया। 

गुजरात के वॉश वॉरियर

गुजरात के टिंबाचुड़ी गांव के श्री अमृतभाई परमार ने जल जीवन मिशन के तहत विकसित प्रणालियों के बारे में तथा ग्रामीण घरों के लिए स्थायी पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए मॉडल कुओं के बारे में बताया। उन्होंने पानी की सप्लाई की पहलों पर समुदाय के साथ काम करने और इन प्रयासों के लिए जिला स्तर पर मिली पहचान के बारे में अपना अनुभव साझे किए।

नागालैंड के वॉश वॉरियर 

नागालैंड के तुथेयो गांव की श्रीमती लेंटसोथसी ने बताया कि जेजेएम के बाद उनका जीवन कैसे बदला। पहले उन्हें सुबह 4 बजे उठकर पानी लाना और घरेलू काम संभालना पड़ता था। अब स्वच्छ नल जल उपलब्ध होने से उन्हें घर पर अधिक समय मिल रहा है और बच्चों के स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ है, जिसमें दस्त के मामलों में कमी आई है।

असम के वॉश वॉरियर 

असम के केंदुकुची गांव की सुश्री निजुमा देवी ने अपने गांव में किए जा रहे वॉश से जुड़े कार्यों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पहले बच्चे अक्सर बीमार पड़ते थे और महिलाओं को रोज़मर्रा की पानी की जरूरतों के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती थी। अब स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण पानी उपलब्ध होने से स्वास्थ्य बेहतर हुआ है। उन्होंने बच्चों और समुदाय में स्वच्छता, जल संरक्षण और बुनियादी ढांचे की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए टिकाऊ आदतों को बढ़ावा देने के अपने कार्यों का भी उल्लेख किया।

सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने वॉश वॉरियर्स को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी और जल संरक्षण, जल प्रबंधन और स्वच्छता में नए तरीके अपनाते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल एक नारा नहीं, बल्कि जीने का तरीका और सामूहिक ज़िम्मेदारी है। उन्होंने जल जीवन मिशन के प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इससे 9.5 करोड़ से अधिक महिलाओं को लाभ हुआ है, पानी लाने के बोझ में कमी आई है और महिलाओं के लगभग 4.5 करोड़ घंटे की बचत हुई है, जिससे अब वे परिवार और अपनी भलाई के लिए ज्यादा समय दे सकती हैं। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा पर नल जल कनेक्शनों के सकारात्मक प्रभाव का भी उल्लेख किया। 

माननीय मंत्री ने यूथ फॉर गंगा-यूथ फॉर यमुना जैसे अभियानों के माध्यम से युवाओं और छात्रों को जोड़ने की पहलों का भी उल्लेख किया, जिनका उद्देश्य स्कूली बच्चों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने जल संचय और ज़िम्मेदारी से पानी इस्तेमाल करने के लिए मिलकर काम करने के महत्व पर बल दिया।

इस अवसर पर जेजेएम का एक बुकलेट “पेयजल: जन शक्ति की अभिव्यक्ति – खंड II” दर्शकों को दिया गया, जिसमें इन वॉश वॉरियर्स की कहानियां हैं और सुरक्षित और टिकाऊ पीने का पानी सुनिश्चित करने में उनके जमीनी नेतृत्व को बताया गया है।

25 जनवरी 2026 को विशेष अतिथियों ने प्रधानमंत्री संग्रहालय का भ्रमण किया और पंडित दीनदयाल अंत्योदय भवन, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, नई दिल्ली में डीडीडब्ल्यूएस के वरिष्ठ अधिकारियों से बात-चीत की, जिसका नेतृत्व राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के एएस एवं एमडी श्री कमल किशोर सोहन ने किया।

गणतंत्र दिवस परेड में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रण और संवाद समारोह, ग्रामीण समुदायों की महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता देता है। उनकी भागीदारी राष्ट्रीय विकास के मुख्य स्तंभ के रूप में जनभागीदारी और सामुदायिक जुड़ाव के महत्व को मजबूत करती है। 

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पीके/केसी/पीकेपी


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