वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

भारत-म्यांमार संयुक्त व्यापार समिति की 9वीं बैठक नाय प्यी ताव में आयोजित


भारत-म्यांमार संयुक्त वार्ता ने कनेक्टिविटी, व्यापार सुविधा और एआईटीआईजीए कार्यान्वयन की समीक्षा की

भारत-म्यांमार व्यापार 2.15 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचा, 2030 तक 5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचना दोनों पक्षों का लक्ष्य

प्रविष्टि तिथि: 21 JAN 2026 6:46PM by PIB Delhi

भारत-म्यांमार संयुक्त व्यापार समिति (जेटीसी) की नौवीं बैठक आज म्यांमार के नाय प्यी ताव में आयोजित की गई। म्यांमार गणराज्य के वाणिज्य मंत्रालय के उप मंत्री यू मिन मिन और भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग के अपर सचिव श्री नितिन कुमार यादव ने बैठक की सह-अध्यक्षता की। बैठक में दोनों पक्षों के संबंधित हितधारक मंत्रालयों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

बैठक में कनेक्टिविटी में सुधार, बाजार पहुंच का विस्तार, वित्तीय लेनदेन को सुगम बनाना, सीमा संबंधी इंफ्रास्ट्रक्चर का उन्नयन, सीमा व्यापार चौकियों को पुनः खोलना, रुपया-क्यात व्यापार निपटान प्रणाली को बढ़ावा देना और आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौते (एआईटीआईजीए) के लाभों को अधिकतम करना सहित कई मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। म्यांमार पक्ष ने भारत सरकार द्वारा म्यांमार के निर्यात, विशेष रूप से दालों और फलियों के क्षेत्र में, खुले और सहायक नीतिगत वातावरण बनाए रखने के लिए आभार व्यक्त किया।

आपसी विकास को गति देने के लिए सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर भी चर्चा हुई, जिसमें वस्त्र, परिवहन और कनेक्टिविटी, क्षमता निर्माण, सीमा शुल्क और सीमा प्रबंधन, जहाजरानी, ​​बिजली, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), स्वास्थ्य, औषधि और कृषि जैसे क्षेत्रों पर विशेष बल दिया गया। दोनों पक्षों ने इस बात पर बल दिया कि इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने से दीर्घकालिक लाभ प्राप्त हो सकते हैं और आपसी समर्थन एवं सहयोग के ढांचे को मजबूती मिल सकती है।

बैठक में सीमा पार व्यापार को सुगम बनाने के लिए तामू-मोरेह और रही-जोखावथर सीमा व्यापार चौकियों के रणनीतिक महत्व की पुष्टि की गई। भारतीय पक्ष ने इन स्थलीय सीमा चौकियों को शीघ्रता पूर्वक फिर से खोलने के अपने अनुरोध को दोहराया। दोनों पक्षों ने व्यापार दक्षता को और बढ़ाने के लिए तामू में एक एकीकृत चेक पोस्ट विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

भारत और म्यांमार के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2024-25 के दौरान 2.15 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जो एक मजबूत और सकारात्मक वृद्धि का संकेत है। आगे विस्तार की अपार संभावनाओं को देखते हुए, दोनों पक्षों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब अमेरिकी डॉलर तक बढ़ाने के साझा लक्ष्य पर सहमति व्यक्त की।

दोनों पक्षों ने आसियान-भारत व्यापार समझौते (एआईटीआईजीए) की समीक्षा को शीघ्र पूरा करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की, ताकि इसे सरल, संतुलित, पारस्परिक रूप से लाभकारी और व्यापार को सुगम बनाने वाला बनाया जा सके। उन्होंने चर्चा किए गए सभी क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने और प्रभावी अनुवर्ती कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित एजेंसियों के बीच नियमित संवाद बनाए रखने पर भी सहमति व्यक्त की।

भारत-म्यांमार संयुक्त व्यापार समिति (जेटीसी) की अगली बैठक नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी।

****

पीके/केसी/एसकेएस/एसवी


(रिलीज़ आईडी: 2217044) आगंतुक पटल : 133
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu