विज्ञप्तियां उर्दू विज्ञप्तियां फोटो निमंत्रण लेख प्रत्यायन फीडबैक विज्ञप्तियां मंगाएं Search उन्नत खोज
RSS RSS
Quick Search
home Home
Releases Urdu Releases Photos Invitations Features Accreditation Feedback Subscribe Releases Advance Search
हिंदी विज्ञप्तियां
तिथि माह वर्ष
  • उप राष्ट्रपति सचिवालय
  • कोरोना के विरुद्ध वैश्विक अभियान की कामयाबी के लिए भारत की सफलता जरूरी : उपराष्ट्रपति  
  • कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय
  • ‘कोविड-19’ फैलने के मद्देनजर आईसीएआर ने रबी फसलों हेतु किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की  
  • कार्मिक मंत्रालय, लोक शिकायत और पेंशन
  • सरकारी कर्मचारियों की 31 मार्च 2020 को सेवानिवृत्ति  
  • जन शिकायत और सुझावों के बारे में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अंतर्गत गठित अधिकारियों के अधिकार प्राप्त समूह 10 द्वारा कोविड-19 प्रतिक्रिया कार्यों का समय पर कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए किए गए फैसले       
  • ग्रामीण विकास मंत्रालय
  • सरकार ने कोविड-19 वैश्विक महामारी के मद्देनजर मनरेगा मजदूरी में औसतन 20 रुपये की वृद्धि की  
  • गृह मंत्रालय
  • भारत में COVID-19 पॉजिटिव तब्लीग़ जमात के कार्यकर्ताओं की पहचान करने, उन्हें अलग करने और क्वारन्टीन करने के लिए सरकार कटिबद्ध  
  • नागर विमानन मंत्रालय
  • 26 से 30 मार्च 2020 तक की पांच दिन की अवधि के दौरान 62 लाइफलाइनउड़ानों का परिचालन, 15.4 टन सामग्री की ढुलाई की गई  
  • कार्गो उड़ानों ने देश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में चिकित्सा सामग्री की आपूर्ति की; निजी हवाई कंपनियों ने भी महत्वपूर्ण आपूर्ति कार्यों के लिए उड़ानों का परिचालन किया  
  • पर्यटन मंत्रालय
  • पर्यटन मंत्रालय ने भारत के विभिन्न हिस्सों में फंसे विदेशी पर्यटकों की सहायता के लिए ‘स्ट्रैंडेड इन इंडिया’ पोर्टल का किया शुभारम्भ  
  • मानव संसाधन विकास मंत्रालय
  • राष्‍ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने संयुक्‍त प्रवेश परीक्षा (मुख्‍य) अप्रैल-2020 स्‍थगित की  
  • रक्षा मंत्रालय
  • ‘आवा’ ने लॉकडाउन के दौरान दिल्ली में जरूरतमंद लोगों के लिए खाद्य पदार्थों के 3,700 पैकेट दिए     
  • रसायन और उर्वरक मंत्रालय
  • स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 11 फरवरी 2020 को जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, 1 अप्रैल 2020 से चिकित्सा उपकरणों को दवाओं के रूप में अधिसूचित किया गया है, जो औषध (मूल्य नियंत्रण) आदेश, 2013 के प्रावधानों के अंतर्गत शासित किए जाएंगे  
  • कोविड-19 महामारी से मुकाबला करने के लिए दवाओं की कोई कमी नहीं है;  
  • केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री सदानंद गौड़ा ने अपने मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक उपक्रमों से आग्रह किया कि वे कोविड-19 वैश्विक महामारी से लड़ने  के लिए अपने सीएसआर जारी करें  
  • वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
  • फरवरी, 2020 में आठ कोर उद्योगों की वृद्धि दर 5.5 प्रतिशत रही  
  • भारत ने सस्ती दवाओं की पहुंच बढ़ाने और विभिन्न देशों के बीच स्वास्थ्य पेशेवरों की आवाजाही को आसान बनाने का किया आह्वान  
  • एसईजेड में औषधि एवं अस्पताल उपकरण जैसी आवश्यक वस्‍तुएं बनाने वाली 280 से अधिक इकाइयां परिचालन में  
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय
  • प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय ने घर में बने मास्क पर नियमावली “सार्स-सीओवी-2 कोरोना वायरस को फैसले से रोकने के लिए मास्क” जारी की  
  • वित्त मंत्रालय
  • टैरिफ अधिसूचना संख्या 36/2020-सीमा शुल्क (एन.टी.)  
  • सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय
  • ऐसे ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण जिनकी वैधता अवधि समाप्त हो चुकी है, की वैधता को 30 जून तक विस्तार दिया गया  
  • स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय
  • कोविड 19 पर अपडेट  
  • डॉ. हर्षवर्धन ने कोविड-19 के लिए नमूना प्रक्रिया और जांच रणनीति की समीक्षा की  
  • सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
  • दिव्‍यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने कोविड-19 के कारण आपात स्‍वास्‍थ्‍य स्थिति के दौरान दिव्‍यांगजनों के संरक्षण और सुरक्षा के लिए व्‍यापक दिव्‍यांगता समावेशी दिशा-निर्देशों के कार्यान्‍वयन हेतु दिव्‍यांगजनों से संबंधित राज्‍य आयुक्‍तों को पत्र लिखा  
  • भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय
  • प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय ने घर में बने मास्क पर नियमावली “सार्स-सीओवी-2 कोरोना वायरस को फैसले से रोकने के लिए मास्क” जारी की  

 
गृह मंत्रालय08-जुलाई, 2016 17:56 IST

श्री राजनाथ सिंह ने ब्रिक्‍स की मादक द्रव्‍य नियंत्रण एजेंसियों के प्रमुखों के मादक द्रव्‍य रोधी कार्य समूह की दूसरी बैठक का उद्घाटन किया

केंद्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने आज ब्रिक्‍स देशों की मादक द्रव्‍य नियंत्रण एजेंसियों के प्रमुखों के मादक द्रव्‍य रोधी कार्य समूह की दूसरी बैठक का उद्घाटन किया। इस बैठक का उद्देश्‍य सदस्‍य राष्‍ट्रों में मादक पदार्थों के दुरूपयोग का मूल्‍यांकन करना और ब्रिक्‍स सदस्‍य देशों के कानूनों का विश्‍लेषण करने के साथ-साथ सदस्‍य देशों में अपनाये जाने वाली प्रवर्तन और मांग घटाने की श्रेष्‍ठ प्रक्रियाओं को साझा करने के तौर-तरीकों पर विचार-विमर्श करना है।

इस अवसर पर श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह ऐसा विषय है, जो आज विश्‍व समुदाय के सामने एक गंभीर चुनौती पैदा कर रहा है। उन्‍होंने कहा कि मादक द्रव्‍यों की चुनौती से निपटने के लिए 22 अप्रैल, 2015 को मॉस्‍को में आयोजि‍त ब्रिक्‍स मंत्रिस्‍तरीय बैठक में एक ब्रिक्‍स मादक द्रव्‍य रोधी कार्य समूह का सृजन करने का निर्णय लिया गया था, जिसकी पहली बैठक 10 नवम्‍बर, 2015 को मॉस्‍को में आयोजित की गई थी। उन्‍होंने कहा कि मादक द्रव्‍य रोधी कार्य समूह की स्‍थापना मादक दवाओं, मादक पदार्थों के अवैध व्‍यापार और उनके प्रणेताओं को रोकने संबंधी मुद्दों से निपटने के उद्देश्‍य से की गई थी। उन्‍होंने बताया कि भारत ने इस वर्ष ब्रिक्‍स की अध्‍यक्षता का कार्यभार संभाल लिया है और वह बैठकों, सम्‍मेलनों और कार्यशालाओं की श्रृंखलाओं का आयोजन किया जाएगा, जिनका समापन 15-16 अक्‍टूबर, 2016 को गोवा में आयोजित राष्‍ट्र प्रमुखों के आठवें शिखर सम्‍मेलन में किया जाएगा।

ब्रिक्स के महत्व पर प्रकाश डालते हुए गृह मंत्री ने कहा कि ब्रिक्स प्रमुख उभरती राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाओं का एक संघ है। ब्रिक्स के सभी पांच सदस्य देश अपनी बड़ी और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं के कारण विशिष्ट महत्‍व रखते हैं और इनका वैश्विक और क्षेत्रीय मामलों में महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रभाव है और सभी पांचों देश जी -20 के सदस्य भी हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स सदस्‍य देश विश्‍व की जनसंख्‍या में 42% से अधिक प्रतिनिधित्व रखते हैं और इनके संयुक्‍त सकल घरेलू उत्पाद का विश्‍व के सकल उत्‍पाद में लगभग 20% योगदान है। श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय मंच ब्रिक्स देशों में वाणिज्यिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सहयोग को प्रोत्साहित करने के लिए एक उत्कृष्ट मंच है।

उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सातवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अवसर पर अपनी रूस यात्रा के दौरान यह कहा था कि भारत ब्रिक्स को बहुत महत्व देता है और भारत का मानना है कि यह एक महत्‍वपूर्ण मंच है जो वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए प्रभावी ढंग से योगदान कर सकता हैं।

मादक द्रव्‍यों के दुरुपयोग पर चिंता व्‍यक्‍त करते हुए उन्‍होंने कहा कि नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध व्यापार ने आज सभ्य समाज के सामने एक गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। उन्‍होंने कहा कि यह सच है कि आज मादक द्रव्‍यों के व्यापार से सबसे अधिक गैर कानूनी धन का प्रवाह पैदा हो रहा है, जो वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती पैदा कर रहा है और सभी क्षेत्रों में शांति, स्वास्थ्य और स्थिरता को खतरा पैदा हो रहा है। उन्होंने ब्रिक्स देशों का आह्वान किया कि वे इस बुराई के खिलाफ सामूहिक लड़ाई लड़ने के लिए एक साथ मिलकर काम करें।

गृह मंत्री ने कहा कि विश्व अर्थव्यवस्था की प्रगति और विकास के साथ-साथ नशीले दवाओं के तस्कर विश्‍व के एक कोने से दूसरे कोने तक नशीली दवाओं की लगातार आपूर्ति कर रहे हैं और समाज के कमजोर वर्ग के लोगों को नशीली दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर रहे है, जो इनके जाल में आसानी से फंस जाते हैं। श्री राजनाथ सिंह ने यह विश्वास जताया कि मादक द्रव्‍य रोधी ब्रिक्‍स कार्य समूह की बैठक में नशीली दवाओं की समस्‍याओं के बारे में विचार-विमर्श होगा, क्‍योंकि इस समस्या ने दुनिया भर में और विशेष रूप से ब्रिक्स देशों के सामने लगातार गंभीर चुनौतियां पैदा कर रखीं है।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के महानिदेशक श्री राजीव राय भटनागर ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि मादक द्रव्‍यों के अवैध व्‍यापार और इसके दुरुपयोग ने लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य और हमारे समाज पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। उन्होंने कहा कि मादक द्रव्‍यों के अवैध व्‍यापार ने अवैध निधि प्रवाह का सृजन किया है, जो राष्ट्र विरोधी तत्वों और नार्को आतंकवाद के लिए धन उपलब्‍ध कराने का प्रमुख स्रोत है। धन के इन प्रवाहों को कैसे रोका जाए, इस बारे में बहस किये जाने की आवश्‍यकता है। श्री भटनागर ने कहा कि भारत ने अभी हाल में गैर कानूनी वित्‍तीय प्रवाहों को प्रभावी रूप से रोकने और मादक द्रव्‍यों की गैर कानूनी व्‍यापार से होने वाले अपराधों और अन्‍य अंतर्राष्‍ट्रीय संगठित अपराध से निपटने के लिए धन शोधन और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम से संबंधित कानूनों को संशोधित किया है।

***


आईपीएस/जीआरएस – 3361
(Release ID 52858)


  विज्ञप्ति को कुर्तिदेव फोंट में परिवर्तित करने के लिए यहां क्लिक करें
डिज़ाइन एवं होस्‍ट राष्‍ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी),सूचना उपलब्‍ध एवं अद्यतन की गई पत्र सूचना कार्यालय
ए खण्‍ड शास्‍त्री भवन, डॉ- राजेंद्र प्रसाद रोड़, नई दिल्‍ली- 110 001 फ़ोन 23389338