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वित्त मंत्रालय02-जनवरी, 2016 18:21 IST

वित्‍त मंत्री अरूण जेटली ने भारतीय राजस्‍व सेवा (सीमा शुल्‍क एवं केंद्रीय उत्‍पाद) के युवा अधिकारियों से आचार नीति के पूर्ण मानदंडों एवं 100 फीसदी सत्‍यनिष्‍ठा बनाये रखने की अपील की : संघर्ष के क्षणों में भी गांधीवादी सिद्वांतों का अनुकरण करने को कहा, उन्‍हें अपने पक्ष में आचार नीति एवं नैतिकता की स्थिति को बनाये रखने की स्थिति में होना चाहिए

केंद्रीय वित्‍त, कंपनी मामले एवं सूचना तथा प्रसारण मंत्री श्री अरूण जेटली ने भारतीय राजस्‍व सेवा (सीमा शुल्‍क एवं केंद्रीय उत्‍पाद) के 67वें बैच के प्रशिक्षु युवा अधिकारियों (ओटी) से संघर्ष के क्षणों में भी गांधीवादी सिद्वांतों का अनुकरण करने की अपील की और कहा कि उन्‍हें अपने पक्ष में आचार नीति एवं नैतिकता की स्थिति को बनाये रखने की स्थिति में होना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि विभिन्‍न प्रकार के दबावों का सामना करने की स्थिति में भी उन्‍हें सच्‍चाई के मार्ग को नहीं छोडना चाहिए। वित्‍त मंत्री ने प्रशिक्षु युवा अधिकारियों को बताया कि अगर वे आचार नीति के पूर्ण मानदंडों एवं 100 फीसदी सत्‍यनिष्‍ठा बनाये रखते हैं तो जीवन में वे काफी सफल होंगे। उन्‍होंने कहा कि इन सबको कर संग्रह में व्‍यवसायिक क्षमता एवं न्‍यायोचित तथा निष्‍पक्ष दृष्टिकोण का सहयोग चाहिए। वित्‍त मंत्री श्री अरूण जेटली आज यहां भारतीय राजस्‍व सेवा (सीमा शुल्‍क एवं केंद्रीय उत्‍पाद) के 67वें बैच के प्रशिक्षु युवा अधिकारियों (ओटी) को संबोधित कर रहे थे। इस समारोह में सीबीईसी के अध्‍यक्ष श्री नजीब शाह, सीबीईसी के सदस्‍य श्री राम तीरथ, श्री पी के बंसल, एवं सुश्री अनन्‍या रे एवं वित्‍त मंत्रालय तथा सीबीईसी के अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

केंद्रीय वित्‍त, कंपनी मामले एवं सूचना तथा प्रसारण मंत्री श्री अरूण जेटली ने आगे कहा कि कराधान लोगों के लिए एक कष्‍टदायक प्रक्रिया नहीं होनी चाहिए। उन्‍होंने कहा कि सरकार को करों के संग्रह की प्रक्रिया को मधु के छत्‍ते से शहद निकालने जैसा बनाना चाहिए जिससे कि सही मात्रा में मधु निकले और दोनों पक्ष बचे रह सकें।

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एसकेजे/- 20
(Release ID 43994)


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