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पत्र सूचना कार्यालय
भारत सरकार
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
12-सितम्बर-2019 17:30 IST

जुलाई 2019 में औद्योगिक विकास दर 4.3 प्रतिशत रही

विनिर्माण क्षेत्र के 23 उद्योग समूहों में से 13 समूहों ने जुलाई, 2019 के दौरान धनात्मक वृद्धि दर दर्ज की अप्रैल-जुलाई, 2019 में औद्योगिक विकास दर 3.3 फीसदी आंकी गई जुलाई, 2019 में खनन, विनिर्माण एवं बिजली क्षेत्रों की उत्‍पादन वृद्धि दर क्रमश: 4.9 फीसदी, 4.2 फीसदी तथा 4.8 फीसदी रही

​​​​​ जुलाई, 2019 में औद्योगिक उत्‍पादन सूचकांक (आईआईपी) 131.1 अंक रहा जो जुलाई, 2018 के मुकाबले 4.3 फीसदी ज्‍यादा है। इसका मतलब यही है कि जुलाई, 2019 में औद्योगिक विकास दर 4.3 फीसदी रही। उधर, अप्रैल-जुलाई, 2019 में औद्योगिक विकास दर पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 3.3 फीसदी आंकी गई है।

जुलाई, 2019 में खनन, विनिर्माण (मैन्‍युफैक्‍चरिंग) एवं बिजली क्षेत्रों की उत्‍पादन वृद्धि दर जुलाई, 2018 के मुकाबले क्रमश: 4.9 फीसदी, 4.2 फीसदी तथा 4.8 फीसदी रही। उधर, अप्रैल-जुलाई, 2019 में इन तीनों क्षेत्रों यानी सेक्‍टरों की उत्‍पादन वृद्धि दर पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि की तुलना में क्रमश: 3.4, 2.8 तथा 6.6 फीसदी आंकी गई है।

उद्योगों की दृष्टि से विनिर्माण क्षेत्र के 23 उद्योग समूहों (दो अंकों वाली एनआईसी-2008 के अनुसार) में से 13 समूहों ने जुलाई, 2018 की तुलना में जुलाई, 2019 के दौरान धनात्मक वृद्धि दर दर्ज की है। इस दौरान 'खाद्य उत्‍पादों के विनिर्माण' ने 23.4 प्रतिशत की सर्वाधिक धनात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है। इसके बाद ‘बुनियादी धातुओं के विनिर्माण’ का नम्बर आता है जिसने 17.3 प्रतिशत की धनात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है। इसी तरह ‘पहनने वाले परिधानों के विनिर्माण’ ने 15.0 प्रतिशत की धनात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है। वहीं, दूसरी ओर उद्योग समूह ‘कागज एवं कागज उत्‍पादों के विनिर्माण’ ने (-) 15.4 प्रतिशत की सर्वाधिक ऋणात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है। इसके बाद 'मोटर वाहनों, ट्रेलरों एवं सेमी-ट्रेलरों के विनिर्माण' का नंबर आता है जिसने (-) 13.3 प्रतिशत की ऋणात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है। इसी तरह रिकॉर्डेड मीडिया की प्रिंटिंग एवं रिप्रोडक्‍शन ने (-) 10.9 प्रतिशत की ऋणात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है।

उपयोग आधारित वर्गीकरण के अनुसार जुलाई, 2019 में प्राथमिक वस्‍तुओं (प्राइमरी गुड्स), पूंजीगत सामान, मध्‍यवर्ती वस्तुओं एवं बुनियादी ढांचागत/निर्माण वस्‍तुओं की उत्‍पादन वृद्धि दर जुलाई 2018 की तुलना में क्रमश: 3.5 फीसदी, (-) 7.1 फीसदी, 13.9 फीसदी और 2.1 फीसदी रही। जहां तक टिकाऊ उपभोक्‍ता सामान का सवाल है, इनकी उत्‍पादन वृद्धि दर जुलाई, 2019 में (-) 2.7 फीसदी रही है। इसी तरह गैर-टिकाऊ उपभोक्‍ता सामान की उत्‍पादन वृद्धि दर जुलाई, 2019 में 8.3 फीसदी रही।

इस प्रेस विज्ञप्ति से जुड़ी सूचना मंत्रालय की वेबसाइट http://www.mospi.nic.in पर भी उपलब्ध है।

 विस्तृत विवरण जानने के लिए अंग्रेजी का अनुलग्नक यहां क्लिक करें

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