Print
XClose
Press Information Bureau
Government of India
सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
30 NOV 2018 4:44PM by PIB Delhi
सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन और सतत विकास के उद्देश्य से शोध गतिविधियों तथा नीति बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के बीच समझौता

सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन और सतत विकास के उद्देश्य से शोध गतिविधियों तथा नीति बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र (डीएआईसी) और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने आज नई दिल्ली में एक समझौता-ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। समझौता-ज्ञापन पर जेएनयू के कुलपति प्रोफेसर एम.जगदीश कुमार और डीएआईसी के निदेशक श्री अतुल देव सरमा ने हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गहलोत, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सचिव सुश्री नीलम साहनी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री बी.एल.मीणा, जेएनयू के रेक्टर II प्रो. सतीश चन्द्र गारकोटी तथा डीएआईसी और जेएनयू के अधिकारी उपस्थित थे।

 

डीएआईसी का उद्घाटन प्रधानमन्त्री ने किया था। यह संस्थान सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन के क्षेत्र में उच्च अनुसंधान के लिए एक उत्कृष्ट केन्द्र के रूप में स्थापित है। इसे नीति निर्माण के लिए थिंक-टैंक के रूप में माना जाता है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने जेएनयू को “उत्कृष्टता विश्वविद्यालय” का दर्जा प्रदान किया है और यह विश्वविद्यालय शिक्षण और अनुसंधान के लिए विश्व भर में प्रतिष्ठित है। विश्व विद्यालय ने शोध परियोजनाओं, सम्मेलनों और प्रकाशनों के लिए दुनिया के कई विश्वविद्यालयों के साथ समझौते किए हैं।

 

इस समझौते से सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन और सतत विकास के उद्देश्य से शोध गतिविधियों तथा नीति बनाने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। दोनों संगठन इन मुद्दों पर अपने-अपने अधिकारों के दायरे में एक-दूसरे का सहयोग करेंगे। दोनों संगठन सम्मेलनों, गोष्ठियों और व्याख्यानों जैसे विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए अनुसंधान प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक-दूसरे के साथ सहयोग और संपर्क बढ़ाएंगे।

 

 

****

आर.के.मीणा/अर्चना/एकेपी/डीए-11505