पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
प्रविष्टि तिथि:
31 OCT 2026 9:22PM by PIB Delhi
वर्ष 2026 में अक्टूबर महीने के लिए दिल्ली का मासिक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 166 दर्ज किया गया है। इसके मुकाबले अक्टूबर महीने का मासिक औसत एक्यूआई 2025 में 223, 2024 में 234, 2023 में 219, 2022 में 210, 2021 में 173, 2020 में 265, 2019 में 234 और 2018 में 269 रहा था।
1 जनवरी से 31 अक्टूबर की अवधि के लिए दिल्ली का औसत एक्यूआई 167 दर्ज किया गया है, जबकि इसी अवधि के लिए औसत एक्यूआई 2025 में 170, 2024 में 184, 2023 में 172, 2022 में 187, 2021 में 179, 2020 में 156, 2019 में 192 और 2018 में 201 रहा था।
1 जनवरी से 29 अक्टूबर की अवधि के लिए औसत पीएम 2.5 सांद्रता 69 µg/m³ दर्ज की गई है, जबकि इसी अवधि के दौरान 2025 में औसत सांद्रता 72 µg/m³, 2024 में 83 µg/m³, 2023 में 76 µg/m³, 2022 में 81 µg/m³, 2021 में 82 µg/m³, 2020 में 71 µg/m³, 2019 में 88 µg/m³ और 2018 में 93 µg/m³ रही थी।
1 जनवरी से 29 अक्टूबर की अवधि के लिए औसत पीएम 10 सांद्रता 171 µg/m³ दर्ज की गई है, जबकि इसी अवधि के दौरान 2025 में औसत सांद्रता 166 µg/m³, 2024 में 186 µg/m³, 2023 में 174 µg/m³, 2022 में 191 µg/m³, 2021 में 182 µg/m³, 2020 में 147 µg/m³, 2019 में 197 µg/m³ और 2018 में 216 µg/m³ दर्ज की गई थी।
जनवरी से अक्टूबर 2026 के दौरान दिल्ली में 220 दिन ऐसे रहे, जब वायु गुणवत्ता अच्छी से मध्यम श्रेणी में थी। इन दिनों का दैनिक औसत एक्यूआई 200 से कम रहा। इसकी तुलना में वर्ष 2025 में ऐसे दिनों की संख्या 200, 2024 में 201, 2023 में 206, 2022 में 160, 2021 में 197, 2020 में 224, 2019 में 175 और 2018 में 157 थी।
इसी अवधि के दौरान वर्ष 2026 में 84 दिन ऐसे रहे, जब वायु गुणवत्ता खराब से गंभीर प्लस श्रेणी में दर्ज की गई। इन दिनों का दैनिक औसत एक्यूआई 200 से अधिक रहा। इसकी तुलना में वर्ष 2025 में ऐसे दिनों की संख्या 104, 2024 में 104, 2023 में 98, 2022 में 144, 2021 में 107, 2020 में 81, 2019 में 129 और 2018 में 147 थी।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की रोकथाम, नियंत्रण और उसमें कमी लाने के साथ-साथ वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए विभिन्न संबंधित पक्षों के साथ मिलकर प्रभावी कदम उठा रहा है। आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के प्रयासों को तेज किया जाएगा।
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