प्रविष्टि तिथि:
30 OCT 2026 7:51PM by PIB Delhi
भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के तत्वावधान में, जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग द्वारा 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान 6 चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य लंबित मामलों के समाधान में तेजी लाना और सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को बढ़ावा देना है।
28 अक्टूबर 2026 को, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग की सचिव श्रीमती अर्चना वर्मा ने वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के दौरान विशेष अभियान 6 की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अभियान के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विभाग और उससे जुड़े संगठनों द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि निर्धारित तिथि से पहले लंबित मामलों का जल्द से जल्द निपटारा करने के लिए उचित तरीकों और उपायों का इस्तेमाल किया जाए।
29 अक्टूबर 2026 तक, विशेष अभियान 6 के तहत विभाग के लक्ष्यों और प्राप्त उपलब्धियों का विवरण इस प्रकार है:
|
क्र.सं.
|
मापदंड
|
लक्ष्य
|
उपलब्धियां
|
उपलब्धि प्रतिशत
|
|
1
|
समीक्षा की जाने वाली ई-फाइलें
|
6443
|
9650
|
149.7
|
|
2
|
पीएमओ से प्राप्त संदर्भ
|
29
|
37
|
127.5
|
|
3
|
स्थलों की सफाई
|
371
|
422
|
113.7
|
|
4
|
समीक्षा की जाने वाली भौतिक फाइलें
|
7724
|
8452
|
109.4
|
|
5
|
आईएमसी (कैबिनेट नोट्स)
|
1
|
1
|
100
|
|
6
|
सरलीकरण के लिए नियम/प्रक्रिया
|
2
|
2
|
100
|
|
7
|
राज्य सरकारों से प्राप्त संदर्भ
|
7
|
7
|
100
|
|
8
|
जन शिकायतें
|
190
|
183
|
96.3
|
|
9
|
सांसदों (वीआईपी) से प्राप्त संदर्भ
|
98
|
77
|
78
|
|
10
|
पीजी अपीलें
|
61
|
45
|
73.7
|
|
11
|
संसदीय आश्वासन
|
32
|
19
|
59.3
|
|
12
|
ई-वेस्ट का निपटान (वस्तुओं की संख्या)
|
1515
|
694
|
45.8
|
इसके अलावा, कबाड़ (स्क्रैप) के निपटान से 78,45,064 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, 1980 भौतिक फाइलों को हटाया गया है, 2966 ई-फाइलों को बंद किया गया है और 1441 वर्ग फुट जगह खाली कराई गई है।
स्वच्छता अभियानों के अंतर्गत आने वाली जगहों की 'पहले' और 'बाद' की स्थितियों की फोटो और वीडियो ली जा रही हैं और इस अभियान से जुड़ी जानकारी को रोज़ाना प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है।
जन जागरूकता के लिए, विशेष अभियान 6 के तहत विभाग और उससे जुड़े संगठनों की उपलब्धियों को उजागर करते हुए, दो पीआईबी प्रेस विज्ञप्तियां जारी की गई हैं और विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल पर 248 ट्वीट किए गए हैं।




*******
पीके/केसी/आरटी/एनएस