जनजातीय कार्य मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

अनुसूचित जनजाति के युवाओं के लिए आजीविका के अवसरों को सुदृढ़ करने हेतु त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

राउरकेला स्थित आजीविका व्यवसाय इनक्यूबेशन केंद्र से 600 से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हुए


केंद्र को जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा उत्कृष्टता केंद्र के रूप में मान्यता दी गई

प्रविष्टि तिथि: 22 OCT 2026 7:33PM by PIB Delhi

जनजातीय कार्य मंत्रालय, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसटीएफडीसी) के माध्यम से, ओडिशा के राउरकेला स्थित आजीविका व्यवसाय इनक्यूबेशन केंद्र के जरिए अनुसूचित जनजाति के युवाओं के लिए आजीविका संवर्धन और उद्यमिता विकास को बढ़ावा दे रहा है। 22.10.2026 को जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसआईसी) तथा इस्पात मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड के राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी, राउरकेला) के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

 

 

कौशल विकास और सतत आजीविका पर ध्यान केंद्रित

किसी समुदाय का आर्थिक सशक्तीकरण तभी अधिक प्रभावी हो सकता है, जब आवश्यक कौशल प्रदान करके उसके कौशल और कार्यप्रणालियों को उन्नत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। अनुसूचित जनजातियों के बीच सतत आजीविका प्रणालियों के निर्माण को सुगम बनाने के लिए कौशल और ज्ञान का संवर्धन वित्तपोषण संरचना से घनिष्ठ रूप से जुड़ा होना चाहिए। विशिष्ट कार्य भूमिकाओं में क्षमता निर्माण तथा विपणन और ब्रांडिंग के वित्तीय पहलुओं पर बुनियादी ज्ञान प्रदान करना उभरते उद्यमियों के लिए अत्यंत आवश्यक है।

राउरकेला में आजीविका व्यवसाय इनक्यूबेशन केंद्र

ओडिशा के राउरकेला में आजीविका इनक्यूबेशन केंद्र की स्थापना वर्ष 2018 में की गई थी। जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा इसे उत्कृष्टता केंद्र के रूप में मान्यता दी गई है। यह इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह भारत सरकार के तीन मंत्रालयों और उनके अधीन तीन केंद्रीय स्तर के शीर्ष सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का एक अनूठा सहयोगात्मक प्रयास है। इनमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसआईसी), इस्पात मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड का राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी, राउरकेला) तथा जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम शामिल हैं।

प्रशिक्षण और उद्यमिता विकास

इस केंद्र का मूल उद्देश्य स्थानीय अनुसूचित जनजाति के युवाओं को सतत उद्यम स्थापित करने के लिए प्रशिक्षण, कौशल विकास और उद्यमिता विकास कार्यक्रम प्रदान करना है। प्रशिक्षण और निरंतर मार्गदर्शन के समन्वित प्रयासों के माध्यम से आजीविका के उचित अवसर सृजित करके युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ाना, उत्पादकता में सुधार करना और उन्हें सही दिशा प्रदान करना इसका लक्ष्य है।

चालू वर्ष में अनुसूचित जनजाति समुदाय के विद्यार्थियों के लिए सहायक ब्यूटीशियन, स्वरोजगार दर्जी, सहायक कंप्यूटर ऑपरेटर (टैली एवं लेखांकन), सहायक इलेक्ट्रीशियन, ब्रेड एवं बेकरी निर्माण तथा मशरूम की खेती जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं। इसके तहत स्थल राउरकेला इस्पात संयंत्र द्वारा उपलब्ध कराया जाना है। संयंत्र और मशीनरी की स्थापना सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की एस्पायर योजना के अंतर्गत की गई है तथा केंद्र के आवर्ती व्यय का वहन जनजातीय कार्य मंत्रालय से प्राप्त अनुदान के माध्यम से राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा किया जा रहा है।

 

केंद्र में वेल्डिंग प्रौद्योगिकी, फर्नीचर निर्माण, सोया दूध निष्कर्षण, टोफू पैकेजिंग, ब्यूटीशियन तथा ब्रेड एवं बेकरी निर्माण जैसे विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। केंद्र संभावित प्रशिक्षुओं के बीच जागरूकता पैदा कर रहा है। केंद्र से 600 से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं और उन्होंने बेकरी, मशरूम की खेती, ब्यूटी पार्लर तथा सिलाई जैसे विभिन्न व्यवसायों में अपना काम शुरू किया है।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी

जनजातीय कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव एवं राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री टी. रौमुआन पाइट कार्यक्रम में उपस्थित रहे। उनके साथ कंपनी सचिव श्री कुंज बिहारी, परियोजना एवं सीएसआर के सहायक महाप्रबंधक सुश्री बिस्मिता दास तथा पूर्वी क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक श्री सुनील साहू भी उपस्थित थे।

भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड की ओर से टीएस एवं सीएसआर के मुख्य महाप्रबंधक श्री तपनकुमार जी. कानेकर और सीएसआर के उप महाप्रबंधक श्री आर.एस. बोरा उपस्थित थे। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम की ओर से तकनीकी प्रशिक्षण एवं विकास वर्टिकल तथा एसबीयू प्रमुख और वरिष्ठ महाप्रबंधक श्री ओ.पी. सिंह तथा मुख्य प्रबंधक श्री मार्कंडेय कुमार उपस्थित थे।

केंद्र के कामकाज पर चर्चा

केंद्र के कामकाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए प्रशिक्षुओं और संकाय सदस्यों के साथ एक संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया तथा राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की गई। उम्मीदवारों को जुटाने, वर्तमान मॉड्यूल के संचालन और प्रशिक्षुओं की प्रगति से जुड़े अन्य मुद्दों के संबंध में आगे की रणनीतियों पर चर्चा की गई।

***

 

पीके/केसी/ आरटी /एके / डीए

 


(रिलीज़ आईडी: 2326911) आगंतुक पटल : 89
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu