कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
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राष्‍ट्रीय कौशल योग्‍यता समिति (एनएसक्‍यूसी) की 51वीं बैठक 14-15 अक्टूबर 2026 को आयोजित हुई


एनसीवीईटी ने कौशल अर्हताओं, कृत्रिम बुद्धिमत्‍ता आधारित विषयवस्‍तु मैपिंग और राष्‍ट्रीय कौशल योग्‍यता रूपरेखा (एनएसक्‍यूएफ) के अनुरूप अर्हताओं के निर्धारण संबंधी प्रस्तावों की समीक्षा की

प्रविष्टि तिथि: 15 OCT 2026 6:00PM by PIB Delhi

राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) के अंतर्गत राष्ट्रीय कौशल योग्यता समिति (एनएसक्यूसी) की 51वीं बैठक 14 और 15 अक्टूबर 2026 को दो चरणों में आयोजित की गई। बैठक की अध्‍यक्षता कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) की सचिव और राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) की अध्यक्ष श्रीमती देबाश्री मुखर्जी ने की। बैठक में व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण में गुणवत्ता आश्वासन, अर्हताओं को अपनाने और उनकी वैधता तथा राष्ट्रीय कौशल योग्यता रूपरेखा (एनएसक्यूएफ) के अनुरूप अर्हताओं के निर्धारण से संबंधित प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के अपर सचिव तथा एनसीवीईटी के कार्यकारी सदस्य श्री निरंजन कुमार सुधांशु; एनसीवीईटी के कार्यकारी सदस्‍य प्रोफेसर (डॉ.) अशोक कुमार गाबा; एनसीवीईटी के निदेशक (अर्हता), डॉ. संदीपन नरोटे; तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय और प्रशिक्षण महानिदेशालय जैसे केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों का प्रतिनिधित्‍व करने वाले, एनएसक्‍यूसी के सदस्‍य शामिल हुए। इसके अलावा विभिन्‍न अवॉर्डिंग बॉडीज जैसे - माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, (आंध्र प्रदेश), एपेक्स विश्‍वविद्यालय, राज्य तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण बोर्ड (एसबीटीईटी, आंध्र प्रदेश), अतिरिक्त कौशल अधिग्रहण कार्यक्रम (एएसएपी, केरल), राष्ट्रीय रुडसेटी अकादमी (आयूडीएसईटीआई), लेबरनेट लाइवलीहुड फाउंडेशन; ओरियन एजुकेशन सोसाइटी; दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट; और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (आईजीएनओयू) के प्रतिनिधि, उद्योग विशेषज्ञ तथा अन्य प्रमुख हितधारक भी बैठक में उपस्थित रहे।

बैठक का एक प्रमुख विषय देखभाल सेवा क्षेत्र की अर्हताओं की समीक्षा था। ये समीक्षा विभिन्‍न अर्हताओं के बीच संभावित समानता और दोहराव की जांच करने के लिए पहले दिए गए निर्देशों के अनुपालन में की गई। समिति के समक्ष कौशल भारत डिजिटल हब (एसआईडीएच) की कृत्रिम बुद्धिमत्‍ता (एआई) टीम के सहयोग से तैयार की गई एआई-आधारित विषयवस्‍तु मैपिंग रिपोर्ट प्रस्‍तुत की गई। हितधारकों के साथ परामर्श के दौरान यह अनुसंशा की गई थी कि अर्हताओं के बीच समानता का आकलन मूल दक्षताओं, व्यावसायिक कार्यों, लक्षित लाभार्थी समूहों, कार्य-परिवेश, कार्यक्षेत्र की सीमा, क्षेत्र/कार्य-क्षेत्र, अर्हता स्तर तथा अर्हता की वास्तविक विषयवस्‍तु के आधार पर किया जाए। इसके लिए एआई-आधारित मिलान को सहायक इनपुट के रूप में उपयोग करने का प्रस्ताव रखा गया, जिसके साथ प्रत्‍येक अर्हता की विशेषज्ञों द्वारा अलग-अलग जांच भी की जानी थी।

समिति ने कौशलवर्स पोर्टल के माध्यम से राष्‍ट्रीय कौशल योग्‍यता रूपरेखा (एनएसक्‍यूएफ) के अनुरूप निर्धारण और अनुमोदन के लिए 156 प्रस्‍तुतियों पर भी विचार किया। इनमें 108 अर्हताएं (60 नई और 48 संशोधित), 25 राष्ट्रीय व्यावसायिक मानक (एनओएस) (24 नए और एक संशोधित) तथा 23 नए सूक्ष्‍म-अर्हता प्रमाण पत्र (माइक्रो-क्रेडेंशियल्स) शामिल थे। ये प्रस्‍तुतियां विभिन्‍न क्षेत्रों और अर्हता प्रदान करने वाले निकायों से संबंधित थीं। इनसे स्‍पष्‍अ होता है कि उद्योग जगत और शिक्षार्थियों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप राष्ट्रीय कौशल अर्हता प्रणाली को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

बैठक की कार्यसूची में अन्य विषयों के अंतर्गत अर्हता प्रदान करने वाले निकायों द्वारा अर्हताओं को अपनाए जाने की पुष्टि संबंधी प्रस्ताव; कौशलवर्स के माध्यम से फाइल पर अथवा तत्काल आधार पर अनुमोदित अर्हताओं और राष्‍ट्रीय व्‍यवसायिक मानकों (एनओएस) की पुष्टि; तथा अर्हताओं की वैधता, सांकेतिक घंटों और कार्यस्‍थल पर प्रशिक्षण से संबंधित अनुरोध भी शामिल थे।

समिति के समक्ष एक अतिरिक्त कार्यसूची विषय के रूप में रक्षा क्षेत्र की 110 अर्हताओं की वैधता को अंतरिम रूप से बढाने के लिए भारतीय सेना का अनुरोध शामिल था। अनुरोध में उल्‍लेख किया गया कि ये अर्हताएं कौशल विकास प्रणाली में अब भी जारी हैं और उनकी वैधता समाप्त होने से परिचालन संबंधी चुनौतियां उत्‍पन्‍न हो रही हैं। यह मामला समिति के विचारार्थ प्रस्‍तुत किया गया।

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