ग्रामीण विकास मंत्रालय
कौशल विकास से लेकर स्थायी रोजगार तक: जयपुर में आयोजित डीडीयू-जीकेवाई 2.0 में उद्योग भागीदारों को जुटाने के लिए कैप्टिव एम्प्लॉयर सीएक्सओ मीट का आयोजन
प्रविष्टि तिथि:
13 OCT 2026 9:20AM by PIB Delhi
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम के सहयोग से आज जयपुर स्थित राजस्थान अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना 2.0 के अंतर्गत कैप्टिव एम्प्लॉयर सीएक्सओ मीट का आयोजन किया।
इस बैठक का उद्देश्य डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के कैप्टिव एम्प्लॉयमेंट प्रावधान में उद्योग की भागीदारी को मजबूत करना और कौशल विकास को उद्योग की जनशक्ति आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना था। इस कार्यक्रम में 50 से अधिक नियोक्ता, उद्योग संघों और सेक्टर स्किल काउंसिल के प्रतिनिधि, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एसआरएलएम) और राज्य कौशल विकास मिशन (एसएसडीएम) के सीईओ/एमडी और केंद्र एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान डीडीयू-जीकेवाई के राष्ट्रीय महत्व और ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल विकास को स्थायी रोजगार के अवसरों से जोड़ने में इसकी भूमिका पर बल दिया गया। इस योजना के तहत अब तक 18.49 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है और 12.44 लाख उम्मीदवारों को रोजगार मिल चुका है।
डीडीयू-जीकेवाई कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं को विशिष्ट क्षेत्र के कौशल, संवाद कौशल और भाषा प्रवीणता का संयोजन प्रदान करता है, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में सुधार होता है और स्थायी रोजगार को बढ़ावा मिलता है। उद्योग प्रतिनिधियों को इस योजना के उस उद्देश्य के बारे में भी बताया गया, जिसके तहत प्रशिक्षित उम्मीदवारों के लिए कम से कम 70 प्रतिशत रोजगार या स्वरोजगार के अवसर सुनिश्चित किए जाते हैं।
कैप्टिव एम्प्लॉयमेंट प्रावधान की क्षमता पर प्रकाश डालते हुए, यह बताया गया कि डीडीयू-जीकेवाई 2.0 लक्ष्यों का 20 प्रतिशत कैप्टिव नियोक्ताओं के लिए निर्धारित किया गया है।
सीएक्सओ बैठक का उद्देश्य उद्योग भागीदारों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने और उन्हें अपनी आंतरिक क्षमता में शामिल करने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना था। उद्योग भागीदारों को डीडीयू जीकेवाई 2.0 के तहत आंतरिक नियोक्ता बनने के लिए राज्य कार्यान्वयन एजेंसियों से प्राप्त रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) का जवाब देना होगा।
बैठक के दौरान, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के अंतर्गत वित्तपोषण ढांचे की व्याख्या की। इसमें बताया गया कि पात्र कैप्टिव नियोक्ताओं सहित परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों को भुगतान निर्धारित कार्यान्वयन लक्ष्यों से जुड़े 30:20:20:30 के अनुपात में चार किस्तों में किया जाएगा। अंतिम किस्त लागू नियुक्ति और सत्यापन आवश्यकताओं की पूर्ति से जुड़ी है, जिसमें अनिवार्य छह महीने की रोजगार अवधि भी शामिल है। यह भी बताया गया कि कैप्टिव रोजगार के तहत 1.83 लाख उम्मीदवारों का राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उद्योग-राज्य संवाद पर आयोजित एक खुले सत्र ने मानव संसाधन आवश्यकताओं, कार्यान्वयन चुनौतियों और सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर प्रत्यक्ष चर्चा के लिए एक मंच प्रदान किया। उद्योग प्रतिनिधियों, राज्य अधिकारियों, सामाजिक सेवा प्रदाताओं और मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने कार्यबल की मांग को संरचित प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों में परिवर्तित करने में नियोक्ताओं की भागीदारी को मजबूत करने पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम के प्रबंध निदेशक श्री ऋषभ मंडल के स्वागत भाषण से हुआ। उद्घाटन सत्र में ग्रामीण विकास मंत्रालय के ग्रामीण कौशल प्रभाग के निदेशक श्री पवन कुमार और ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव (ग्रामीण कौशल) सुश्री जयश्री एमजी ने संबोधित किया।
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पीके/केसी/आरटी/बीयू/वाईबी
(रिलीज़ आईडी: 2323693)
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