भारी उद्योग मंत्रालय
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राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) के माननीय अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य ने भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा अनुसूचित जनजातियों के लिए संचालित विभिन्न कार्यक्रमों तथा संवैधानिक सुरक्षा उपायों के कार्यान्वयन की समीक्षा की


आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य ने अनुसूचित जनजातियों के कल्याण, सशक्तीकरण और समावेशी विकास की दिशा में भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा की गई पहलों और प्रयासों की सराहना की

प्रविष्टि तिथि: 13 OCT 2026 4:35PM by PIB Delhi

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) के माननीय अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य ने आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आज नई दिल्ली के नेताजी नगर स्थित कौस्तुभम, जीपीओए-3 में भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) के साथ एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में भारी उद्योग मंत्रालय तथा उसके केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) और स्वायत्त निकायों (एबी) के अंतर्गत अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के विकास एवं कल्याण के लिए संवैधानिक सुरक्षा उपायों के कार्यान्वयन और विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।

बैठक में भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव श्री कामरान रिज़वी, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों तथा भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल), सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (सीसीआई) और इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स (इंडिया) लिमिटेड (ईपीआईएल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) ने भाग लिया। इनके साथ मंत्रालय और आयोग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान मंत्रालय तथा उसके केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) और स्वायत्त निकायों (एबी) में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व की स्थिति, आरक्षण नीतियों के कार्यान्वयन, भर्ती प्रक्रियाओं, आरक्षण रोस्टर के रख-रखाव तथा शिकायत निवारण तंत्र की व्यापक समीक्षा की गई। चर्चा में अनुसूचित जनजाति के कर्मचारियों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए लागू संस्थागत सुरक्षा उपायों तथा उनके कल्याण और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

मंत्रालय ने आयोग को लागू आरक्षण संबंधी दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए किए गए विभिन्न उपायों की जानकारी दी, जिनमें संपर्क अधिकारी की कार्यप्रणाली और शिकायतों की निगरानी शामिल है।

आयोग ने मंत्रालय के माध्यम से उसके केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) और स्वायत्त निकायों (एबी) के जरिए अनुसूचित जनजाति के समुदायों को कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए एक सुव्यवस्थित तंत्र स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। आयोग ने इस बात पर भी बल दिया कि मंत्रालय अनुसूचित जनजाति के कर्मचारियों की शिकायतों के निवारण की स्थिति की निगरानी करने तथा उनकी शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के लिए सीपीएसई और एबी के साथ नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करे।

आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य ने अनुसूचित जनजातियों के कल्याण, सशक्तीकरण और समावेशी विकास की दिशा में मंत्रालय द्वारा की गई पहलों और प्रयासों की सराहना की। यह सुनिश्चित करने के लिए कि अनुसूचित जनजाति के समुदायों तक इनका अपेक्षित लाभ पहुँचे, उन्होंने संवैधानिक एवं कानूनी सुरक्षा उपायों, आरक्षण नीतियों और कल्याणकारी उपायों की निरंतर निगरानी तथा प्रभावी कार्यान्वयन के महत्व पर जोर दिया।

बैठक में संस्थागत तंत्र को सुदृढ़ करने, अनुसूचित जनजाति के कर्मचारियों से संबंधित मुद्दों का समाधान करने तथा सामाजिक न्याय, समान अवसर और समावेशी विकास के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, भारी उद्योग मंत्रालय तथा उसके केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) और स्वायत्त निकायों (एबी) के बीच निरंतर समन्वय के महत्व की पुनः पुष्टि की गई।

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