सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
मौसमी मजदूरी से आत्मनिर्भरता तक
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की सावधि ऋण योजना के माध्यम से लखनऊ के संतोष कुमार की यात्रा
प्रविष्टि तिथि:
12 OCT 2026 6:40PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसएफडीसी) अपनी सावधि ऋण योजना के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को आय-सृजन गतिविधियों को आगे बढ़ाने और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में कार्य करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
मौसमी कृषि कार्यों पर निर्भर अनेक परिवारों के लिए सीमित आय और वित्तीय साधनों के अभाव के चलते एक स्थायी आजीविका स्थापित करना कठिन हो जाता है।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले के गोसाईंगंज ब्लॉक के श्री संतोष कुमार की यात्रा दर्शाती है कि इस तरह की सहायता किस प्रकार स्थायी स्वरोजगार के अवसर पैदा कर सकती है।
36 वर्षीय श्री संतोष कुमार और उनका परिवार पहले अपनी आजीविका के लिए मौसमी कृषि कार्यों पर निर्भर था। परिवार की वार्षिक आय केवल 70,000 से 80,000 रुपये होने के कारण, दैनिक घरेलू खर्चों को पूरा करना कठिन था। हालांकि उन्हें गाड़ी चलाना आता था, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वे गाड़ी नहीं खरीद पाए और अपना खुद का काम शुरू नहीं कर सके।
एक बड़ा बदलाव तब आया जब श्री संतोष कुमार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की सावधि ऋण योजना के तहत 3 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिली। इस मदद से उन्होंने एक ऑटो-रिक्शा खरीदा और अपना खुद का काम शुरू किया। इस वित्तीय सहायता ने उन्हें अपने ड्राइविंग कौशल का सार्थक उपयोग करने और नियमित आय का साधन स्थापित करने में मदद की, जिससे मौसमी कृषि रोजगार पर उनकी निर्भरता कम हो गई।
वर्तमान में श्री संतोष कुमार सफलतापूर्वक अपना ऑटो-रिक्शा चला रहे हैं और उनके परिवार की वार्षिक आय पहले के 70,000 से 80,000 रुपये की तुलना में बढ़कर लगभग 2.25 लाख रुपये हो गई है। इस बदलाव से परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है तथा जीवन स्तर भी बेहतर हुआ है। उनकी यात्रा वित्तीय सहायता की उस सकारात्मक भूमिका को दर्शाती है जो व्यक्तियों को आर्थिक बाधाओं से उबरने और अधिक सुरक्षित भविष्य का निर्माण करने में सक्षम बनाती है।

श्री संतोष कुमार का अनुभव इस बात को रेखांकित करता है कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की सावधि ऋण योजना किस प्रकार स्वरोजगार को बढ़ावा दे सकती है, आजीविका के साधन उपलब्ध करा सकती है और लाभार्थियों को आर्थिक स्वावलंबन की ओर अग्रसर कर सकती है। अपने ड्राइविंग कौशल को आय का एक स्थायी साधन बनाकर, उन्होंने आत्मनिर्भरता तथा अपने परिवार के लिए गरिमापूर्ण जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
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पीके/केसी/आरटी/एसके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2322495)
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