शिक्षा मंत्रालय
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आईआईएसईआर भोपाल-ATRI परिसर का शिलान्यास समारोह

एवं स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण

प्रविष्टि तिथि: 03 OCT 2026 10:18PM by PIB Bhopal

भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) भोपाल, जो संसद के अधिनियम के अंतर्गत स्थापित एक राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है तथा शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन कार्यरत है, यह सूचित करते हुए हर्ष का अनुभव कर रहा है कि आईआईएसईआर भोपाल-ATRI परिसर का शिलान्यास समारोह एवं स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को सायं 5:00 बजे से एल-5, एलएचसी, आईआईएसईआर भोपाल में आयोजित किया गया।

शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 | सायं 5:00 बजे से | एल-5, एलएचसी, आईआईएसईआर भोपाल

माननीय मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश, डॉ. मोहन यादव ने समारोह की शोभा बढ़ाते हुए आईआईएसईआर भोपाल-ATRI परिसर का शिलान्यास किया तथा स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण किया। प्रो. गोवर्धन दास, माननीय सदस्य, नीति आयोग, भारत सरकार, तथा श्री रामेश्वर शर्मा, माननीय विधायक, हुजूर, भोपाल, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। यह समारोह संस्थान के निदेशक प्रो. रघुवीर सिंह तोमर के नेतृत्व में, आईआईएसईआर भोपाल के संकाय-सदस्यों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति में आयोजित किया गया।

उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए डॉ. मोहन यादव ने आईआईएसईआर भोपाल को बधाई दी तथा समकालीन वैज्ञानिक शिक्षा को भारत की प्राचीन मूल्य-परंपरा के साथ जोड़कर आगे बढ़ाने के लिए संस्थान की सराहना की। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के जीवन पर भी विशेष बल दिया और युवाओं के लिए उसकी स्थायी प्रासंगिकता को रेखांकित किया। प्रो. दास ने आईआईएसईआर भोपाल की इस प्रतिबद्धता पर बल दिया कि वह अपने पाठ्यक्रम एवं अनुसंधान को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं तथा विकसित भारत 2047 के मिशनों के अनुरूप ढाल रहा है।

आईआईएसईआर भोपाल के निदेशक प्रो. रघुवीर सिंह तोमर ने इस अवसर पर संस्थान का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में संस्थान की प्रगति तथा नए ATRI परिसर के लिए संस्थान की परिकल्पना को रेखांकित किया और भूमि आवंटन के लिए मध्य प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने उन्नत अनुसंधान, नवाचार तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दोहराया।

मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में आईआईएसईआर भोपाल को उन्नत अनुसंधान, नवाचार, शिक्षा एवं कौशल विकास को समर्पित नए परिसर के विकास हेतु 52 एकड़ भूमि आवंटित की है। प्रस्तावित परिसर क्वांटम एवं उन्नत सामग्री, ड्रोन प्रौद्योगिकी, सतत प्रणालियाँ, चिकित्सा प्रौद्योगिकी, तथा एआई एवं रोबोटिक्स जैसे उभरते एवं राष्ट्रीय महत्व के क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा।

नवीन परिसर पाँच प्रौद्योगिकी क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा। इनमें राष्ट्रीय क्वांटम मिशन को सहयोग देते हुए संवेदन (सेंसिंग), मापविज्ञान (मेट्रोलॉजी), संचार एवं कंप्यूटिंग में उपयोग हेतु जेम-ग्रेड एवं क्वांटम-ग्रेड डायमंड जैसी स्वदेशी क्वांटम एवं उन्नत सामग्री; कृषि, आपदा प्रबंधन, निगरानी एवं रक्षा के लिए संपूर्ण ड्रोन प्रौद्योगिकी, जिसे मध्य प्रदेश सरकार के साथ मिलकर ड्रोन टेक हब के रूप में विकसित किया जाएगा; नवीकरणीय ऊर्जा, उन्नत बैटरी, हरित रसायन एवं चक्रीय अर्थव्यवस्था के समाधानों को समेटे सतत प्रणालियाँ एवं प्रौद्योगिकियाँ; किफायती निदान, प्रत्यारोपण (इम्प्लांट), पहनने योग्य उपकरण तथा एआई-आधारित स्वास्थ्य प्रौद्योगिकियों सहित चिकित्सा उपकरण एवं निदान; तथा स्वास्थ्य सेवा, ऊर्जा प्रबंधन एवं सूचना प्रौद्योगिकी की चुनौतियों के समाधान हेतु कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग के लिए स्कूल ऑफ एआई एवं रोबोटिक्स शामिल हैं।

संस्थान विकसित भारत 2047 एवं आत्मनिर्भर भारत जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप विभिन्न अनुसंधान क्षेत्रों में सक्रियता से कार्य कर रहा है। प्रस्तावित अनुसंधान एवं नवाचार पार्क से अंतःविषयक अनुसंधान एवं नवाचार तंत्र (इकोसिस्टम) सुदृढ़ होने तथा उद्योग एवं शिक्षा जगत के बीच सहयोग को बढ़ावा मिलने की अपेक्षा है, और इसके मध्य भारत का सबसे बड़ा अनुसंधान पार्क बनने की परिकल्पना है।

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं जीवन मूल्यों के संवर्धन की अपनी प्रतिबद्धता के अंतर्गत आईआईएसईआर भोपाल ने एकात्म पार्क विकसित किया है, जिसमें युवाओं के सदैव प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा स्थापित है। यह पार्क एक ऐसे स्थान के रूप में परिकल्पित है जो विद्यार्थियों में चिंतन, प्रेरणा तथा सकारात्मक मूल्यों के विकास को प्रोत्साहित करे।

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(रिलीज़ आईडी: 2318805) आगंतुक पटल : 51