श्रम और रोजगार मंत्रालय
'श्रम संवाद' पहल के तहत फरीदाबाद के क्षेत्रीय श्रम संस्थान में श्रम सहिंता पर ज़िला जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
प्रविष्टि तिथि:
28 SEP 2026 6:46PM by PIB Delhi
श्रम और रोज़गार मंत्रालय ने आज फरीदाबाद के क्षेत्रीय श्रम संस्थान में अपने "श्रम संवाद" जागरूकता अभियान के तहत ज़िला जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। आज से शुरू हुए श्रम संवाद अभियान का उद्देश्य हाल ही में लागू किए गए श्रम संहिता और उनके तहत आने वाले मुख्य प्रावधानों तथा नियमों के अनुपालन के बारे में हितधारकों के बीच जागरूकता बढ़ाना है। इस पहल के तहत अगले 90 दिनों में सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 316 ज़िलों में मौजूद औद्योगिक समूहों को कवर किया जाएगा।

फरीदाबाद में आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 75 लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। इनमें नियोक्ता, सरकारी अधिकारी, वकील और श्रम तथा रोजगार क्षेत्र से जुड़े अन्य प्रतिनिधि और हितधारक शामिल थे। कार्यक्रम में पांच जानकारीपूर्ण सत्र थे, जिनमें नई श्रम संहिता के मुख्य प्रावधानों, नियोक्ता की आवश्यकताओं और भारत सरकार की महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की शुरुआत कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की एसीसी सुश्री मृदुला घई और सुश्री अपराजिता जग्गी के संबोधन से हुई। इस अवसर पर पीएचडीसीसीआई के केंद्रीय न्यासी बोर्ड के सदस्य और एचआर तथा आईआर समिति के अध्यक्ष आशीष विग ने भी लोगों को संबोधित किया।

पहला तकनीकी सत्र श्रम और रोज़गार मंत्रालय के निदेशक, श्री मिन्हाज़ अहमद ने संचालित किया। उन्होंने नई श्रम संहिता के बारे में जानकारी दी, उनके उद्देश्य समझाए और नए कानूनी ढांचे के तहत लाए गए मुख्य प्रावधानों और बदलावों की चर्चा की। इस सत्र का उद्देश्य प्रतिभागियों को श्रम संहिता और कर्मचारियों तथा नियोक्ताओं के लिए उनके महत्व के बारे में व्यापक जानकारी देना था।
दूसरा सत्र श्रम कल्याण आयुक्त श्री हेमंत तिर्की ने संचालित किया, जिसमें उन्होंने श्रम संहिता के तहत नियोक्ताओं द्वारा किए जाने वाले मुख्य अनुपालनों के बारे में विस्तार से बताया। इस सत्र में नियोक्ताओं पर लागू होने वाली जिम्मेदारियों और कानूनी ज़रूरतों के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई तथा प्रतिभागियों को नई संहिताओं के तहत अनुपालन ढांचे को समझने में मदद की गई।

तीसरा सत्र 'प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएम-एसवाईएम) योजना' पर केंद्रित था और इसे सहायक कल्याण आयुक्त श्री सुनील गौतम ने संचालित किया था। इसमें शामिल लोगों को योजना की मुख्य विशेषताओं और पात्र असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा लाभ पहुंचाने में इसकी भूमिका के बारे में जानकारी दी गई।
चौथा सत्र 'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई)' के लिए था और इसे क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-। श्री प्रणित जोशी ने संचालित किया। इस सत्र में प्रतिभागियों को योजना, इसके उद्देश्यों और इससे जुड़े संबंधित प्रावधानों तथा लाभों के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का समापन एक इंटरैक्टिव प्रनोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने वक्ताओं के साथ सक्रिय रूप से बातचीत की और नई श्रम संहिता को लागू करने और उसका अनुपालन करने की आवश्यकताओं से संबंधित प्रश्न पूछे। इस सत्र में प्रतिभागियों को संहिता और संबंधित श्रम कल्याण योजनाओं के विभिन्न पहलुओं पर स्पष्टीकरण प्राप्त करने का अवसर मिला।

यह कार्यक्रम जागरूकता बढ़ाने और इसमें हितधारकों को शामिल करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। इससे नई श्रम संहिता, नियोक्ता द्वारा नियमों के अनुपालन और श्रमिकों के कल्याण तथा सामाजिक सुरक्षा सुदृढ़ करने के सरकारी प्रयासों को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिली।
*****
पीके/केसी/आरटी/एमके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2316185)
आगंतुक पटल : 52