कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय
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सामाजिक सुरक्षा कवरेज बढ़ाने और रोजगार सृजन को प्रोत्साहन करने पर ईपीएफओ ने दी अहम जानकारी

- पीएफ अंशदान की पात्रता के लिए वेतन सीमा 15,000 से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह की गई

- कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे पात्र कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा ढांचे के अंतर्गत लाना है, जो अब तक ईपीएफ कवरेज से बाहर हैं

प्रविष्टि तिथि: 25 SEP 2026 5:35PM by PIB Dehradun

22 सितंबर 2026 को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून द्वारा सामाजिक सुरक्षा कवरेज को मजबूत करने, रोजगार सृजन को बढ़ावा देने तथा नियोक्ताओं और कर्मचारियों के लिए अनुपालन को आसान बनाने की दिशा में किए जा रहे विभिन्न प्रयासों की जानकारी दी गई।

बीते 17 सितंबर को भारत सरकार द्वारा विश्वकर्मा दिवस की पूर्व संध्या पर कर्मचारी भविष्य निधि की पात्रता के लिए वेतन सीमा 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रति माह कर दी गई है। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-I श्री वी.बी.बी. सिंह ने बताया कि मुख्यालय, नई दिल्ली के अनुसार इस बदलाव से कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में लगभग 51 लाख नए अंशधारकों के जुड़ने की उम्मीद है।

नई वेतन सीमा के दायरे में आने वाले पात्र कर्मचारियों को नियमित पीएफ अंशदान के माध्यम से सेवानिवृत्ति के लिए दीर्घकालिक बचत का लाभ मिलेगा। वहीं, पात्र कर्मचारियों को कर्मचारी पेंशन योजना के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा का अवसर भी प्राप्त होगा। कई राज्यों में न्यूनतम मजदूरी और पीएफ की निर्धारित वेतन सीमा में अंतर के कारण अनेक कर्मचारी अब तक भविष्य निधि की सदस्यता से वंचित रह जाते थे। नई व्यवस्था से 25 हजार रुपये तक वेतन पाने वाले कर्मचारियों का एक बड़ा वर्ग सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ सकेगा।

क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-I श्री वी.बी.बी. सिंह ने सभी नियोक्ताओं से अपील की कि वे नई वेतन सीमा के अनुसार अपने सभी पात्र कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि के अंतर्गत सदस्य बनाना सुनिश्चित करें और नियमानुसार अंशदान जमा कराएं।

प्रेस वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के बारे में भी जानकारी दी गई। योजना का मुख्य उद्देश्य रोजगार सृजन को बढ़ावा देना और रोजगार के औपचारिकीकरण को प्रोत्साहित करना है। इसके तहत अतिरिक्त रोजगार पैदा करने के लिए नियोक्ताओं को प्रोत्साहन दिया जाता है तथा पात्र श्रमिकों को संगठित कार्यबल और सामाजिक सुरक्षा प्रणाली में शामिल किया जाता है। गढ़वाल क्षेत्र में प्रथम किस्त के दौरान पात्र कर्मचारियों और नियोजकों को लगभग ₹19 करोड़ की राशि वितरित की जा चुकी है। अगली किस्त जल्द ही मुख्यालय द्वारा जारी की जाएगी।

योजना के तहत पहली बार औपचारिक क्षेत्र में शामिल होने वाले कर्मचारियों को प्रत्यक्ष वित्तीय लाभ प्रदान किया जाता है।

ईपीएफओ द्वारा कर्मचारी नामांकन अभियान-2026 भी चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य ऐसे पात्र कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा ढांचे के अंतर्गत लाना है, जो अब तक ईपीएफ कवरेज से बाहर हैं।

अभियान के तहत नियोक्ताओं को कर्मचारियों का पूर्वव्यापी नामांकन कराने का अवसर दिया गया है। इसमें कर्मचारियों के पिछले अनसाइड अंशदान से राहत तथा केवल ₹100 का रियायती हर्जाना जैसे अनुपालन लाभ शामिल हैं। यह योजना 31 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध है।

ईपीएफओ द्वारा ईपीएफ देयों के विलंबित भुगतान से संबंधित विवादों के निपटारे के लिए ‘विश्वास योजना’ शुरू की गई है। यह योजना EPF एवं MP अधिनियम, 1952 की धारा 14B के तहत लंबित मामलों के लिए वैकल्पिक विवाद निवारण तंत्र के रूप में लागू की गई है।

इसमें CGIT, उच्च न्यायालयों या सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष लंबित ऐसे मामले शामिल हैं, जिनमें मूल्यांकित नुकसान का भुगतान नहीं हुआ है। पूर्व-निर्णयन मामले भी इसके दायरे में आते हैं।

योजना के तहत दंडात्मक नुकसान को घटाकर 1 प्रतिशत प्रति माह की सुव्यवस्थित दर निर्धारित की गई है। दो महीने तक के विलंब के लिए यह दर 0.25 प्रतिशत प्रति माह और दो से चार महीने तक के विलंब के लिए 0.50 प्रतिशत प्रति माह निर्धारित की गई है।

क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून में अब तक ₹70 लाख की राशि के 54 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।

ईपीएफओ, क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून द्वारा सामाजिक सुरक्षा कवरेज को मजबूत करने, रोजगार सृजन को बढ़ावा देने, अनुपालन में सुधार करने तथा नियोक्ताओं और प्रतिष्ठानों के लिए व्यापार में सुगमता बढ़ाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-I श्री वी.बी.बी. सिंह ने सभी नियोक्ताओं और प्रतिष्ठानों से नवीनतम प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की है।


(रिलीज़ आईडी: 2314953) आगंतुक पटल : 18