सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
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'पीएम-अजय' से अनुसूचित जाति समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिली


पिछले 12 वर्षों में 'पीएम-अजय' के तीन घटकों के तहत 11,186 करोड़ रुपये से अधिक जारी किए गए

16,022 गांवों को 'आदर्श ग्राम' घोषित किया गया; अनुदान-सहायता पहलों से 34.61 लाख लोगों को लाभ मिला

प्रविष्टि तिथि: 19 SEP 2026 9:14PM by PIB Delhi

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, 'प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना' (पीएम-अजय) के माध्यम से अनुसूचित जाति समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण को आगे बढ़ा रहा है।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के सचिव श्री सुधांश पंत ने कहा कि आदर्श ग्राम घटक, जिसे पहले 'प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना' के रूप में लागू किया जाता था, के तहत वित्तीय वर्ष 2014-15 से अब तक 48,811 चयनित गांवों के लिए 3,545.103 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।

उन्होंने कहा कि इनमें से 16,022 गांवों को तय विकास मानकों को पूरा करने के बाद 'आदर्श ग्राम' घोषित किया गया है। इन मानकों में अवसंरचना और ज़रूरी सेवाओं में मौजूद कमियों को दूर करके अनुसूचित जाति-बहुल गांवों के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

श्री पंत ने कहा कि अनुदान सहायता घटक के तहत, जिसे पहले 'अनुसूचित जातियों के लिए विशेष केंद्रीय सहायता उप-योजनाके रूप में जाना जाता था, वित्तीय वर्ष 2014-15 से अब तक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 7,142.692 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।

उन्होंने कहा कि इस सहायता से कौशल विकास, आजीविका प्रोत्साहन, आय सृजन परियोजनाओं और अनुसूचित जाति समुदायों के लिए आर्थिक अवसरों को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई अन्य पहलों के माध्यम से 34.61 लाख लाभार्थी लाभान्वित हुए हैं।

सचिव महोदय ने आगे बताया कि छात्रावास घटक के तहत, जिसे पहले 'बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना' के रूप में लागू किया गया था, वित्तीय वर्ष 2014-15 से अब तक 244 छात्रावासों के लिए 498.215 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है, जिससे 24,131 लाभार्थियों को फ़ायदा मिला है।

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उन्होंने कहा कि यह घटक अनुसूचित जाति समुदायों के छात्रों के लिए शिक्षा के  अवसरों तक पहुंच में सुधार करने के उद्देश्य से छात्रावास सुविधाओं के निर्माण और विस्तार में सहायता प्रदान करता है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 और वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए, श्री पंत ने कहा कि इन दो वित्तीय वर्षों में आदर्श ग्राम घटक के तहत 629.26 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई, जबकि 8,823 गांवों को 'आदर्श ग्राम' घोषित किया गया।

सचिव महोदय ने आगे बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान सहायता अनुदान घटक के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 705.638 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई, जिससे 1,782 लोग लाभान्वित हुए।

छात्रावास घटक के तहत, वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान 46 छात्रावासों के लिए 80.115 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई, जिससे 5,664 लाभार्थियों को लाभ हुआ।

सचिव महोदय ने बताया कि पीएम-अजय को 2021-22 से एक विलय की गई केंद्र प्रायोजित योजना  के रूप में लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि यह योजना तीन पूर्ववर्ती केंद्र प्रायोजित योजनाओं—'प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना' (पीएमएजीवाई), 'अनुसूचित जाति के लिए विशेष केंद्रीय सहायता उप-योजना' (एससीए से एससीएसपी) और 'बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना' (बीजेआरसीवाई) को मिलाया गया है।

उन्होंने बताया कि यह योजना आदर्श ग्राम, सहायता अनुदान और छात्रावास घटकों के माध्यम से लागू की जाती है। इसका उद्देश्य कौशल विकास, आय सृजन गतिविधियों और विकास से जुड़े अन्य उपायों के ज़रिए अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा करके अनुसूचित जाति समुदायों में गरीबी को कम करना है।

श्री पंत ने आगे कहा कि इसका उद्देश्य अनुसूचित जाति बहुल गांवों में पर्याप्त अवसंरचना और आवश्यक सेवाएं सुनिश्चित करके सामाजिक-आर्थिक संकेतकों में सुधार करना भी है।

सचिव महोदय ने यह विश्वास व्यक्त किया कि 'पीएम-अजयके माध्यम से सरकार समावेशी विकास को बढ़ावा देने, आजीविका एवं शैक्षिक अवसरों का विस्तार करने, गरीबी कम करने और देश भर में अनुसूचित जाति समुदायों के समग्र जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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पीके/केसी/आरटी/एसके


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