सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय
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केवीआईसी के अध्यक्ष श्री मनोज गोयल और दिल्ली के पूर्व मेयर श्री जय प्रकाश ने 'सेवा संकल्प, खादी महोत्सव-2026' का उद्घाटन किया


पूरे देश में 17 अक्टूबर तक 'सेवा संकल्प, खादी महोत्सव-2026' मनाया जाएगा

"सेवा संकल्प, खादी महोत्सव-2026 जन भागीदारी के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की 25 वर्षों की सेवा और सुशासन के संकल्प को आगे बढ़ाएगा": केवीआईसी अध्यक्ष

केवीआईसी ने 3,366 पीएमईजीपी लाभार्थियों को 289 करोड़ रुपए मार्जिन मनी सब्सिडी वितरित की; पांच डिजिटल पहल शुरू की गईं

प्रविष्टि तिथि: 17 SEP 2026 10:28PM by PIB Delhi

भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के तहत खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने गुरुवार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के जन्‍मदिन के अवसर पर राजघाट स्थित गांधी दर्शन में केवीआईसी परिसर से "सेवा संकल्प, खादी महोत्सव 2026" का उद्घाटन किया। यह महोत्‍सव पूरे देश में लोगों की भागीदारी के साथ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक मनाया जाएगा। मुख्य अतिथि और केवीआईसी के अध्‍यक्ष श्री मनोज गोयल ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर दिल्ली के पूर्व मेयर श्री जय प्रकाश, खादी संस्थानों के प्रतिनिधि, कारीगर, पीएमईपीजी के लाभार्थी, प्रशिक्षु, केवीआईसी के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। इनके साथ ही देश भर से ऑनलाइन जुड़े कारीगर और अन्य प्रतिभागी भी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान, कारीगरों ने #AshirwadKaDiya के साथ केक काटा और प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के 25 वर्षों की सेवा, सुशासन और जन-भागीदारी के प्रतीक के तौर पर "संकल्प से सिद्धि" के 25 दीये जलाए।

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श्री गोयल ने कहा कि सेवा, सुशासन और जन-भागीदारी प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन के मुख्य सिद्धांत रहे हैं। इसी भावना से प्रेरित होकर, केवीआईसी 'सेवा संकल्प, खादी महोत्सव-2026' के ज़रिए खादी, स्वदेशी, रोज़गार और आत्मनिर्भरता का संदेश फैलाएगा। उन्होंने कहा कि खादी सिर्फ़ एक कपड़ा नहीं है, बल्कि यह आत्म-सम्मान, रोज़गार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वदेशी का प्रतीक है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 'वोकल फ़ॉर लोकल', 'आत्मनिर्भर भारत' और 'लोकल टू ग्लोबल' जैसे अभियानों से स्थानीय उत्पादों और ग्रामीण उद्यमिता को एक नई पहचान मिली है।

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इस कार्यक्रम के दौरान, दिल्ली और पूर्वोत्तर क्षेत्रों के कारीगरों को मशीनें और टूलकिट वितरित किए गए। श्री गोयल ने कहा कि ये सिर्फ़ उपकरण नहीं हैं, बल्कि कारीगरों के लिए रोज़गार, आत्मनिर्भरता और सम्मान के नए अवसर हैं। नया व्‍यवसाय शुरू करने के लिए पीएमईजीपी के तहत 289 करोड़ रुपए का वित्‍तीय सहायता (मार्जिन मनी सब्‍सिडी) भी संवितरित की गई। इससे देश भर में 3,366 नई परियोजनाएं शुरू होंगी और लगभग 37,026 लोगों के लिए रोज़गार के अवसर सृजित होंगे। इन परियोजनाओं के लिए लगभग 873 करोड़ रुपए का बैंक ऋण दिया गया है। कार्यक्रम में 5,000 नई पीएमईजीपी यूनिट्स ऑनलाइन शुरू की गईं। उन्होंने कहा कि पीएमईजीपी का उद्देश्‍य युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों को नौकरी पाने वालों के स्‍थान पर नौकरी प्रदाता बनाना है।

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इस कार्यक्रम में केवीआईसी की डिजिटल सेवाओं को अधिक सुगम और प्रभावी बनाने के उद्देश्‍य  से ई-कॉमर्स पोर्टल, पीएमईजीपी ऑनलाइन ईडीपी पोर्टल, पीएमईजीपी ऑनलाइन ईडीपी मोबाइल ऐप, हिंदी वैभव पोर्टल और केवीआईसी डिजिटल 2.0 लॉन्च किए गए। इसके साथ ही, पूरे देश में 760 व्यक्तिगत और समूह में कार्यशालाओं तथा नए रूप में तैयार किए गए स्टोर का ऑनलाइन उद्घाटन किया गया एवं खादी और ग्रामोद्योग प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। कार्यक्रम स्थल पर सेल्फी पॉइंट का उद्घाटन, चरखा चलाने का सजीव प्रदर्शन (लाइव डेमो) और "स्वदेशी संकल्प" अभियान जैसी गतिविधियां भी आयोजित की गईं। अलग-अलग कौशल विकास पाठ्यक्रम में प्रशिक्षण लेने वाले उम्मीदवारों को प्रमाणपत्र दिए गए। गांधी दर्शन स्थित केवीआईसी कार्यालय परिसर में सफाई अभियान चलाया गया और केवीआईसी के अध्‍यक्ष श्री मनोज गोयल ने पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण और साफ़-सुथरे परिसर का संदेश दिया।

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"सेवा संकल्प, खादी महोत्सव 2026" के तहत, 17 अक्टूबर तक पूरे देश में सफाई अभियान, वृक्षारोपण, खादी यात्राएं, स्वदेशी संकल्प, जागरूकता कार्यक्रम, कारीगरों के साथ बातचीत और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों में स्कूलों, गांवों, कस्बों और खादी संस्थानों को शामिल किया जाएगा। श्री गोयल ने कहा कि केवीआईसी का प्रयास है कि यह महोत्सव केवल एक विभागीय कार्यक्रम बनकर न रहे, बल्कि लोगों का अभियान और जन-भागीदारी का उत्सव बने। उन्होंने कहा कि प्रत्‍येक स्कूल में खादी के बारे में बातचीत हो, प्रत्‍येक  गांव में ग्रामीण उद्योगों की चर्चा हो और प्रत्‍येक बाज़ार में स्वदेशी की बात हो।

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'सेवा संकल्प, खादी महोत्सव' को 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान से भी जोड़ा जाएगा। इस वर्ष 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान का विषय 'स्वच्छता में भागीदारी, स्वच्छ भारत, विकसित भारत' है। श्री गोयल ने कहा, "स्वच्छता सेवा है, स्वदेशी सेवा है, रोज़गार देना सेवा है और कारीगरों का सम्मान करना सेवा है।" उन्होंने देश भर के कारीगरों, खादी संस्थानों, पीएमईजीपी लाभार्थियों, युवाओं और केवीआईसी परिवार से "सेवा संकल्प, खादी महोत्सव 2026" में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया।

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इस अवसर पर श्री मनोज गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के मार्गदर्शन में खादी ने एक नया आयाम हासिल किया है। आज खादी 'आत्मनिर्भर भारत', 'वोकल फॉर लोकल', 'लोकल टू ग्लोबल' और 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को पूरा करने का एक सशक्त माध्यम बन गई है। उन्होंने कहा कि खादी सिर्फ़ एक कपड़ा नहीं है, बल्कि लाखों कारीगरों और बुनकरों की आजीविका का साधन और भारत की सांस्कृतिक विरासत तथा सतत विकास का प्रतीक है।

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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की दूरदर्शी सोच और नीतियों की वजह से खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 में, खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र का 1.87 लाख करोड़ रुपए से अधिक कारोबार हुआ, जबकि इस क्षेत्र से कुल आय 1.87 लाख करोड़ रुपए हुई। इसमें 2.04 करोड़ से अधिक लोगों को रोज़गार मिला है। उन्होंने भरोसा जताया कि आगामी वर्षों में यह क्षेत्र 2.51 लाख करोड़ रुपए के कारोबार का लक्ष्य हासिल कर लेगा।

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पीके/केसी/एमके


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