विधि एवं न्याय मंत्रालय
विधि और न्याय मंत्रालय ने दिशा 2.0 योजना के तहत नूंह, हरियाणा में टेली-लॉ सेवाओं पर अधिकारी-स्तरीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया
प्रविष्टि तिथि:
15 SEP 2026 6:34PM by PIB Delhi
भारत सरकार के विधि और न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग ने 15 सितंबर 2026 को मिनी सचिवालय, नूंह, हरियाणा में दिशा 2.0 (डिजाइनिंग इनोवेटिव सॉल्यूशंस फॉर होलिस्टिक एक्सेस टू जस्टिस) योजना की टेली-लॉ पहल के तहत एक अधिकारी-स्तरीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता विधि और न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग के संयुक्त सचिव श्री सुरेश कुमार और नूंह के एसडीएम श्री कुंवर आदित्य विक्रम ने की। इसके अलावा, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के उपाध्यक्ष, कॉमन सर्विस सेंटर्स (सीएससी) के अन्य प्रतिनिधियों, ग्राम स्तर के उद्यमियों (वीएलई), पैनल वकीलों, न्याय सहायकों और जमीनी स्तर पर न्याय तक पहुंच को मजबूत करने के लिए काम कर रहे अन्य प्रमुख हितधारकों ने इसमें भाग लिया। इस जागरूकता कार्यशाला में कुल 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

यह जागरूकता कार्यशाला टेली-लॉ कार्यक्रम के बारे में जागरूकता बढ़ाने, प्रौद्योगिकी-सक्षम कानूनी सेवाओं के उपयोग को बढ़ावा देने और नागरिकों—विशेष रूप से ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों—को कानूनी सहायता प्रदान करने में शामिल हितधारकों के बीच समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
यह कार्यक्रम न्याय विभाग के संयुक्त सचिव, अध्यक्ष के प्रारंभिक संबोधन के साथ उद्घाटन सत्र से शुरू हुआ। इसके बाद दिशा 2.0 योजना पर एक प्रस्तुति दी गई, जिसमें टेली-लॉ, न्याय बंधु, विधिक साक्षरता और विधिक जागरूकता कार्यक्रम (एलएलएलएपी), तथा विधि-संजीवनी के एकीकृत कार्यान्वयन के माध्यम से न्याय तक पहुंच को आगे बढ़ाने के इसके दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला गया।

तकनीकी सत्र के दौरान, प्रतिभागियों को टेली-लॉ सेवाओं की कार्यप्रणाली और प्रभाव, कानूनी सहायता के लिए जमीनी स्तर पर पहुँच केंद्र के रूप में सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) की भूमिका तथा नागरिकों के लिए कानूनी परामर्श को सुगम बनाने में ग्राम स्तरीय उद्यमियों (वीएलई) के योगदान के बारे में जानकारी दी गई। सत्र में कानूनी सेवा प्रदाताओं और लाभार्थियों के बीच की दूरी को कम करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्मों के उपयोग के महत्व पर भी जोर दिया गया।
टेली-लॉ पोर्टल और न्याय सेतु एआई-संचालित चैटबॉट का एक लाइव डिमॉन्स्ट्रेशन आयोजित किया गया, ताकि प्रतिभागियों को योजना के तहत उपलब्ध डिजिटल उपकरणों से परिचित कराया जा सके और यह दिखाया जा सके कि नागरिक प्रौद्योगिकी-आधारित प्लेटफॉर्म के माध्यम से किस प्रकार कानूनी जानकारी और सलाह प्राप्त कर सकते हैं।
जागरूकता कार्यशाला का समापन स्टेकहोल्डर्स से हुई चर्चा के साथ हुआ, जिसमें कार्यान्वयन की चुनौतियों, सर्वोत्तम प्रथाओं और कानूनी सेवाओं की पहुँच के विस्तार के अवसरों पर ध्यान केंद्रित किया गया। प्रतिभागियों ने अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में टेली-लॉ सेवाओं के प्रभावी वितरण के संबंध में सुझाव भी साझा किए और प्रश्न भी पूछे।
कार्यशाला का समापन न्याय विभाग के अवर सचिव श्री गौरव कुमार त्रिपाठी द्वारा दिए गए धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिसमें देश भर में न्याय तक पहुँच को सुदृढ़ करने और कानूनी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के प्रति सभी हितधारकों की सामूहिक प्रतिबद्धता को दोहराया गया।

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पीके/केसी/डीवी/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2310651)
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