शिक्षा मंत्रालय
आईआईटी भिलाई के शोधकर्ताओं ने विकसित किया 4D-प्रिंटेबल स्मार्ट हाइड्रोजेल
गर्मी से आकार बदलने के साथ अपशिष्ट जल से प्रदूषक हटाने में सक्षम बहुउद्देशीय सामग्री
सॉफ्ट रोबोटिक्स, स्मार्ट एक्ट्यूएटर्स और पर्यावरणीय प्रदूषण नियंत्रण में उपयोग की संभावनाएं
प्रविष्टि तिथि:
15 SEP 2026 4:36PM by PIB Raipur
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई के शोधकर्ताओं ने एक बहुउद्देशीय स्मार्ट हाइड्रोजेल विकसित किया है, जो गर्म करने पर अपना आकार बदलने के साथ-साथ अपशिष्ट जल से विभिन्न प्रदूषकों को हटाने में भी सक्षम है। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह नई सामग्री भविष्य में सॉफ्ट रोबोटिक्स, स्मार्ट एक्ट्यूएटर्स और पर्यावरणीय प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में उपयोगी साबित हो सकती है। शोध दल में सुदीप्ता पॉल, प्रियंक सिन्हा, अमूल जैन और डॉ. संजीब बनर्जी शामिल हैं।

शोधकर्ताओं ने विशेष रूप से डिजाइन किए गए फोर-आर्म स्टार पॉलिमर को ऐक्रेलिक एसिड, ऐक्रेलामाइड और पॉलीएथिलीन ग्लाइकोल डायएक्रिलेट (पीईजीडीए) के साथ मिलाकर यह हाइड्रोजेल तैयार किया है। इसे पराबैंगनी-ए (यूवीए) प्रकाश की सहायता से तेजी से तैयार किया जा सकता है और विभिन्न संरचनाओं में ढाला जा सकता है। इससे भविष्य में प्रोग्राम किए गए आकार में परिवर्तन करने वाले स्मार्ट उपकरणों और 4D-प्रिंटेबल संरचनाओं के निर्माण की संभावनाएं बढ़ती हैं।
इस हाइड्रोजेल की प्रमुख विशेषता इसका शेप-मेमोरी यानी आकार-स्मृति व्यवहार है। शोधकर्ताओं ने फूल जैसी संरचना के माध्यम से इसका प्रदर्शन किया, जो गर्म करने पर खुल जाती है। प्रयोगों में हाइड्रोजेल ने लगभग 94 प्रतिशत शेप फिक्सिटी और 85 प्रतिशत शेप रिकवरी दर्ज की तथा लगभग 25 सेकंड में अपने प्रोग्राम किए गए आकार में वापस आ गया। बार-बार किए गए आकार-परिवर्तन चक्रों के दौरान भी सामग्री ने अपना प्रदर्शन बनाए रखा।
हाइड्रोजेल ने मजबूत यांत्रिक क्षमता का भी प्रदर्शन किया। एक प्रयोग में केवल एक ग्राम सूखे हाइड्रोजेल ने 250 ग्राम के धातु भार को बार-बार उठाने की क्षमता दिखाई। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह क्षमता हल्के और ऊर्जा-कुशल सॉफ्ट एक्ट्यूएटर्स तथा रोबोटिक प्रणालियों के विकास के लिए इसकी उपयोगिता को दर्शाती है।
इस सामग्री की जल शुद्धिकरण क्षमता का भी परीक्षण किया गया। प्रयोगों में हाइड्रोजेल ने पानी से मेथिलीन ब्लू, रोडामाइन बी और ईओसिन बी जैसे कार्बनिक रंगों के साथ-साथ विषैले लेड (Pb²⁺) आयनों को हटाने की क्षमता प्रदर्शित की। आकार बदलने की क्षमता, यांत्रिक मजबूती और जल से प्रदूषकों को हटाने की क्षमता का एक ही सामग्री में संयोजन इसे बहुउद्देशीय अनुप्रयोगों के लिए विशेष रूप से संभावनाशील बनाता है।
यह शोध पीयर-रिव्यू वैज्ञानिक जर्नल Small Methods में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ताओं के अनुसार, विकसित हाइड्रोजेल प्लेटफॉर्म भविष्य में ऐसे स्मार्ट और 4D-प्रिंटेबल पदार्थों के विकास का आधार बन सकता है, जिनमें प्रोग्राम किए गए आकार परिवर्तन और पर्यावरणीय प्रदूषण नियंत्रण जैसी विभिन्न क्षमताएं एक ही हाइड्रोजेल प्रणाली में एकीकृत की जा सकें।
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आरडीजे/आरएस
(रिलीज़ आईडी: 2310463)
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