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केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल 2026 में समावेशी और भरोसेमंद स्मार्ट वित्तीय प्रणाली का आह्वान किया


केंद्रीय संचार मंत्री ने भारत को दुनिया  का महत्वपूर्ण डेटा सेंटर बताया

एक दशक में ब्रॉडबैंड एक्सेस 6 करोड़ से बढ़कर 103 करोड़ हो गया, इसमें 16 गुना बढ़ोतरी हुई : श्री सिंधिया

केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, 2022 में शुरू की गई भारत की 5जी सेवा अब 26 महीनों में 99.9% जिलों और 85% आबादी तक पहुंच गई है और इस पर 4.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश (कैपेक्स) हुआ है

 मोबाइल फोन नई बैंक शाखा की तरह बन चुके हैं : केंद्रीय संचार मंत्री

प्रविष्टि तिथि: 10 SEP 2026 10:30PM by PIB Delhi

केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने एक समावेशी और विश्वसनीय डिजिटल वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र का आह्वान करते हुए इस बात पर जोर दिया कि फाइनैंस के 'इंटेलिजेंट' बनने से पहले, उसका 'समावेशी' होना जरूरी है। मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल 2026 को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दूरसंचार नेटवर्क एक अदृश्य राजमार्ग जिसे देखा नहीं जा सकता है, वही आधार है जिस पर फिनटेक विकसित होता है। गणना (कंप्यूट ) और विश्वास के साथ मिलकर कनेक्टिविटी एक नई 'डिजिटल ट्रिनिटी' (त्रिमूर्ति) बनाती है जो डिजिटल फाइनेंस के अगले चरण को आगे बढ़ा रही है।


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भारत के डिजिटल बदलाव में व्यापकता पर जोर देते हुए श्री सिंधिया ने कहा कि एक दशक पहले लगभग 25 करोड़ लोगों की इंटरनेट तक पहुंच थी, जबकि आज यह संख्या 100 करोड़ है। ब्रॉडबैंड एक्सेस 6 करोड़ से बढ़कर 103 करोड़ हो गया है, जो 10 सालों में लगभग 16 गुना बढ़ोतरी को दिखाता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि टेक्नोलॉजी पूरे भारत और दुनिया भर में हर जगह उपलब्ध होनी चाहिए।


केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्मार्टफोन बैंक शाखाएं बन गए हैं, जो लोगों को इंटरनेट कनेक्टिविटी से लेकर क्रेडिट और निवेश तक की सुविधा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था में लगभग 6.5 लाख गांवों के शामिल होने के साथ, हर गांव वैश्विक फिनटेक पारिस्थितिकी तंत्र का सदस्य बन सकता है।


भारत में 5जी के तेजी से हो रहे विस्तार का जिक्र करते हुए श्री सिंधिया ने कहा कि 2022 में 5जी शुरू होने के बाद भारत ने 26 महीनों के भीतर 99.9% जिलों में यह सुविधा पहुंचा दी, जिससे लगभग 85% आबादी कवर हो गई। श्री सिंधिया ने यह भी बताया कि इस रोलआउट को 5 लाख से ज्यादा 5जी बेस स्टेशनों का समर्थन मिला है।


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इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ने कम्युनिकेशन की लागत में आई भारी कमी पर उल्लेख किया और बताया कि डेटा की कीमत घटकर लगभग 10 सेंट प्रति जीबी हो गई है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे सस्ती डेटा राजधानी बन गया है, जिससे डिजिटल टेक्नोलॉजी तक पहुंच लगातार आसान हो रही है।


श्री सिंधिया ने यूपीआई के सफर पर रोशनी डाली, जिसकी शुरुआत पहले महीने में लगभग 90,000 ट्रांजैक्शन से हुई थी और आज यह 740 से ज्यादा बैंकों तक पहुंच चुका है। वित्त वर्ष 2025–26 में यूपीआई ने लगभग 24,162 करोड़ ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए, जिनकी कुल वैल्यू लगभग 314 लाख करोड़ रुपये थी। यह भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की क्षमता और उसकी व्यपाकता को दर्शाता है।


केंद्रीय संचार मंत्री ने बताया कि देश के भीतर होने वाले 84% डिजिटल ट्रांजैक्शन यूपीआई के जरिए होते हैं, जबकि दुनिया भर में होने वाले रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट वॉल्यूम में भारत की हिस्सेदारी लगभग 49% है। उन्होंने इस कामयाबी का श्रेय फिनटेक इकोसिस्टम को दिया और कहा कि भारत की सफलता बड़े पैमाने पर तैयार की गई टेक्नोलॉजी की ताकत को दिखाती है।


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केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वसुधैव कुटुम्बकम के दृष्टिकोण की अभिव्यक्ति के रूप में यूपीआई की सफलता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह टेक्नोलॉजी नौ देशों तक बिना किसी खर्च के पहुंचाई जा रही है, जबकि दुनिया इस मॉडल को अगले 20 देशों तक ले जाने पर विचार कर रही है।

इसके अलावा श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि डिजिटल फाइनेंस का ढांचा ऐसे नेटवर्क पर टिका है जो कनेक्शन, भरोसा और इंटरऑपरेबल प्लेटफॉर्म को जोड़ते हैं, और ये प्लेटफॉर्म अलग-अलग संस्थाओं को आपस में जोड़ते हैं। उन्होंने तीन सिद्धांतों को रेखांकित कियाः जब इंफ्रास्ट्रक्चर खुला होता है तो इनोवेशन का दायरा बढ़ता है; जब इंफ्रास्ट्रक्चर सस्ता होता है तो समावेश का दायरा बढ़ता है; और जब इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षित होता है तो भरोसा बढ़ता है।


जन धन खातों और डिजिलॉकर की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लगभग 60 करोड़ जन धन खातों और डिजिलॉकर पर 9 अरब दस्तावेजों ने लोगों के बीच की दूरी और वित्त तक उनकी पहुंच को काफी कम कर दिया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अब फाइनेंस के लिए बैंक ब्रांच की फिजिकल मौजूदगी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन ही बैंक की शाखा है। उन्होंने कहा कि एक स्मार्टफोन प्रत्येक व्यक्ति तक फिनटेक ले जा सकता है।


श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस बात का उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल और संकल्प की वजह से पूर्वोत्तर क्षेत्र के लगभग हर गांव तक फिनटेक कनेक्टिविटी पहुंच गई है। डिजिटल भारत निधि के जरिए, बिना टेलीकॉम कनेक्टिविटी वाले 34,000 गांवों में लगभग 22,000 टावर लगाए जा रहे हैं, ताकि 100% कवरेज सुनिश्चित किया जा सके।


श्री सिंधिया ने कहा कि जैसे-जैसे भारत मोबाइल के क्षेत्र में 100% कवरेज की दिशा में काम कर रहा है, एक नया नेटवर्क सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जो मोबाइल से लेकर टेरेस्ट्रियल नेटवर्क तक फैला होगा। उन्होंने बाकी गांवों तक पहुंचने के लिए फर्स्ट-माइल, मिडिल-माइल और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी बनाने में ग्राम पंचायतों की भूमिका पर जोर दिया।


केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर भी उल्लेख किया  कि जब देश की एआई क्षमताएं और कंप्यूट पावर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ जुड़ती हैं, तो एआई फाइनेंशियल सलाह और क्रेडिट को पर्सनलाइज कर सकता है और फाइनेंशियल सेवाओं को तेजी से स्वायत्त (ऑटोमैटिक) बना सकता है।


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श्री सिंधिया ने इस बात पर जोर दिया कि अधिक बुद्धिमत्ता के साथ अधिक जिम्मेदारी आती है। उन्होंने लोगों और उनकी वित्तीय सुरक्षा की रक्षा के लिए मजबूत फायरवॉल और सुरक्षा उपायों के साथ वित्तीय प्रणालियों को सुरक्षित करने का आह्वान किया।


'संचार साथी' भारत सरकार की एक पहल है जो नागरिकों को संदिग्ध कनेक्शन से बचाती है और चोरी हुए डिवाइस को ब्लॉक करने की सुविधा देती है। श्री सिंधिया ने एआई-आधारित टूल 'एएसटीआर' के बारे में बताया, जिसने 88 लाख से अधिक संदिग्ध मोबाइल कनेक्शन को बंद करने में मदद की है।


'फाइनेंशियल फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर' संदिग्ध लेन-देन को अलग कर देता है और लोगों के खातों से पैसे निकलने से पहले ही धोखाधड़ी वाले पेमेंट को रोकने में मदद करता है। उन्होंने लोगों और उनकी वित्तीय क्षमताओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बैंकिंग नेटवर्क में एसओपी लागू करने की मांग की।


श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने धोखाधड़ी होने के बाद उसका पता लगाने के बजाय उसे होने से पहले ही रोकने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि 'रिएक्टिव सिक्योरिटी' (घटना के बाद सुरक्षा) से 'प्रेडिक्टिव ट्रस्ट' (पहले से अनुमान लगाकर भरोसा कायम करना) की ओर बढ़ना होना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ने टेलीकॉम, डिजिटल पहचान, यूपीआई और वित्तीय प्रणालियों को एक साथ लाकर वित्त के लिए एक 'ट्रस्ट ग्रिड' बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आधार और यूपीआई के बीच बेहतर तालमेल से हर नागरिक को डिजिटल अर्थव्यवस्था में शामिल होने और उसका लाभ उठाने की क्षमता मिल सकती है।


श्री सिंधिया ने कहा कि अगर 'डिजिटल इंडिया' ने एक्सेस को सबके लिए सुलभ बनाया है, तो 'इंटेलिजेंट इंडिया' को इंटेलिजेंस को सबके लिए सुलभ बनाना होगा। एआई सिर्फ कॉरपोरेट या बैंकों तक ही सीमित नहीं रह सकता। इसे हर नागरिक के लिए उपलब्ध एक ऐसा साधन बनना चाहिए, जिससे हर व्यक्ति हो रहे बदलाव का लाभ उठा सके।


केंद्रीय मंत्री ने भारत के स्वदेशी 4जी दूरसंचार स्टैक पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दूरसंचार स्टैक ऐतिहासिक रूप से बहुत कम देशों और कंपनियों द्वारा विकसित किए गए हैं। भारत ने अब अपना घरेलू 4जी स्टैक तैयार कर लिया है और 5जी पर काम कर रहा है।


श्री सिंधिया ने कहा कि भारत का 6जी मिशन पहले ही शुरू हो चुका है, जिसका लक्ष्य ग्लोबल 6जी पेटेंट में 10% योगदान देना और 6जी स्टैंडर्ड्स के विकास में एक अहम पार्टनर बनना है।

अपनी बात का समापन करते हुए श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत को 'भारत में नवाचार करना चाहिए, भारत में सेवा करनी चाहिए, दुनिया की सेवा करनी चाहिए और सुरक्षित रूप से इसकी सेवा करनी चाहिए।' उन्होंने कहा कि मकसद 'कनेक्टेड इंडिया' से 'इंटेलिजेंट डिजिटल फाइनेंस' और फिर 'एम्पावर्ड फाइनेंस' की ओर बढ़ना और 'डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर' से 'विश्वसनीय इंफ्रास्ट्रक्चर' की ओर बढ़ना होना चाहिए।

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पीके/केसी/आरकेजे


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