कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय
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केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सेवा नियमों को कर्मचारियों और उनके परिवारों के प्रति अधिक संवेदनशीलता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया


डॉ. जितेंद्र सिंह ने 'केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) फोरम' की 'सीएसएस शील्ड' पहल का स्वागत किया और कहा कि सामूहिक सहयोग से जरूरतमंद परिवारों के साथ खड़े रहने की एक नई संस्कृति का निर्माण हो सकता है

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, 'सीएसएस शील्ड' शोक संतप्त परिवारों के एक साथ खड़े रहने की भावना को दर्शाती है

सीएसएस फोरम की 'सीएसएस शील्ड' पहल सीएसएस अधिकारियों के शोक संतप्त परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी

सीएसएस फोरम शोक संतप्त परिवारों के लिए सहायता का विस्तार करने की योजना जिसमें उनके बच्चों के लिए छात्रवृत्तियां भी शामिल हैं

प्रविष्टि तिथि: 05 SEP 2026 2:22PM by PIB Delhi

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज सेवा नियमों को कर्मचारियों और उनके परिवारों के प्रति अधिक संवेदनशीलता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) फोरम की 'सीएसएस शील्ड' पहल का स्वागत करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि ऐसे सामूहिक प्रयास अचानक हुई क्षति के समय परिवारों के साथ खड़े रहने की एक नई संस्कृति का निर्माण कर सकते हैं। इस पहल के शुभारंभ के अवसर पर  उन्होंने कहा कि इस तंत्र को लागू करना मुश्किल नहीं बल्कि महत्वपूर्ण बात है सामूहिक इच्छाशक्ति और योगदान देने की तत्परता। उन्होंने कहा कि जब सहकर्मी एक परिवार की तरह शोक संतप्त परिवार का समर्थन करने के लिए इकट्ठा होते हैं, तो यह संगठन से परे एक सार्थक संदेश देता है।

मंत्री महोदय ने केंद्रीय सचिवालय सेवा फोरम द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे, जिसमें केंद्रीय सचिवालय सेवा फोरम के अधिकारियों के शोक संतप्त परिवारों के लिए पारस्परिक सहायता पहल 'सीएसएस शील्ड' का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में सीएसएस फोरम के पदाधिकारी और सदस्य, सेवारत सीएसएस अधिकारी और सहकर्मी, साथ ही स्वर्गीय श्री मोहन चंद्र भट्ट और स्वर्गीय श्री राजेंद्र चंद्र के परिवार के सदस्य उपस्थित थे। डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस पहल के अंतर्गत दोनों दिवंगत अधिकारियों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह पहल कार्मिक मंत्रालय के उस व्यापक प्रयास के अनुरूप है जिसके अन्‍तर्गत सरकारी सेवा प्रणालियों को कर्मचारियों और उनके परिवारों की जरूरतों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समकालीन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हाल के वर्षों में सेवा संबंधी कई प्रावधानों में परिवर्तन किए गए हैं और सरकार जहां भी संभव हो, नए प्रावधान लागू करने या मौजूदा नियमों में संशोधन करने के लिए तत्पर है, ताकि प्रणाली को अधिक संवेदनशील बनाया जा सके।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि नियमों और प्रक्रियाओं की समीक्षा करने और जहां भी मौजूदा व्यवस्थाओं में सुधार किया जा सकता है, वहां आवश्यक बदलाव करने के लिए निरंतर प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी व्यवस्थाएं कर्मचारियों और उनके परिवारों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील और उत्तरदायी बनी रहें।

मंत्री जी ने यह भी सुझाव दिया कि जैसे-जैसे इस पहल में भागीदारी और निधि बढ़ेगी, इसका दायरा और व्यापक हो सकता है। उन्होंने कहा कि दिवंगत सीएसएस अधिकारियों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति को भी इस पहल के माध्यम से दी जाने वाली सहायता के हिस्से के रूप में विचार किया जा सकता है, जिससे परिवारों को तत्काल शोक की अवधि के बाद भी सहायता मिल सकेगी।

सीएसएस शील्ड पहल "परिवार के लिए योगदान, गरिमापूर्ण समर्थन" के सिद्धांत पर आधारित है, जिसका उद्देश्य सीएसएस अधिकारियों के शोक संतप्त परिवारों को सामूहिक वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस पहल का लक्ष्य एक अधिक सुव्यवस्थित और विश्वसनीय तंत्र सुनिश्चित करना है जिसके माध्यम से सेवा समुदाय के सदस्य अपने सहयोगियों के परिवारों के साथ खड़े हो सकें।

इस पहल के विकास के बारे में बात करते हुए, सीएसएस फोरम के प्रतिनिधियों ने कहा कि सीएसएस शील्ड के औपचारिक शुभारंभ से पहले भी फोरम स्वैच्छिक योगदान के माध्यम से दिवंगत सीएसएस अधिकारियों के परिवारों की सहायता कर रहा था। कोविड-19 काल के दौरान, जब कई सीएसएस अधिकारियों ने अपनी जान गंवाई, तो आपसी सहयोग के एक सुनियोजित तंत्र की आवश्यकता और भी प्रबल हो गई।

फोरम ने बताया कि 2020 से अब तक सीएसएस अधिकारियों ने लगभग 65-70 दिवंगत अधिकारियों के परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए सामूहिक रूप से लगभग 1.30 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। इस सहायता में अधिक स्थिरता और निश्चितता लाने के लिए सीएसएस शील्ड पहल को अब औपचारिक रूप दिया गया है।

इस नई पहल के अन्‍तर्गत, फोरम का उद्देश्य शोक संतप्त परिवार को कम से कम 15 लाख रुपये की सहायता प्रदान करना है, जबकि इसका व्यापक लक्ष्य सहभागिता बढ़ने के साथ-साथ सहायता राशि को भी धीरे-धीरे बढ़ाना है। केंद्रीय सचिवालय सेवा के लगभग 13,000 सदस्यों की भागीदारी के साथ, फोरम भविष्य में सहायता राशि को काफी अधिक बढ़ाने की परिकल्पना करता है।

इस कार्यक्रम में दिवंगत श्री मोहन चंद्र भट्ट और दिवंगत श्री राजेंद्र चंद्र को भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके योगदान और सेवा को याद किया गया। श्री भट्ट ने केंद्रीय सचिवालय सेवा और अन्य सरकारी संगठनों में विभिन्न पदों पर कार्य किया था, जबकि श्री राजेंद्र चंद्र ने राजस्व विभाग के प्रशासन प्रभाग में लगभग दो दशकों तक सेवा की।

सीएसएस शील्ड के शुभारंभ ने कठिन समय में अपने सदस्यों और उनके परिवारों के साथ खड़े रहने और "हम साथ मिलकर सेवा करते हैं, हम साथ मिलकर समर्थन करते हैं" की भावना को मजबूत करने के लिए सीएसएस फोरम की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

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पीके/केसी/केएल/एमबी


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