वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
जेम और टेक्सटाइल कमेटी ने रीसाइक्ल्ड व अपसाइक्ल्ड वस्त्रों की खरीद को बढ़ावा देने के लिए किया एमओयू पर हस्ताक्षर
सरकारी खरीदारों के टेक्सटाइस वेस्ट को मूल्य वर्धित उत्पादों में बदलने की जेम की पहल
प्रविष्टि तिथि:
03 SEP 2026 8:57PM by PIB Delhi
भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) और कपड़ा मंत्रालय के अंतर्गत टेक्सटाइल कमेटी (टीसी) ने सार्वजनिक खरीद के माध्यम से प्री-और पोस्ट-कंज्यूमर टेक्सटाइल वेस्ट, कतरन और पुराने कपड़ों से बने रीसाइक्ल्ड और अपसाइक्ल्ड उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए हाथ मिलाया है, जिससे सर्कुलर टेक्सटाइल इकोनॉमी में उद्यमों के लिए नए बाजार के अवसर पैदा होंगे। मुंबई में टेक्सटाइल कमेटी के 62वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करके इस साझेदारी को औपचारिक रूप से शुरू किया गया।
यह सहयोग एक 'वेस्ट-टू-वैल्यू-टू-मार्केट' इकोसिस्टम का निर्माण करेगा, जिससे कपड़ा कचरे, कतरन और पुराने कपड़ों को गुणवत्तापूर्ण मूल्य वर्धित उत्पादों में बदलकर जेम के माध्यम से सरकारी खरीदारों के लिए उपलब्ध कराया जा सकेगा।
इस एमओयू के तहत, टेक्सटाइल कमेटी हितधारकों के परामर्श, क्षमता निर्माण, बाजार अनुसंधान और तकनीकी विनिर्देशों के विकास में सहायता करने के अलावा, रीसाइक्ल्ड और अपसाइक्ल्ड वस्त्र उत्पादों के पात्र निर्माताओं की पहचान, सत्यापन, प्रमाणीकरण और उन्हें मान्यता देगी। जेम
जेम रीसाइक्ल्ड और अपसाइक्ल्ड वस्त्र उत्पादों के लिए समर्पित श्रेणियां बनाएगा, विक्रेता ऑनबोर्डिंग और ऑनलाइन मार्केट लिंकेज की सुविधा देगा, और सरकारी खरीदारों के बीच इन उत्पादों को बढ़ावा देगा। प्रशिक्षण और सहायता से अंतिम छोर तक के अपसाइक्लर्स और रीसाइक्लर्स सार्वजनिक खरीद में प्रभावी ढंग से भाग ले सकेंगे।
यह साझेदारी हब-एंड-स्पोक दृष्टिकोण का पालन करेगी, जिसमें टेक्सटाइल कमेटी और इसके संबद्ध कार्यालय अंतिम छोर तक पहुंच, अपसाइक्लर्स और रीसाइक्लर्स के एकीकरण और क्षमता निर्माण की सुविधा प्रदान करेंगे, साथ ही सरकारी खरीद के लिए उचित उत्पाद विनिर्देशों और कैटलॉग के विकास में सहायता करेंगे।
महिलाओं, एमएसएमई, स्थानीय उद्यमों, कारीगरों, रीसाइक्लर्स और अन्य सर्कुलर-इकोनॉमी उद्यमों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, यह पहल 'वोकल फॉर लोकल', 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप एक समावेशी, विकेन्द्रीकृत और टिकाऊ उत्पादन इकोसिस्टम के निर्माण का प्रयास करती है।
इस कार्यक्रम की शोभा केंद्रीय कपड़ा मंत्री श्री गिरिराज सिंह और महाराष्ट्र सरकार के कपड़ा मंत्री श्री संजय सावकारे की उपस्थिति से बढ़ी। वरिष्ठ अधिकारियों और उद्योग हितधारकों की उपस्थिति में जेम के अपर सीईओ श्री अजीत बी. चव्हाण और टेक्सटाइल कमेटी के सचिव श्री कार्तिकेय धंडा द्वारा एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
इस महत्वपूर्ण मील के पत्थर के बारे में बात करते हुए जेम के सीईओ श्री मिहिर कुमार ने कहा, "प्रमाणन, मानकीकरण और बाजार तक पहुंच को आपस में जोड़कर, जेम-टीसी साझेदारी टेक्सटाइल वेस्ट से बने उत्पादों के लिए एक विश्वसनीय मांग पैदा करना चाहती है। सरकारी खरीद, अपने पैमाने और पहुंच के साथ, कार्यालयों, संस्थानों, उपहार देने और अन्य सार्वजनिक उपयोग की आवश्यकताओं में ऐसे उत्पादों को अपनाने की गति को तेज कर सकती है।"
यह पहल भारत के सर्कुलर और संसाधन-कुशल कपड़ा अर्थव्यवस्था की ओर बदलाव को मजबूत करते हुए संसाधन संरक्षण, टिकाऊ आजीविका और जिम्मेदार खपत व उत्पादन में योगदान देगी।
यह साझेदारी सार्वजनिक खरीद के पैमाने के माध्यम से टेक्सटाइल वेस्ट को आर्थिक अवसर और टिकाऊ बाजार विकास में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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पीके/केसी/एसके/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2306599)
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